Richa : खराब फॉर्म को कहा अलविदा, पाकिस्तान मैच के बाद बढ़ा आत्मविश्वास; ऋचा घोष का बड़ा बयान

Atul Kumar
Published On:
Richa

Richa – आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार कैमियो खेलने के बाद भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने कहा है कि इस पारी ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है और अब वह टूर्नामेंट के बाकी मुकाबलों में भी अच्छा प्रदर्शन करने को तैयार हैं।

महिला टी20 विश्व कप शुरू होने से पहले खराब फॉर्म से जूझ रही ऋचा घोष ने पहले इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में अर्धशतक जड़ा और फिर पाकिस्तान के खिलाफ तेजतर्रार पारी खेलकर अपनी लय हासिल करने के संकेत दिए।

पाकिस्तान के खिलाफ पारी से मिला आत्मविश्वास

भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले में ऋचा घोष ने सिर्फ 17 गेंदों पर 34 रन की विस्फोटक पारी खेली थी।

उनकी इस आक्रामक बल्लेबाजी की मदद से भारत ने 170 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में पाकिस्तान की टीम मुकाबला गंवा बैठी।

मैच के बाद ऋचा ने कहा,

“पाकिस्तान के खिलाफ उस पारी से मुझे काफी मदद मिली क्योंकि इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा।”

उनके अनुसार यह पारी आगे के मैचों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए मानसिक मजबूती देने वाली साबित हुई है।

इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मैच ने भी बढ़ाया मनोबल

ऋचा घोष ने बताया कि विश्व कप से पहले इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में खेली गई उनकी 68 रन की पारी ने भी उन्हें काफी आत्मविश्वास दिया।

उन्होंने कहा,

“अभ्यास मैच से भी मेरा मनोबल बढ़ा। बाकी मैचों में भी अच्छा प्रदर्शन करना चाहूंगी।”

इंग्लैंड के खिलाफ यह पारी उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण थी क्योंकि इससे पहले वह लगातार रन बनाने के लिए संघर्ष कर रही थीं।

सीनियर खिलाड़ियों की सलाह आई काम

ऋचा ने स्वीकार किया कि खराब दौर से निकलने में भारतीय टीम की कप्तान Harmanpreet Kaur और उपकप्तान Smriti Mandhana की सलाह ने उनकी काफी मदद की।

उन्होंने कहा,

“मैंने हैरी दी और स्मृति दी से बात की। उन्होंने कहा कि अपना स्वाभाविक खेल खेलो और फोकस बनाए रखो।”

ऋचा ने बताया कि वह फॉर्म में थीं, लेकिन रन नहीं बन पा रहे थे। लगातार नेट्स में मेहनत और वरिष्ठ खिलाड़ियों के मार्गदर्शन ने उन्हें फिर से लय हासिल करने में मदद की।

दीप्ति शर्मा के साथ साझेदारी बनी जीत की कुंजी

पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में ऋचा घोष और Deepti Sharma के बीच छठे विकेट के लिए 45 रन की अहम साझेदारी हुई थी।

ऋचा ने कहा कि दीप्ति के साथ उनकी समझ बहुत अच्छी है क्योंकि दोनों लंबे समय से साथ खेल रही हैं।

उन्होंने कहा,

“हम बंगाल के लिए भी साथ खेलते हैं। मैदान के अंदर और बाहर हमारी अच्छी बातचीत होती है और हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं।”

यही तालमेल पाकिस्तान के खिलाफ भारत के लिए उपयोगी साबित हुआ।

खराब फॉर्म से शानदार वापसी

विश्व कप शुरू होने से पहले ऋचा घोष का बल्ला शांत था।

पिछले कुछ स्कोर

  • 0 रन
  • 6 रन
  • 8 रन
  • 4 रन

इन लगातार खराब प्रदर्शनों के बाद आलोचनाएं भी शुरू हो गई थीं।

लेकिन इसके बाद उन्होंने:

  • इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में 68 रन बनाए
  • पाकिस्तान के खिलाफ 17 गेंदों में 34 रन ठोके

इन दोनों पारियों ने साबित कर दिया कि ऋचा फिर से अपनी लय में लौट चुकी हैं।

भारत के लिए क्यों अहम हैं ऋचा घोष?

ऋचा घोष भारतीय महिला टीम की सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक हैं।

उनकी भूमिका:

  • मध्यक्रम को मजबूती देना
  • अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाना
  • दबाव की परिस्थितियों में मैच फिनिश करना
  • विकेटकीपिंग में योगदान देना

भारत के विश्व कप अभियान में उनकी सफलता बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अगर ऋचा का बल्ला चलता है तो भारतीय टीम का बल्लेबाजी क्रम और अधिक खतरनाक बन जाता है।

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