Pujara – भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने अपने क्रिकेट करियर से जुड़ी कई दिलचस्प बातें साझा की हैं। ऑस्ट्रेलिया में शानदार रिकॉर्ड रखने वाले पुजारा ने बताया कि भारत के बाद अगर किसी देश को वह अपना दूसरा घर मानते हैं तो वह इंग्लैंड है।
हाल ही में मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) की मानद आजीवन सदस्यता पाने वाले पुजारा ने कहा कि काउंटी क्रिकेट खेलने के कारण इंग्लैंड से उनका खास रिश्ता बन गया है।
इंग्लैंड लगता है दूसरा घर
Cheteshwar Pujara ने कहा कि उन्होंने राजकोट के बाद सबसे ज्यादा समय इंग्लैंड में बिताया है। काउंटी क्रिकेट में कई टीमों के लिए खेलने के कारण उन्हें वहां घर जैसा महसूस होता है।
पुजारा ने कहा,
“मैंने काउंटी क्रिकेट में काफी खेला है। जब आप किसी जगह पर इतना क्रिकेट खेलते हैं तो वह आपको घर जैसा लगने लगता है।”
उन्होंने कहा कि एमसीसी का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है।
एमसीसी की आजीवन सदस्यता मिलने पर क्या बोले?
हाल ही में पुजारा को Marylebone Cricket Club की मानद आजीवन सदस्यता से सम्मानित किया गया।
उन्होंने कहा,
“एमसीसी की मानद सदस्यता मिलना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। जब आपके करियर की मेहनत को पहचान मिलती है तो गर्व महसूस होता है।”
एमसीसी की सदस्यता क्रिकेट जगत में एक बड़ा सम्मान माना जाता है।
लॉर्ड्स से जुड़ी हैं खास यादें
Lord’s Cricket Ground पुजारा के लिए बेहद खास मैदान रहा है।
उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स में खेलने और वहां क्रिकेट देखने की उनकी कई यादें हैं।
2011 में पहली बार पहुंचे थे लॉर्ड्स
पुजारा ने बताया कि 2011 में घुटने की सर्जरी के लिए वह लंदन गए थे। उसी दौरान उन्होंने पहली बार लॉर्ड्स का दौरा किया था।
उन्होंने कहा,
“जब आप उस मैदान में कदम रखते हैं तो वहां की ऊर्जा और माहौल बिल्कुल अलग होता है।”
लॉर्ड्स में भारत को मिली दो जीत
पुजारा ने लॉर्ड्स में भारत के लिए तीन टेस्ट मैच खेले।
उनका रिकॉर्ड
- 3 टेस्ट मैच
- भारत को 2 जीत
- भारत के लिए शतक नहीं
हालांकि, उन्होंने काउंटी क्रिकेट में ससेक्स की ओर से खेलते हुए लॉर्ड्स में दोहरा शतक लगाया था।
लॉर्ड्स में शतक नहीं बना पाने का अफसोस
पुजारा ने स्वीकार किया कि अगर वह अपने करियर में कुछ बदलना चाहते तो लॉर्ड्स में शतक बनाना उनकी सबसे बड़ी इच्छा होती।
उन्होंने कहा,
“अगर मैं अपने करियर में कुछ बदलना चाहूं तो लॉर्ड्स में शतक बनाना एक बड़ी उपलब्धि होती।”
लॉर्ड्स की पिच को बताया चुनौतीपूर्ण
पुजारा के अनुसार लॉर्ड्स की पिच किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होती।
उन्होंने बताए कारण
- शुरुआत में गेंदबाजों को मदद मिलती है।
- बल्लेबाज को क्रीज पर समय बिताना पड़ता है।
- ढलान (Slope) को समझना जरूरी होता है।
- तकनीक में बदलाव करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि एक बार बल्लेबाज परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल ले तो यह बल्लेबाजी के लिए शानदार विकेट साबित होती है।
ऑस्ट्रेलिया में भी रहा शानदार रिकॉर्ड
पुजारा ने माना कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया में भी काफी अच्छा रहा है।
उन्होंने कहा,
“ऑस्ट्रेलिया में एक बार निगाह जम जाने के बाद बल्लेबाजी करना थोड़ा आसान हो जाता है।”
हालांकि, उन्होंने माना कि इंग्लैंड में बल्लेबाजी हमेशा अधिक चुनौतीपूर्ण रही है।
भारत के बाद इंग्लैंड से सबसे ज्यादा जुड़ाव
पुजारा का मानना है कि भारत के बाद उन्होंने अपने क्रिकेट का सबसे ज्यादा आनंद इंग्लैंड में लिया।
काउंटी क्रिकेट में लगातार खेलने, लॉर्ड्स से जुड़ी यादों और एमसीसी की सदस्यता ने इंग्लैंड के साथ उनके रिश्ते को और मजबूत बनाया है।















