PCB – इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान की बल्लेबाजी बुरी तरह फ्लॉप रही है। मुश्किल इंग्लिश परिस्थितियों में पाकिस्तानी बल्लेबाज लगातार संघर्ष करते नजर आए।
टीम की इस हालत पर पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की जमकर आलोचना की है। अकरम ने भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण देते हुए पाकिस्तान में बल्लेबाजी प्रतिभा तैयार करने पर सवाल उठाए हैं।
इंग्लैंड में पाकिस्तान के बल्लेबाजों की खुली पोल
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की बल्लेबाजी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। तीन टेस्ट मैचों की शुरुआती पांच पारियों में पाकिस्तान की टीम एक बार भी 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी।
हालांकि, एजबेस्टन टेस्ट की दूसरी पारी में पाकिस्तान ने 449 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी की कुछ हद तक भरपाई की। इसके बावजूद इंग्लिश परिस्थितियों में टीम के शीर्ष बल्लेबाजों का प्रदर्शन सवालों के घेरे में रहा।
वसीम अकरम ने PCB से पूछा बड़ा सवाल
पाकिस्तान की बल्लेबाजी पर बात करते हुए वसीम अकरम ने देश की घरेलू क्रिकेट व्यवस्था और पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
अकरम का कहना है कि PSL को शुरू हुए करीब 10 साल हो चुके हैं, लेकिन लीग अब तक ऐसा खास बल्लेबाजी टैलेंट तैयार नहीं कर सकी है, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार प्रभाव छोड़ सके।
उन्होंने माना कि पाकिस्तान ने पिछले कुछ वर्षों में अच्छे तेज गेंदबाज जरूर तैयार किए हैं, लेकिन बल्लेबाजी के मोर्चे पर वैसी सफलता नहीं मिली है।
वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण देकर कही बड़ी बात
वसीम अकरम ने युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान को भी कम उम्र में प्रतिभाशाली बल्लेबाज तैयार करने की जरूरत है।
अकरम के मुताबिक, जिस तरह भारत में बेहद कम उम्र में बल्लेबाजी प्रतिभाएं सामने आ रही हैं, उसी तरह पाकिस्तान को भी अपनी घरेलू व्यवस्था में ऐसे खिलाड़ियों को तलाशने और निखारने पर ध्यान देना चाहिए।
उनका मानना है कि जब पाकिस्तान 14-15 साल की उम्र में शानदार बल्लेबाजी प्रतिभाओं को तैयार करना शुरू करेगा, तभी देश की क्रिकेट में वास्तविक सुधार दिखाई देगा।
अकरम ने क्लब क्रिकेट को बताया असली रास्ता
वसीम अकरम ने पाकिस्तान में रेड बॉल क्रिकेट को मजबूत करने के लिए क्लब क्रिकेट को दोबारा मजबूत करने की जरूरत बताई।
उन्होंने PCB को सुझाव दिया कि कराची और लाहौर जैसे प्रमुख शहरों में क्लब क्रिकेट के विकास पर करीब 100 मिलियन पाकिस्तानी रुपये खर्च किए जाने चाहिए।
अकरम के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने के लिए सिर्फ बड़ी टी20 लीग पर्याप्त नहीं है। इसके लिए जमीनी स्तर पर मजबूत क्रिकेट सिस्टम और नियमित क्लब क्रिकेट बेहद जरूरी है।
इंग्लैंड में तकनीक पर भी उठाए सवाल
वसीम अकरम ने इंग्लैंड में पाकिस्तानी बल्लेबाजों की तकनीक पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों ने फ्रंट फुट का पर्याप्त इस्तेमाल नहीं किया और ओली रॉबिन्सन जैसे गेंदबाजों को क्रीज पर खड़े-खड़े खेलने की कोशिश की।
उन्होंने जोर दिया कि इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में बल्लेबाजों को आत्मविश्वास और साहस के साथ अपने शॉट खेलने पड़ते हैं, लेकिन इसके लिए सबसे पहले टैलेंट और तकनीकी आधार मजबूत होना जरूरी है।
IPL और PSL दोनों का अनुभव रखते हैं अकरम
वसीम अकरम को भारत और पाकिस्तान दोनों की प्रमुख टी20 लीग में काम करने का अनुभव है।
उन्होंने 2010 से 2017 तक कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के साथ गेंदबाजी कोच और मेंटर की भूमिका निभाई। इस दौरान KKR ने दो IPL खिताब जीते।
वहीं PSL में भी अकरम ने इस्लामाबाद यूनाइटेड, मुल्तान सुल्तांस और कराची किंग्स जैसी टीमों के साथ कोचिंग और मेंटरिंग की जिम्मेदारी संभाली है। इसलिए उन्हें दोनों देशों के घरेलू और टी20 क्रिकेट सिस्टम को करीब से देखने का अनुभव है।
पाकिस्तान सीरीज हारने की कगार पर
इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान की टीम टेस्ट सीरीज में संघर्ष कर रही है। टीम शुरुआती दो टेस्ट मैच गंवा चुकी है और तीन मैचों की सीरीज में 0-3 से हारने की कगार पर है।
बल्लेबाजी की कमजोरी इस सीरीज में पाकिस्तान की सबसे बड़ी चिंता बनकर सामने आई है। ऐसे में वसीम अकरम की यह टिप्पणी PCB के लिए घरेलू क्रिकेट और युवा बल्लेबाजी प्रतिभाओं के विकास पर दोबारा विचार करने का संकेत मानी जा सकती है।













