Pant – भारत के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट की पहली पारी में शानदार अर्धशतक जड़कर एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। पंत ने सोमवार को टेस्ट मैच के दूसरे दिन 89 गेंदों में 63 रन की पारी खेली, जिसमें छह चौके और दो छक्के शामिल रहे।
इस पारी के साथ ही पंत ने दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज विकेटकीपर मार्क बाउचर को पीछे छोड़ दिया। अब पंत विदेशी टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वाले विकेटकीपरों की सूची में छठे स्थान पर पहुंच गए हैं।
पंत ने बाउचर को छोड़ा पीछे
श्रीलंका के खिलाफ 63 रन की पारी पंत का विदेशी टेस्ट मैचों में 17वां 50+ स्कोर था।
इस मामले में उन्होंने मार्क बाउचर को पीछे छोड़ दिया है। बाउचर ने विदेशी टेस्ट मैचों में 16 बार 50 या उससे ज्यादा रन की पारी खेली थी।
अब पंत के नाम 17 विदेशी टेस्ट 50+ स्कोर हो गए हैं।
यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि पंत अभी सिर्फ 28 साल के हैं और उनके पास इस रिकॉर्ड में और ऊपर जाने के लिए काफी समय है।
टॉप-5 में पहुंचने के लिए चाहिए सिर्फ एक और बड़ा स्कोर
पंत अब इस खास सूची में टॉप-5 की दहलीज पर खड़े हैं।
विदेशी टेस्ट मैचों में विकेटकीपरों के सबसे ज्यादा 50+ स्कोर की सूची में:
| खिलाड़ी | देश | 50+ स्कोर |
|---|---|---|
| एडम गिलक्रिस्ट | ऑस्ट्रेलिया | 19 |
| एमएस धोनी | भारत | 19 |
| एलन नॉट | इंग्लैंड | 19 |
| एंडी फ्लावर | जिम्बाब्वे | 18 |
| मैट प्रायर | इंग्लैंड | 18 |
| ऋषभ पंत | भारत | 17 |
| मार्क बाउचर | दक्षिण अफ्रीका | 16 |
पंत को अब एंडी फ्लावर और मैट प्रायर की बराबरी करने के लिए सिर्फ एक और 50+ स्कोर की जरूरत है।
वहीं टॉप-3 में शामिल गिलक्रिस्ट, धोनी और एलन नॉट की बराबरी करने के लिए उन्हें तीन और 50+ स्कोर बनाने होंगे।
धोनी के खास रिकॉर्ड के करीब पहुंचे पंत
इस रिकॉर्ड में सबसे खास बात यह है कि पंत अब अपने ही देश के महान विकेटकीपर एमएस धोनी के करीब पहुंच रहे हैं।
धोनी ने विदेशी टेस्ट मैचों में 19 बार 50+ स्कोर बनाया था।
पंत के नाम अब 17 ऐसे स्कोर हैं। यानी उन्हें धोनी के रिकॉर्ड की बराबरी करने के लिए सिर्फ दो और 50+ पारियों की जरूरत है।
अगर पंत इसी तरह टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी करते रहे तो आने वाले समय में वह धोनी के इस आंकड़े को भी पीछे छोड़ सकते हैं।
पंत ने जुरेल के साथ की शानदार साझेदारी
कोलंबो टेस्ट में पंत ने सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड ही नहीं बनाया, बल्कि भारतीय टीम को भी मुश्किल स्थिति से निकालने में अहम भूमिका निभाई।
पंत ने ध्रुव जुरेल के साथ सातवें विकेट के लिए 112 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की।
इस साझेदारी ने भारतीय पारी को मजबूती दी और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाया।
पंत ने अपनी पारी में आक्रामक अंदाज दिखाया और छह चौके तथा दो छक्के लगाए।
चोट के बाद की शानदार वापसी
पंत ने मैच के दूसरे दिन अपनी पारी को तीन रन से आगे बढ़ाया।
दरअसल, पहले दिन बल्लेबाजी के दौरान हाथ में चोट लगने के बाद वह रिटायर्ड हर्ट हो गए थे। इसके बाद दूसरे दिन वह दोबारा बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे और शानदार अर्धशतक पूरा किया।
हालांकि, उनकी पारी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी।
छक्का लगाने के प्रयास में हुए आउट
पंत 63 रन बनाकर आउट हुए।
पारी के 113वें ओवर में स्पिनर केशर नुवांथा की गेंद पर उन्होंने लॉन्ग ऑफ के ऊपर से छक्का लगाने की कोशिश की।
लेकिन गेंद को सही तरह से टाइम नहीं कर सके और लाहिरु उदारा ने उनका कैच पकड़ लिया।
इस तरह पंत की शानदार पारी का अंत हुआ।
न्यूजीलैंड दौरे पर बन सकता है नंबर-1
पंत के पास इस रिकॉर्ड में नंबर-1 बनने का भी शानदार मौका है।
भारत को श्रीलंका दौरे के बाद नवंबर 2026 में न्यूजीलैंड में दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है।
अगर पंत श्रीलंका के खिलाफ मौजूदा टेस्ट और न्यूजीलैंड दौरे पर लगातार 50+ स्कोर बनाने में सफल रहते हैं तो वह इस सूची में तेजी से ऊपर जा सकते हैं।
उनकी मौजूदा उम्र और टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी की क्षमता को देखते हुए विदेशी टेस्ट में विकेटकीपर के सबसे ज्यादा 50+ स्कोर का रिकॉर्ड उनके निशाने पर आ सकता है।
पंत का टेस्ट करियर लगातार हो रहा है मजबूत
ऋषभ पंत ने 52 टेस्ट मैचों में अब तक 21 अर्धशतक लगाए हैं।
उनका सबसे बड़ा हथियार उनका आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज है। वह टेस्ट क्रिकेट में भी तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं और विदेशी परिस्थितियों में कई यादगार पारियां खेल चुके हैं।
श्रीलंका के खिलाफ 63 रन की यह पारी भी इसी कड़ी का हिस्सा है।













