Rishabh Pant – ऋषभ पंत के पास श्रीलंका की धरती पर इतिहास रचने का शानदार मौका था, लेकिन एक खराब शॉट ने उनके हाथ से यह सुनहरा अवसर छीन लिया। कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट की पहली पारी में पंत 63 रन बनाकर आउट हुए।
पंत अगर अपनी इस पारी को शतक में बदलने में कामयाब रहते तो वह श्रीलंका की धरती पर टेस्ट शतक लगाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज बन सकते थे। हालांकि, लंच के बाद पहली ही गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में वह अपना विकेट गंवा बैठे।
पंत के पास था इतिहास रचने का मौका
ऋषभ पंत ने कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 89 गेंदों पर 63 रन बनाए, जिसमें छह चौके और दो छक्के शामिल रहे।
पंत धीरे-धीरे अपनी पारी को बड़े स्कोर में बदलने की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन लंच के बाद पारी की पहली गेंद पर उन्होंने लॉन्ग ऑफ के ऊपर से छक्का लगाने की कोशिश की।
गेंद से उनका संपर्क सही नहीं हुआ और वह कैच आउट हो गए।
अगर पंत थोड़ा और संयम दिखाते और अपनी अर्धशतकीय पारी को शतक में बदल देते तो भारतीय क्रिकेट के इतिहास में उनका नाम एक खास रिकॉर्ड के साथ दर्ज हो जाता।
श्रीलंका में कोई भारतीय विकेटकीपर नहीं लगा पाया टेस्ट शतक
श्रीलंका में भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाजों का रिकॉर्ड अच्छा रहा है, लेकिन अभी तक कोई भी भारतीय विकेटकीपर टेस्ट शतक नहीं लगा पाया है।
एमएस धोनी, ऋद्धिमान साहा और अब ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों के पास यह उपलब्धि हासिल करने का मौका आया, लेकिन कोई भी तीन अंकों तक नहीं पहुंच सका।
यही वजह है कि पंत की 63 रन की पारी को लेकर यह सवाल और भी बड़ा हो गया है कि आखिर श्रीलंका में भारतीय विकेटकीपर का पहला टेस्ट शतक कब आएगा?
धोनी के नाम है सबसे बड़ा स्कोर
श्रीलंका में भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाजों के सबसे बड़े स्कोर की बात करें तो एमएस धोनी इस सूची में सबसे ऊपर हैं।
धोनी ने 2010 के श्रीलंका दौरे पर 76 रन की पारी खेली थी।
वहीं पूर्व भारतीय विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा ने श्रीलंका के खिलाफ एक पारी में 67 रन बनाए थे।
अब पंत 63 रन के साथ इस सूची में अगली बड़ी पारी खेलने वाले भारतीय विकेटकीपर बन गए हैं, लेकिन वह धोनी के 76 रन के रिकॉर्ड को तोड़ने से पहले ही आउट हो गए।
श्रीलंका में पंत का रिकॉर्ड
ऋषभ पंत ने श्रीलंका के खिलाफ अब तक दो टेस्ट मैचों में तीन पारियां खेली हैं और उनके नाम 168 रन हैं।
उनका श्रीलंका में सर्वश्रेष्ठ स्कोर 66 रन है, जो उन्होंने गॉल टेस्ट की दूसरी पारी में बनाया था।
यानी पंत के पास श्रीलंका में लगातार दो टेस्ट में अर्धशतक लगाने के बावजूद शतक से चूकने का सिलसिला जारी है।
वहीं धोनी ने श्रीलंका में तीन टेस्ट मैचों की चार पारियों में कुल 128 रन बनाए थे और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 76 रन था।
ऋद्धिमान साहा के नाम भी खास रिकॉर्ड
श्रीलंका में भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाजों के बीच सबसे ज्यादा कुल रन बनाने का रिकॉर्ड ऋद्धिमान साहा के नाम बताया जाता है।
साहा ने श्रीलंका में कुल 230 रन बनाए थे।
धोनी के नाम 128 रन थे, जबकि पंत अब तीन पारियों में 168 रन बना चुके हैं।
अगर पंत को श्रीलंका में आगे खेलने का मौका मिलता है तो वह साहा के इस रिकॉर्ड को भी चुनौती दे सकते हैं।
पहले टेस्ट में भी पंत शतक से चूके
यह पहली बार नहीं है जब ऋषभ पंत श्रीलंका में टेस्ट शतक के करीब पहुंचकर उससे चूके हैं।
गॉल में खेले गए पहले टेस्ट की दूसरी पारी में भी पंत ने शानदार 66 रन बनाए थे।
वहां भी उन्होंने अर्धशतक तो पूरा किया, लेकिन शतक तक नहीं पहुंच पाए।
अब कोलंबो टेस्ट में 63 रन बनाकर आउट होने के बाद उनके पास श्रीलंका की धरती पर टेस्ट शतक लगाने का एक और बड़ा मौका चला गया है।
अब शायद जल्द नहीं मिलेगा दूसरा मौका
मौजूदा कोलंबो टेस्ट की स्थिति को देखते हुए पंत को इसी मैच में दोबारा बल्लेबाजी करने का मौका मिलना मुश्किल नजर आ रहा है।
भारतीय टीम पहली पारी में 450 से ज्यादा रन बना चुकी है और टीम के पास मजबूत गेंदबाजी आक्रमण भी है।
अगर भारत को दूसरी पारी में बल्लेबाजी की जरूरत नहीं पड़ती है तो पंत के पास इस मैच में शतक पूरा करने का कोई अवसर नहीं बचेगा।
और अगर दूसरी पारी में भारत बल्लेबाजी करता भी है तो मजबूत भारतीय टॉप ऑर्डर के कारण पंत के दोबारा क्रीज पर आने की संभावना कम हो सकती है।
पंत के लिए छूटा सुनहरा मौका
ऋषभ पंत की बल्लेबाजी क्षमता को देखते हुए उनके पास आने वाले वर्षों में श्रीलंका में दोबारा खेलने का मौका जरूर हो सकता है। लेकिन किसी विदेशी दौरे पर परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं होतीं।
इसलिए कोलंबो टेस्ट में 63 रन पर आउट होना उनके लिए एक तरह से छूटा हुआ सुनहरा मौका है।
एक ओर जहां पंत ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं, वहीं श्रीलंका में भारतीय विकेटकीपर के पहले टेस्ट शतक का इंतजार अभी भी जारी है।













