PAK vs ENG – इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच एजबेस्टन में खेले जा रहे तीसरे और आखिरी टेस्ट में पाकिस्तान ने शानदार पलटवार किया है। पहली पारी में महज 133 रन पर ऑलआउट होने के बाद 320 रन से पिछड़ रही पाकिस्तान की टीम ने दूसरी पारी में 449 रन बनाकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया।
पाकिस्तान की इस शानदार वापसी में कप्तान बाबर आजम, शान मसूद, अजान अवैस और रजाउल्लाह खान ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा टेस्ट डेब्यू कर रहे नंबर-9 बल्लेबाज रजाउल्लाह की हो रही है, जिन्होंने अपनी 81 रनों की तूफानी पारी में 9 छक्के जड़कर वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
डेब्यू टेस्ट में रजाउल्लाह ने मचाई तबाही
पाकिस्तान के लिए नंबर-9 पर बल्लेबाजी करने उतरे रजाउल्लाह ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर खबर ली।
उन्होंने 63 गेंदों में 81 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 9 छक्के शामिल रहे।
रजाउल्लाह की इस पारी ने न सिर्फ पाकिस्तान को मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकाला, बल्कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट के एक खास रिकॉर्ड की बराबरी भी करा दी।
18 साल बाद टिम साउदी के रिकॉर्ड की बराबरी
रजाउल्लाह ने डेब्यू टेस्ट की एक पारी में 9 छक्के लगाए।
इसके साथ ही उन्होंने न्यूजीलैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज टिम साउदी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। साउदी ने साल 2008 में इंग्लैंड के खिलाफ नेपियर टेस्ट में अपने डेब्यू मुकाबले की एक पारी में 9 छक्के लगाए थे।
करीब 18 साल बाद रजाउल्लाह ने इस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
डेब्यू टेस्ट की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के
| छक्के | खिलाड़ी | विपक्षी | स्थान | साल |
|---|---|---|---|---|
| 9 | टिम साउदी | इंग्लैंड | नेपियर | 2008 |
| 9 | रजाउल्लाह | इंग्लैंड | बर्मिंघम | 2026* |
| 7 | काइल मेयर्स | बांग्लादेश | चटगांव | 2021 |
इस लिस्ट में रजाउल्लाह और टिम साउदी संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं।
पाकिस्तान की पारी में लगे 12 छक्के
रजाउल्लाह की विस्फोटक बल्लेबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान की पूरी दूसरी पारी में कुल 12 छक्के लगे।
इनमें से अकेले 9 छक्के रजाउल्लाह के बल्ले से निकले।
पाकिस्तान के टेस्ट इतिहास में यह एक पारी में लगाए गए सबसे ज्यादा छक्कों में से एक है। टीम इससे पहले एक पारी में 15 छक्के और दो बार 13-13 छक्के लगा चुकी है।
पाकिस्तान की एक टेस्ट पारी में सबसे ज्यादा छक्के
| छक्के | विपक्षी | स्थान | साल |
|---|---|---|---|
| 15 | न्यूजीलैंड | लाहौर | 2002 |
| 13 | जिम्बाब्वे | शेखपुरा | 1996 |
| 13 | इंग्लैंड | फैसलाबाद | 2005 |
| 12 | भारत | लाहौर | 2006 |
| 12 | श्रीलंका | कराची | 2009 |
| 12 | इंग्लैंड | बर्मिंघम | 2026* |
यानी एजबेस्टन टेस्ट में पाकिस्तान ने अपनी एक टेस्ट पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के रिकॉर्ड की सूची में भी जगह बना ली है।
रजाउल्लाह और अब्बास ने पलटा मैच
पाकिस्तान की दूसरी पारी में एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम 200 रन भी नहीं बना पाएगी। लेकिन शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने संघर्ष किया और इसके बाद निचले क्रम में रजाउल्लाह ने मैच का रुख बदल दिया।
रजाउल्लाह ने मोहम्मद अब्बास के साथ दसवें विकेट के लिए शानदार साझेदारी की।
दोनों ने मिलकर पाकिस्तान को 449 रन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पाकिस्तान ने पहली पारी में 320 रन से पिछड़ने के बावजूद 129 रन की बढ़त हासिल कर ली।
अब इंग्लैंड को टेस्ट मैच जीतने के लिए 130 रन बनाने होंगे।
पाकिस्तान की शानदार वापसी
पाकिस्तान की दूसरी पारी में कप्तान बाबर आजम ने 76 रन बनाए। शान मसूद 95 रन बनाकर शतक से चूक गए।
सलामी बल्लेबाज अजान अवैस ने भी 59 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।
इन बल्लेबाजों के अलावा रजाउल्लाह की 81 रन की पारी ने पाकिस्तान को मुकाबले में पूरी तरह वापस ला दिया।
पाकिस्तान की प्रमुख पारियां
| बल्लेबाज | रन |
|---|---|
| शान मसूद | 95 |
| बाबर आजम | 76 |
| अजान अवैस | 59 |
| रजाउल्लाह | 81 |
| मोहम्मद अब्बास | 42 |
रजाउल्लाह ने जोफ्रा आर्चर के सामने भी नहीं दिखाया डर
अपनी पारी के दौरान रजाउल्लाह का सामना इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर से भी हुआ।
दिन का खेल खत्म होने के बाद रजाउल्लाह ने कहा कि वह आर्चर का सामना करते समय बिल्कुल भी डरे नहीं थे।
उनका कहना था कि जब कोई खिलाड़ी अपने देश के लिए खेलता है तो डरने का सवाल ही नहीं उठता। वह सिर्फ खेल का आनंद ले रहे थे और अपने शॉट्स पर भरोसा कर रहे थे।
रजाउल्लाह ने कहा- मैं बस बैटिंग का मजा ले रहा था
अपनी रिकॉर्डतोड़ पारी के बाद रजाउल्लाह ने अपने बल्लेबाजी प्लान के बारे में भी बताया।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य अपनी बल्लेबाजी को लंबा खींचना था और वह अपने शॉट्स चुनकर खेल रहे थे। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने जब उनके स्लॉट में गेंदबाजी की तो उन्होंने उसका पूरा फायदा उठाया।
उन्होंने यह भी बताया कि इस पारी के दौरान उनके दोनों बैट टूट गए। उनके बैग में कुल छह बैट हैं।
रिकॉर्ड के बारे में पूछे जाने पर रजाउल्लाह ने इसका श्रेय अल्लाह को दिया और कहा कि यह उनके सफर की सिर्फ शुरुआत है।
टॉप ऑर्डर को कोई मैसेज नहीं देना चाहता
जब रजाउल्लाह से पूछा गया कि क्या उनकी पारी पाकिस्तान के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों को कोई संदेश देती है, तो उन्होंने कहा कि वह किसी को कोई संदेश नहीं देना चाहते।
उनका कहना था कि वह अभी सिर्फ सीखने की कोशिश कर रहे हैं।
यह जवाब उनके आत्मविश्वास के साथ-साथ उनकी विनम्रता को भी दिखाता है।
पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण था यह दिन
रजाउल्लाह ने माना कि पाकिस्तान के लिए तीसरे दिन का खेल बेहद महत्वपूर्ण था।
पहली पारी में 320 रन से पिछड़ने के बाद अगर पाकिस्तान जल्दी ऑलआउट हो जाता, तो मुकाबला पूरी तरह इंग्लैंड के हाथ में होता।
लेकिन टीम ने 449 रन बनाकर न सिर्फ बढ़त हासिल की, बल्कि मैच को रोमांचक भी बना दिया।
चौथे दिन इंग्लैंड के सामने 130 रन का लक्ष्य
पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 449 रन बनाए और कुल 129 रन की बढ़त हासिल की।
अब इंग्लैंड को मैच जीतने के लिए 130 रन बनाने होंगे।
इस लिहाज से चौथे दिन का मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। पाकिस्तान के गेंदबाज शुरुआती विकेट लेकर इंग्लैंड पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे, जबकि मेजबान टीम सीरीज में क्लीन स्वीप करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।













