IND vs ZIM – भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 क्रिकेट की बात आते ही ज्यादातर लोगों को लगता है कि मुकाबला पूरी तरह एकतरफा रहा होगा। आंकड़े भारत के पक्ष में जरूर हैं, लेकिन कहानी इतनी भी आसान नहीं है। जिम्बाब्वे ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीन बार टीम इंडिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया है।
अब एक बार फिर दोनों टीमें टी20 सीरीज में आमने-सामने हैं। ऐसे में आइए जानते हैं भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 इंटरनेशनल का पूरा हेड-टू-हेड रिकॉर्ड।
भारत बनाम जिम्बाब्वे टी20 हेड-टू-हेड रिकॉर्ड
भारत और जिम्बाब्वे के बीच अब तक 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले जा चुके हैं।
हेड-टू-हेड आंकड़े
- कुल मैच – 14
- भारत की जीत – 11
- जिम्बाब्वे की जीत – 3
रिकॉर्ड भारत के पक्ष में है, लेकिन जिम्बाब्वे ने तीन मौकों पर भारतीय टीम को चौंकाने में सफलता हासिल की है।
कब-कब जिम्बाब्वे ने भारत को हराया?
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ पहली हार 2015 में मिली थी।
इसके बाद—
- 2015 – हरारे में 10 रन से जीत
- 2016 – हरारे में 2 रन से जीत
- 2024 – हरारे में 13 रन से जीत
इन तीनों मुकाबलों में जिम्बाब्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को मात दी।
किन भारतीय कप्तानों को मिली हार?
जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 में हार झेलने वाले भारतीय कप्तानों की सूची—
- अजिंक्य रहाणे (2015)
- एमएस धोनी (2016)
- शुभमन गिल (2024)
तीनों हार हरारे स्पोर्ट्स क्लब में मिली थीं।
टी20 विश्व कप में नहीं मिली कभी हार
द्विपक्षीय सीरीज में जिम्बाब्वे भारत को तीन बार हराने में सफल रहा है, लेकिन टी20 विश्व कप में भारत का रिकॉर्ड अब भी अजेय है।
विश्व कप के इतिहास में जिम्बाब्वे अभी तक टीम इंडिया को टी20 प्रारूप में नहीं हरा पाया है।
भारत ने कभी नहीं गंवाई टी20 सीरीज
हालांकि जिम्बाब्वे ने तीन मैच जरूर जीते हैं, लेकिन वह आज तक भारत के खिलाफ कोई भी टी20 द्विपक्षीय सीरीज नहीं जीत पाया है।
भारत का सीरीज रिकॉर्ड
- 2010 – भारत ने 2-0 से जीती
- 2015 – 1-1 से ड्रॉ
- 2016 – भारत ने 2-1 से जीती
- 2024 – भारत ने 4-1 से जीती
2015 में दो मैचों की सीरीज 1-1 से बराबरी पर समाप्त हुई थी। यही अब तक एकमात्र मौका है जब जिम्बाब्वे भारत के खिलाफ सीरीज हारने से बचा।
हरारे में फिर होगी नई टक्कर
एक बार फिर भारत और जिम्बाब्वे हरारे में आमने-सामने होंगे।
भारत अपनी शानदार जीत के रिकॉर्ड को और मजबूत करना चाहेगा, जबकि जिम्बाब्वे पिछले वर्षों की तरह एक और बड़ा उलटफेर करने की कोशिश करेगा।















