Yadav vs Iyer – भारतीय टी-20 टीम में कप्तानी बदलने के बाद टीम ने एक नया दौर शुरू किया। सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को टीम की कमान सौंपी गई।
मैनेजमेंट की ओर से बदलाव के पीछे उम्र और भविष्य की योजना को प्रमुख कारण बताया गया, लेकिन सूर्यकुमार यादव के बल्ले से लंबे समय से अपेक्षित बड़ी पारियां नहीं निकल रही थीं, यह भी उनके दौर की एक अहम तस्वीर रही।
सूर्यकुमार यादव ने भारत को घरेलू टी-20 विश्व कप में खिताब दिलाने के बाद 2028 ओलंपिक और टी-20 विश्व कप की तैयारियों की बात की थी। हालांकि, बाद में वह टीम से बाहर हो गए। उनकी गैरमौजूदगी में भारत ने कई टी-20 सीरीज खेलीं और श्रेयस अय्यर को कप्तानी की जिम्मेदारी मिली।
दिलचस्प बात यह है कि कप्तानी के मोर्चे पर श्रेयस अय्यर की टीम ने पिछले दो दौरों में बेहतर लय पकड़ी है, लेकिन बल्लेबाज के तौर पर उनके आंकड़े लगातार शानदार नहीं रहे हैं।
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी का दौर क्यों हुआ खत्म?
सूर्यकुमार यादव भारतीय टी-20 टीम के विस्फोटक बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। हालांकि, कप्तानी से हटाए जाने से पहले उनके बल्ले से लगातार बड़ी पारियां नहीं निकल रही थीं।
टी-20 विश्व कप से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने फॉर्म में वापसी के संकेत दिए थे। लेकिन विश्व कप के दौरान अमेरिका के खिलाफ मैच को छोड़ दें तो उनका बल्ला उस स्तर पर नहीं चला, जिसकी उनसे उम्मीद की जाती थी।
भारत ने घरेलू मैदान पर टी-20 विश्व कप का खिताब जीता और सूर्यकुमार यादव ने ट्रॉफी उठाई। इसके बाद उन्होंने 2028 ओलंपिक और अगले टी-20 विश्व कप की तैयारी को लेकर अपनी योजनाओं की बात भी की थी।
लेकिन इसके बाद परिस्थितियां बदलीं और सूर्यकुमार टीम से बाहर हो गए।
श्रेयस अय्यर को मिली टीम की कमान
सूर्यकुमार यादव के बाद भारतीय टीम मैनेजमेंट ने श्रेयस अय्यर को टी-20 टीम की कप्तानी सौंपी।
अय्यर के कप्तान बनने के शुरुआती दौर में टीम का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा। भारत को पहले आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से सीरीज हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ भी भारतीय टीम को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ टीम ने लय हासिल की और सीरीज 3-0 से अपने नाम की। इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाफ भी भारत ने 3-0 से क्लीन स्वीप किया।
इस तरह कप्तान के तौर पर श्रेयस अय्यर की टीम ने पिछली दो सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन उनके व्यक्तिगत बल्लेबाजी आंकड़े उतने प्रभावशाली नहीं रहे।
जिम्बाब्वे के खिलाफ श्रेयस अय्यर का प्रदर्शन
जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 सीरीज में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 से सीरीज जीती। इस सीरीज में वैभव सूर्यवंशी को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।
वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर ने तीनों मैचों में बल्लेबाजी करते हुए कुल 80 रन बनाए।
तीनों मैचों में ऐसा रहा प्रदर्शन
| मैच | गेंद | रन | नतीजा |
|---|---|---|---|
| पहला टी-20 | 24 | 28* | नाबाद |
| दूसरा टी-20 | 20 | 25 | 4 चौके |
| तीसरा टी-20 | 18 | 27 | — |
| कुल | 62 | 80 | — |
अय्यर ने पहले मैच में 24 गेंदों पर नाबाद 28 रन बनाए। दूसरे मुकाबले में 20 गेंदों पर 25 रन की पारी खेली, जबकि तीसरे मैच में 18 गेंदों पर 27 रन बनाए।
अफगानिस्तान के खिलाफ भी बल्ला नहीं चला
इसके बाद भारत और अफगानिस्तान के बीच 13 से 17 सितंबर तक तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेली गई। भारत ने यह सीरीज भी 3-0 से अपने नाम की।
लेकिन कप्तान श्रेयस अय्यर एक बार फिर बल्ले से बड़ी पारी नहीं खेल सके।
| मैच | गेंद | रन |
|---|---|---|
| पहला टी-20 | 5 | 8 |
| दूसरा टी-20 | 11 | 11 |
| तीसरा टी-20 | 20 | 29 |
| कुल | 36 | 48 |
पहले मैच में अय्यर ने 5 गेंदों पर 8 रन बनाए। दूसरे मुकाबले में उनके बल्ले से 11 गेंदों पर 11 रन आए और वह राशिद खान का शिकार बने। तीसरे मैच में उन्होंने 20 गेंदों पर 29 रन बनाए।
पूरी सीरीज में अय्यर के खाते में सिर्फ 48 रन आए।
आयरलैंड सीरीज में भी रहा साधारण प्रदर्शन
कप्तान बनने के बाद आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में भी श्रेयस अय्यर का बल्ला कुछ खास नहीं चला।
दो मैचों में उन्होंने कुल 13 रन बनाए।
- पहले मैच में – 3 रन
- दूसरे मैच में – 10 रन
- दो मैचों का कुल – 13 रन
भारत ने इस सीरीज में 2-0 से हार झेली थी।
इंग्लैंड के खिलाफ दिखा था अय्यर का असली रंग
हालांकि, श्रेयस अय्यर के टी-20 कप्तानी दौर को केवल कमजोर बल्लेबाजी के आंकड़ों से नहीं देखा जा सकता। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 सीरीज में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की थी।
अय्यर ने पांचों मैचों में बल्लेबाजी करते हुए कुल 218 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने 80 रन की नाबाद पारी भी खेली थी।
यानी कप्तान बनने के बाद उनके प्रदर्शन में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
श्रेयस अय्यर का कप्तानी के बाद प्रदर्शन
अगर कप्तान बनने के बाद अलग-अलग सीरीज के आंकड़ों को एक साथ देखें तो तस्वीर कुछ इस तरह नजर आती है:
| सीरीज | मैच | श्रेयस के रन | टीम का प्रदर्शन |
|---|---|---|---|
| आयरलैंड | 2 | 13 | भारत 2-0 से हारा |
| इंग्लैंड | 5 | 218 | अय्यर का शानदार प्रदर्शन |
| जिम्बाब्वे | 3 | 80 | भारत 3-0 से जीता |
| अफगानिस्तान | 3 | 48 | भारत 3-0 से जीता |
यह आंकड़े बताते हैं कि श्रेयस अय्यर का व्यक्तिगत प्रदर्शन लगातार एक जैसा नहीं रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आयरलैंड, जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान के खिलाफ उनके रन अपेक्षाकृत कम रहे।
सूर्या और श्रेयस में तुलना क्यों हो रही है?
सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाने के समय उनके बल्ले से लगातार बड़ी पारियों की कमी चर्चा का विषय बनी थी। अब श्रेयस अय्यर के कप्तान बनने के बाद भी उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
यही वजह है कि दोनों के प्रदर्शन की तुलना शुरू हो गई है।
हालांकि, दोनों खिलाड़ियों की भूमिकाएं, समय और परिस्थितियां अलग रही हैं। इसलिए केवल कुछ सीरीज के आंकड़ों के आधार पर किसी एक खिलाड़ी के प्रदर्शन पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल आंकड़ों से इतना जरूर दिखाई देता है कि कप्तानी बदलने के बाद टीम के नतीजों में सुधार आया है, लेकिन कप्तान के तौर पर श्रेयस अय्यर का व्यक्तिगत बल्लेबाजी प्रदर्शन अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है।
भारत के लिए सबसे अहम क्या है?
भारतीय टी-20 टीम के लिए कप्तानी के साथ-साथ बल्लेबाजी में निरंतरता भी महत्वपूर्ण होगी। जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान के खिलाफ लगातार 3-0 की जीत टीम के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
लेकिन लंबे टूर्नामेंट और बड़े मुकाबलों में कप्तान का बल्ले से योगदान भी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में आने वाली सीरीज में श्रेयस अय्यर के प्रदर्शन पर नजर रहेगी।













