BCCI Tax – भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने शुक्रवार को बोर्ड की टैक्स व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा कि बीसीसीआई हर साल भारत सरकार को इनकम टैक्स के तौर पर करीब 3,000 करोड़ रुपये देता है। सैकिया का यह बयान ऐसे समय आया है जब बोर्ड की टैक्स व्यवस्था और नए नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट के दायरे को लेकर चर्चा चल रही है।
देवजीत सैकिया ने यह भी स्पष्ट किया कि बीसीसीआई नए स्पोर्ट्स एक्ट से बचने की कोशिश नहीं कर रहा है। उनके मुताबिक, संबंधित प्रक्रिया पूरी होने और जरूरी नोटिफिकेशन जारी होने के बाद बोर्ड नए नियमों के अनुसार काम करेगा।
हर साल करीब 3000 करोड़ रुपये टैक्स देता है BCCI
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि बोर्ड हर साल औसतन करीब 3,000 करोड़ रुपये इनकम टैक्स के रूप में भारत सरकार को देता है।
उनके बयान के मुताबिक, बीसीसीआई को टैक्स में पूरी तरह छूट मिलने की धारणा सही नहीं है। सैकिया ने यह भी कहा कि जहां कुछ अन्य खेल संगठनों को सरकार से ग्रांट मिलती है, वहीं बीसीसीआई सरकार को टैक्स का भुगतान करता है।
यही मुद्दा नए नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट के संदर्भ में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट पर क्या बोले सैकिया?
बीसीसीआई के स्पोर्ट्स एक्ट के दायरे में आने को लेकर देवजीत सैकिया ने बोर्ड का रुख स्पष्ट किया।
उन्होंने कहा:
“स्पोर्ट्स एक्ट को लेकर हमारा रुख बिल्कुल साफ है।”
सैकिया के अनुसार, संबंधित अथॉरिटी को पहले जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद बीसीसीआई को एक्ट के दायरे में लाने और क्रिकेट को ‘डेजिग्नेटेड स्पोर्ट’ घोषित करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जाना होगा।
उन्होंने कहा कि जब यह नोटिफिकेशन जारी होगा, बीसीसीआई तुरंत कार्रवाई शुरू करेगा और नए स्पोर्ट्स एक्ट के नियमों के मुताबिक काम करेगा।
27 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में होगी अगली सुनवाई
बीसीसीआई और स्पोर्ट्स एक्ट से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट में भी चर्चा हुई है। सैकिया ने कहा कि बीसीसीआई इस मामले में 27 अक्टूबर को अगली सुनवाई के दौरान अपनी स्थिति स्पष्ट करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा समय में ऐसी कोई स्थिति नहीं है जैसी पिछली सुनवाई के दौरान चर्चा में आई थी।
BCCI AGM में लिए गए कई बड़े फैसले
बीसीसीआई की शुक्रवार को वार्षिक आम बैठक (AGM) भी हुई। बैठक के बाद देवजीत सैकिया ने मीडिया से बातचीत की और बोर्ड से जुड़े कई मुद्दों पर जानकारी दी।
बोर्ड भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न विषयों पर काम कर रहा है। इनमें टीम से जुड़े फैसलों के साथ-साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से जुड़े आयोजन भी शामिल हैं।
अजीत अगरकर पर फैसला कब होगा?
बीसीसीआई के सामने फिलहाल एक अहम मुद्दा अजीत अगरकर से जुड़ा फैसला भी है। इस पर सैकिया ने कहा कि बोर्ड के पास अभी 15 दिन का समय है।
उन्होंने कहा कि क्रिकेट की दुनिया में 15 दिन काफी लंबा समय होता है और बोर्ड उचित समय पर फैसला करेगा।
सैकिया ने AGM के बाद बीसीसीआई मुख्यालय में पत्रकारों से कहा कि उस दिन किसी व्यक्ति विशेष को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।
उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड के पास अभी समय है और उचित समय आने पर फैसले की जानकारी दी जाएगी।
रांची टेस्ट का वेन्यू बदलने की खबरों को खारिज किया
देवजीत सैकिया ने रांची में होने वाले बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट का आयोजन स्थल बदले जाने की खबरों को भी खारिज किया।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह टेस्ट 19 से 23 फरवरी तक रांची में खेला जाना प्रस्तावित है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारतीय टीम प्रबंधन रांची में मुकाबला नहीं खेलना चाहता।
हालांकि, सैकिया ने कहा कि आयोजन स्थल बदलने को लेकर बीसीसीआई को फिलहाल कोई अनुरोध नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि अभी लगभग छह महीने का समय बाकी है और बोर्ड कुछ दिनों बाद इस पर फैसला करेगा।
रांची टेस्ट पर BCCI की स्थिति
| मुद्दा | BCCI की स्थिति |
|---|---|
| टेस्ट | भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया |
| टूर्नामेंट | बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी |
| प्रस्तावित स्थान | रांची |
| प्रस्तावित तारीख | 19–23 फरवरी |
| वेन्यू बदलने का अनुरोध | फिलहाल प्राप्त नहीं हुआ |













