Team India – भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज में टीम इंडिया ने 3-0 से जीत दर्ज की। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए तीसरे मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 221 रन बनाए।
अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने जिस अंदाज में पारी की शुरुआत की, उसे देखकर एक समय ऐसा लग रहा था कि भारत टी-20 क्रिकेट में पहली बार 300 रन का आंकड़ा पार कर सकता है।
हालांकि, अभिषेक के आउट होने के बाद भारतीय मिडिल ऑर्डर उम्मीद के मुताबिक तेजी से रन नहीं बना सका और टीम 221 रन तक ही पहुंच सकी। अब भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने खुद बताया है कि टीम का अगला बड़ा लक्ष्य क्या है।
गंभीर के मुताबिक, भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में भी 300 रन के आंकड़े को लेकर चर्चा होती है।
टीम इंडिया का अगला टारगेट है 300 रन
अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर से टीम के बड़े लक्ष्य को लेकर सवाल किया गया।
गंभीर ने कहा:
“हम अभी भी 300 तक नहीं पहुंचे हैं। तो शायद यह अगला टारगेट है क्योंकि ड्रेसिंग रूम में हमारे पास जिस तरह का टैलेंट है, हमें कुछ जबरदस्त चीजें करनी चाहिए।”
गंभीर के इस बयान से साफ है कि भारतीय टीम सिर्फ मैच जीतने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि टी-20 क्रिकेट में बड़े स्कोर का नया स्तर स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
300 रन के करीब पहुंचकर भी 221 तक रुकी टीम इंडिया
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में तीसरे टी-20 मैच में भारत ने टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी की।
भारत के लिए अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने तूफानी शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पावरप्ले में तेजी से रन बनाए और भारतीय स्कोर को बहुत कम समय में बड़े आंकड़े के करीब पहुंचा दिया।
जब अभिषेक शर्मा 9.5 ओवर में आउट हुए, तब भारत का स्कोर 142 रन था। इस समय ऐसा लग रहा था कि भारत आसानी से 250 से ज्यादा रन बना सकता है और 300 रन का आंकड़ा भी संभव है।
लेकिन अभिषेक के आउट होने के बाद भारतीय मिडिल ऑर्डर उसी गति को बरकरार नहीं रख सका। अंत में भारत का स्कोर 221 रन तक पहुंचा।
अभिषेक शर्मा ने फिर दिखाया तूफानी अंदाज
अभिषेक शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी सीरीज में शानदार बल्लेबाजी की। तीसरे टी-20 में भी उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक क्रिकेट खेला।
उनकी बल्लेबाजी ने भारत को शुरुआती ओवरों में बहुत तेजी से रन बनाने का मौका दिया। संजू सैमसन ने भी उनका अच्छा साथ दिया।
अभिषेक के आउट होने के समय भारत का स्कोर 142 रन था। यानी शुरुआती 10 ओवरों के आसपास ही भारत ने 140 से ज्यादा रन बना लिए थे।
यही वजह थी कि 300 रन का लक्ष्य उस समय असंभव नहीं लग रहा था।
भारत का T20I में सबसे बड़ा स्कोर कितना है?
भारतीय टीम का टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर 297 रन है।
भारत ने यह स्कोर 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ हैदराबाद में बनाया था।
उस मुकाबले में टीम इंडिया 300 रन के आंकड़े से सिर्फ 3 रन दूर रह गई थी।
भारत के 300 के सबसे करीब पहुंचने का रिकॉर्ड
| टीम | रन | विपक्षी टीम | वर्ष | स्थान |
|---|---|---|---|---|
| भारत | 297/6 | बांग्लादेश | 2024 | हैदराबाद |
अब गंभीर के बयान के बाद 297 रन के इस रिकॉर्ड से आगे जाना भारतीय टी-20 टीम के अगले बड़े लक्ष्यों में शामिल हो सकता है।
T20I में सबसे बड़ा स्कोर जिम्बाब्वे के नाम
अगर टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में किसी टीम के सबसे बड़े स्कोर की बात करें तो यह रिकॉर्ड जिम्बाब्वे के नाम है।
जिम्बाब्वे ने 2024 में गाम्बिया के खिलाफ 344 रन बनाए थे। यह टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक पारी में सबसे बड़ा टीम स्कोर है।
इस लिहाज से भारत के 297 रन के रिकॉर्ड और जिम्बाब्वे के 344 रन के बीच अभी काफी अंतर है।
भारत के पास 300 पार करने की क्षमता: गंभीर
गौतम गंभीर ने अपने बयान में ड्रेसिंग रूम में मौजूद प्रतिभा का जिक्र किया। भारतीय टीम के पास अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन जैसे आक्रामक बल्लेबाजों के अलावा कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो तेज गति से रन बना सकते हैं।
टी-20 क्रिकेट में पावरप्ले के दौरान बड़े रन और उसके बाद डेथ ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी से बड़े स्कोर की संभावना बढ़ती है।
अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे मैच में भारत ने शुरुआत में यही दिखाया, लेकिन मिडिल ओवरों में गति थोड़ी कम हो गई।
पहले दो मैचों में भारत को चेज करना पड़ा था
अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में भारत को पहले दो मुकाबलों में पहले बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला था।
भारतीय टीम ने दोनों मुकाबलों में लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छा प्रदर्शन किया और कम ओवरों में ही 150 से अधिक के लक्ष्य हासिल कर लिए।
तीसरे मैच में पहली बार भारत को पहले बल्लेबाजी का मौका मिला और इसी मुकाबले में 300 रन का लक्ष्य चर्चा में आया।
वैभव सूर्यवंशी को लेकर गंभीर ने क्या कहा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर से युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के बारे में भी सवाल किया गया।
गंभीर ने स्पष्ट किया कि वैभव के पास प्रतिभा है, लेकिन टीम में पहले से अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को प्राथमिकता मिलना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा:
“वैभव के नजरिए से, यह बहुत साफ बात थी कि उसे अपने मौके का इंतजार करना होगा। हम जानते हैं कि उसमें किस तरह का टैलेंट है और वह क्या कर सकता है, लेकिन जो पिछले 2-3 साल से अच्छा कर रहा है, वह हमेशा उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जो अभी टीम में आया है।”
उम्र नहीं, प्रदर्शन और टीम में जगह महत्वपूर्ण
गौतम गंभीर ने यह भी कहा कि भारतीय क्रिकेट में किसी खिलाड़ी की उम्र से ज्यादा महत्वपूर्ण उसका प्रदर्शन और टीम में उपलब्ध अवसर हैं।
उन्होंने कहा कि चाहे खिलाड़ी 15 साल का हो या 30 साल का, अगर उसे अपने मौके का इंतजार करना है तो उसे इंतजार करना ही होगा।
गंभीर के मुताबिक जब वैभव को मौका मिलेगा और वह रन बनाएगा, तो उसे आगे भी अधिक मौके मिलेंगे।
टीम इंडिया में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा
भारतीय टी-20 टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और अन्य बल्लेबाजों के प्रदर्शन के बीच वैभव जैसे युवा खिलाड़ी को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
गंभीर ने इसी प्रतिस्पर्धा को भारतीय क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक ड्रेसिंग रूम में प्रतिभा और प्रतिस्पर्धा दोनों जरूरी हैं।













