Commonwealth : इस बार भारत के मेडल क्यों हो सकते हैं कम? जानिए सबसे बड़ी वजह

Atul Kumar
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Commonwealth – कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज आज से स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में हो रहा है। भारत ने इस बार 126 खिलाड़ियों का मजबूत दल भेजा है, जिसमें ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा, स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और विश्व चैंपियन मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

हालांकि, मजबूत टीम होने के बावजूद इस बार भारत के पदकों की संख्या 2022 के मुकाबले कम रहने की संभावना जताई जा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह इस बार कई ऐसे खेलों का कॉमनवेल्थ गेम्स से बाहर होना है, जिनमें भारत पारंपरिक रूप से शानदार प्रदर्शन करता रहा है।

भारत ने भेजा 126 खिलाड़ियों का दल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भारत ने कुल 126 खिलाड़ियों को भेजा है।

भारतीय दल में शामिल हैं—

  • 78 पुरुष खिलाड़ी
  • 48 महिला खिलाड़ी

भारत की सबसे बड़ी उम्मीदें इन खिलाड़ियों से होंगी—

  • नीरज चोपड़ा (एथलेटिक्स)
  • मीराबाई चानू (भारोत्तोलन)
  • लवलीना बोरगोहेन (मुक्केबाजी)

इस बार मेडल कम आने की सबसे बड़ी वजह

बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने कुल 61 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया था।

लेकिन इस बार जिन खेलों में भारत सबसे ज्यादा पदक जीतता रहा है, उनमें से कई को प्रतियोगिता से हटा दिया गया है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से बाहर किए गए प्रमुख खेल—

  • क्रिकेट
  • बैडमिंटन
  • हॉकी
  • स्क्वॉश
  • टेबल टेनिस
  • कुश्ती
  • बीच वॉलीबॉल
  • रग्बी सेवन्स
  • ट्रायथलॉन

इन खेलों के बाहर होने से भारत के पदक जीतने की संभावनाओं पर सीधा असर पड़ेगा।

2022 में इन खेलों से मिले थे 30 पदक

भारत ने बर्मिंघम 2022 में जिन खेलों से सबसे ज्यादा सफलता हासिल की थी, वे इस बार कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं।

भारत के पदक (2022)

  • कुश्ती – 12 पदक
  • टेबल टेनिस – 7 पदक
  • बैडमिंटन – 6 पदक
  • हॉकी – 2 पदक
  • स्क्वॉश – 2 पदक
  • क्रिकेट – 1 पदक

इन खेलों से भारत ने कुल 30 पदक जीते थे, जो इस बार नहीं मिल सकेंगे।

आखिर क्यों हटाए गए इतने खेल?

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की मेजबानी पहले ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य को मिली थी।

लेकिन बढ़ते खर्च और बजट संबंधी समस्याओं के कारण 2023 में विक्टोरिया सरकार ने मेजबानी से हाथ खींच लिया।

इसके बाद सितंबर 2024 में स्कॉटलैंड के ग्लास्गो को नए मेजबान के रूप में चुना गया।

कम समय में आयोजन की तैयारी पूरी करने और खर्च घटाने के लिए आयोजकों ने कई खेलों को कार्यक्रम से बाहर कर दिया।

कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट का इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट पहली बार 1998 में शामिल किया गया था।

उस समय—

  • गोल्ड मेडल – दक्षिण अफ्रीका
  • सिल्वर – ऑस्ट्रेलिया
  • ब्रॉन्ज – न्यूजीलैंड

इसके बाद क्रिकेट 24 साल तक कार्यक्रम से बाहर रहा।

2022 में हुई थी वापसी

बर्मिंघम 2022 में महिला टी20 क्रिकेट के रूप में क्रिकेट की वापसी हुई।

उस संस्करण में—

  • गोल्ड – ऑस्ट्रेलिया
  • सिल्वर – भारत
  • ब्रॉन्ज – न्यूजीलैंड

भारतीय महिला टीम ने ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीतकर नया इतिहास रचा था।

किन खिलाड़ियों पर रहेंगी भारत की नजर?

हालांकि कई खेल कार्यक्रम से बाहर हैं, लेकिन भारत के पास अभी भी कई पदक दावेदार मौजूद हैं।

सबसे ज्यादा उम्मीदें इन खिलाड़ियों से रहेंगी—

  • नीरज चोपड़ा (भाला फेंक)
  • मीराबाई चानू (भारोत्तोलन)
  • लवलीना बोरगोहेन (मुक्केबाजी)

इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भारत की पदक तालिका काफी हद तक निर्भर करेगी।

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