Super Over : सिर्फ अरशद या वैभव नहीं, भारत ए की हार के पीछे रहे 3 बड़े कारण

Atul Kumar
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Super Over – भारत ए और श्रीलंका ए के बीच दांबुला में खेला गया ट्राई नेशन सीरीज का चौथा मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी थ्रिलर से कम नहीं रहा। 100 ओवर के खेल के बाद भी जब दोनों टीमें 265-265 रन पर बराबरी पर रहीं तो मुकाबला सुपर ओवर तक पहुंचा। वहां श्रीलंका ए ने बाजी मार ली और भारत ए को टूर्नामेंट में लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा।

पहली नजर में सुपर ओवर में महंगे साबित हुए अरशद खान या फिर वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी को हार की वजह माना जा सकता है, लेकिन असलियत में भारत की हार के पीछे तीन बड़े कारण रहे, जिन्होंने पूरे मैच का रुख बदल दिया।

1. विप्रज निगम की गलती और 10 रन की पेनल्टी

भारत ए की हार का सबसे बड़ा कारण 10 रन की पेनल्टी साबित हुई।

विप्रज निगम ने बल्लेबाजी के दौरान दो बार पिच के डेंजर एरिया में दौड़ लगाई। क्रिकेट नियमों के अनुसार ऐसा करने पर अंपायर विपक्षी टीम को 5 रन की पेनल्टी देते हैं।

चूंकि यह गलती दो बार हुई, इसलिए श्रीलंका ए को कुल 10 रन बोनस में मिल गए। यही वजह रही कि श्रीलंका ने अपनी पारी 10/0 के स्कोर से शुरू की।

अगर ये 10 रन नहीं मिलते तो मैच शायद टाई तक भी नहीं पहुंचता और भारत ए नियमित ओवरों में जीत दर्ज कर सकता था।

2. सुपर ओवर में अरशद खान की महंगी गेंदबाजी

नियमित ओवरों में अरशद खान भारत के हीरो साबित हुए थे।

जब श्रीलंका को आखिरी ओवर में जीत के लिए 5 रन चाहिए थे, तब अरशद ने सिर्फ 4 रन देकर मैच टाई करा दिया। उन्होंने सदीरा समरविक्रमा जैसे सेट बल्लेबाज का विकेट भी हासिल किया।

लेकिन सुपर ओवर में कहानी पूरी तरह बदल गई।

कप्तान तिलक वर्मा ने एक बार फिर अरशद पर भरोसा जताया, लेकिन इस बार वह दबाव नहीं झेल सके।

उन्होंने सुपर ओवर में:

  • 1 वाइड फेंकी
  • 1 नो-बॉल डाली
  • 16 रन खर्च किए

अतिरिक्त रन भारत को बहुत भारी पड़े। श्रीलंका को 17 रन का लक्ष्य मिला, जो अंततः निर्णायक साबित हुआ।

3. सुपर ओवर में नहीं चला वैभव सूर्यवंशी का बल्ला

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से भारतीय फैंस को काफी उम्मीदें थीं।

हालांकि नियमित मैच में भी वह सिर्फ 14 गेंदों में 21 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन असली परीक्षा सुपर ओवर में थी।

भारत को जीत के लिए 17 रन चाहिए थे। सूर्यांश शेडगे ने शुरुआती तीन गेंदों पर सिर्फ 3 रन बनाए। इसके बाद आखिरी तीन गेंदों पर भारत को 14 रन की जरूरत थी और स्ट्राइक वैभव के पास थी।

वैभव ने:

  • चौथी गेंद पर 2 रन लिए
  • पांचवीं गेंद पर चौका लगाया
  • आखिरी गेंद पर कोई रन नहीं बना सके

भारत सुपर ओवर में सिर्फ 9 रन ही बना पाया।

सबसे बड़ी चर्चा इस बात की रही कि आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर वैभव ने सुपर ओवर की पहली गेंद का सामना नहीं किया। कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैभव शुरुआत से स्ट्राइक पर होते तो नतीजा अलग हो सकता था।

सूर्यांश और विप्रज ने बचाई थी भारत की इज्जत

इन गलतियों से पहले भारत ए की बल्लेबाजी भी संकट में थी।

एक समय स्कोर 143 रन पर 7 विकेट था। ऐसे में सूर्यांश शेडगे और विप्रज निगम ने शानदार साझेदारी कर भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

सूर्यांश ने 72 रन बनाए जबकि विप्रज ने 51 रन की अहम पारी खेली। दोनों ने आठवें विकेट के लिए 104 रन जोड़े।

सदीरा समरविक्रमा ने भारत से छीनी जीत

266 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका के लिए सदीरा समरविक्रमा ने 91 रन की शानदार पारी खेली।

उनके अलावा निरोशन डिकवेला ने 37 रन बनाए। इन दोनों बल्लेबाजों की पारियों ने श्रीलंका को मुकाबले में बनाए रखा और अंततः मैच सुपर ओवर तक पहुंचा।

मैच के बाद गरमाया माहौल

सुपर ओवर समाप्त होने के बाद मैदान पर माहौल थोड़ा गर्म हो गया।

वैभव सूर्यवंशी और एक श्रीलंकाई खिलाड़ी के बीच बहस देखने को मिली। दोनों खिलाड़ियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, जिसके बाद अन्य खिलाड़ियों ने बीच-बचाव किया।

यह घटना मैच खत्म होने के बाद चर्चा का विषय बन गई।

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