IND vs SL 2nd Test – भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट कोलंबो के एसएससी स्टेडियम में खेला जा रहा है। मुकाबले में टीम इंडिया जीत की दहलीज पर खड़ी है। भारतीय बल्लेबाजों के बाद गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन इस टेस्ट में भारतीय स्पिनर्स की नो बॉल चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
दोनों पारियों को मिलाकर भारतीय स्पिनर्स अब तक 10 नो बॉल फेंक चुके हैं। 2021 के बाद किसी टेस्ट मैच में स्पिन अटैक द्वारा फेंकी गई नो बॉल के मामले में यह तीसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।
खास बात यह है कि इस सूची में दूसरे नंबर पर भी भारत का ही नाम है।
भारतीय स्पिनर्स ने फेंकी 10 नो बॉल
भारत-श्रीलंका दूसरे टेस्ट में भारतीय स्पिन गेंदबाजों ने कुल 10 नो बॉल की हैं। इनमें डेब्यू कर रहे सारांश जैन ने 6 जबकि अनुभवी रवींद्र जडेजा ने 4 नो बॉल फेंकी हैं।
स्पिनर्स की नो बॉल को लेकर यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में एक नो बॉल से न सिर्फ अतिरिक्त रन मिलता है, बल्कि गेंदबाज को दोबारा गेंद डालनी पड़ती है और बल्लेबाज को अतिरिक्त जीवन भी मिल सकता है।
2021 के बाद एक टेस्ट में सबसे ज्यादा स्पिन नो बॉल
| नो बॉल | मुकाबला | मैदान | साल |
|---|---|---|---|
| 15 | अफगानिस्तान vs बांग्लादेश | मीरपुर | 2023 |
| 14 | भारत vs इंग्लैंड | चेन्नई | 2021 |
| 10* | भारत vs श्रीलंका | कोलंबो SSC | 2026 |
| 9 | श्रीलंका vs वेस्टइंडीज | नॉर्थ साउंड | 2021 |
| 9 | भारत vs न्यूजीलैंड | मुंबई WS | 2024 |
*भारत-श्रीलंका टेस्ट के दौरान आंकड़ा।
इस आंकड़े से साफ है कि भारतीय स्पिनर्स का नो बॉल रिकॉर्ड इस मुकाबले में एक बड़ी चर्चा बन गया है।
जडेजा 2021 से सबसे ज्यादा नो बॉल करने वाले स्पिनर
भारत-श्रीलंका मुकाबले के दौरान एक और चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। 2021 के बाद टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा नो बॉल करने वाले स्पिनर रवींद्र जडेजा हैं।
जडेजा 2021 से अब तक 88 नो बॉल कर चुके हैं। खास बात यह है कि इस सूची में दूसरा स्थान रखने वाले गेंदबाज भी 50 नो बॉल के आंकड़े तक नहीं पहुंचे हैं।
2021 के बाद टेस्ट में सबसे ज्यादा नो बॉल करने वाले स्पिनर
| रैंक | स्पिनर | नो बॉल |
| 1 | रवींद्र जडेजा | 88* |
| 2 | नोमान अली | 40 |
| 3 | लसिथ एम्बुलडेनिया | 33 |
| 4 | जैक लीच | 19 |
| 5 | जोमेल वारिकन | 17 |
इस सूची की एक और दिलचस्प बात यह है कि टॉप-5 में सभी स्पिनर बाएं हाथ के हैं।
सारांश जैन ने भी डालीं 6 नो बॉल
कोलंबो टेस्ट में डेब्यू कर रहे सारांश जैन ने भी नो बॉल के मामले में चिंता बढ़ाई है। उन्होंने अब तक 6 नो बॉल की हैं।
वहीं, रवींद्र जडेजा के खाते में 4 नो बॉल हैं। यानी भारतीय स्पिन अटैक की कुल 10 नो बॉल में सबसे ज्यादा हिस्सा डेब्यूटेंट सारांश जैन का है।
नए स्पिनर के लिए टेस्ट क्रिकेट का दबाव और परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, लेकिन लगातार नो बॉल टीम के लिए अतिरिक्त परेशानी पैदा कर सकती हैं।
स्पिन बॉलिंग कोच भी उठा चुके हैं फ्री हिट का मुद्दा
टेस्ट क्रिकेट में नो बॉल के मुद्दे पर भारतीय स्पिन बॉलिंग कोच साईराज बहुतुले भी अपनी राय जाहिर कर चुके हैं।
उनका मानना रहा है कि टेस्ट क्रिकेट में भी नो बॉल के बाद फ्री हिट का नियम लागू करने पर गेंदबाजों के मन में नो बॉल को लेकर ज्यादा सावधानी पैदा हो सकती है।
हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में फिलहाल फ्री हिट का नियम लागू नहीं है।
जडेजा से नहीं थी ऐसी गलती की उम्मीद
रवींद्र जडेजा भारतीय टेस्ट टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं। वह टीम के प्रमुख ऑलराउंडरों में शामिल हैं और उन्हें 90 टेस्ट मैचों का अनुभव है।
ऐसे अनुभवी गेंदबाज से लगातार नो बॉल होना टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय हो सकता है। खासकर तब जब टेस्ट मैच बेहद करीबी स्थिति में हो और हर रन महत्वपूर्ण हो।
जडेजा के अनुभव के कारण युवा स्पिनर्स पर भी उनकी गेंदबाजी का प्रभाव पड़ता है। ऐसे में टीम इंडिया के स्पिन विभाग के लिए नो बॉल की समस्या को जल्द दूर करना जरूरी होगा।
भारत जीत से चार विकेट दूर
मैच की बात करें तो टीम इंडिया ने पहली पारी में 503 रन बनाकर पारी घोषित की थी। इसके जवाब में भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को पहली पारी में 290 रन पर समेट दिया।
दूसरी पारी में भी श्रीलंका के 6 विकेट गिर चुके हैं। ऐसे में भारत को टेस्ट जीतने के लिए अब जल्द से जल्द बाकी चार विकेट हासिल करने होंगे और उसके बाद मिले छोटे लक्ष्य का पीछा करना होगा।
भारत के पास मैच जीतने का शानदार मौका है, लेकिन पांचवें दिन बारिश टीम इंडिया की राह में सबसे बड़ी बाधा बन सकती है।
कोलंबो में बारिश पर टिकी नजरें
27 अगस्त को कोलंबो में बारिश की संभावना ने मैच के नतीजे को लेकर रोमांच बढ़ा दिया है।
भारत जहां जल्दी विकेट लेकर मैच खत्म करना चाहेगा, वहीं बारिश होने पर खेल के ओवर कम हो सकते हैं और मुकाबला ड्रॉ की ओर भी बढ़ सकता है।
ऐसे में भारतीय गेंदबाजों के लिए समय के साथ रेस भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी जितनी श्रीलंका के विकेट लेने की चुनौती।













