BCCI – भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई अपनी नई जूनियर क्रिकेट चयनसमिति को सिर्फ खिलाड़ियों के चयन तक सीमित नहीं रखना चाहता। नई समिति को युवा क्रिकेटरों को ड्रग्स, सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग जैसे गंभीर खतरों से बचाने और उन्हें इनके प्रति जागरूक करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी दी जाएगी।
बीसीसीआई की अगली वार्षिक आम बैठक में नई जूनियर चयनसमिति की घोषणा की जाएगी। बोर्ड ने समिति के पांच पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं और आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 5 सितंबर रखी गई है।
युवा खिलाड़ियों को जागरूक करेगी नई समिति
बीसीसीआई ने युवा क्रिकेटरों में मजबूत नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना नई जूनियर चयनसमिति की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल किया है।
इसके तहत युवा खिलाड़ियों को खास तौर पर:
- ड्रग्स के खतरों
- सट्टेबाजी
- मैच फिक्सिंग
- गलत संगत और बाहरी प्रभाव
से बचने के बारे में जागरूक किया जाएगा।
इसके लिए सीनियर और पूर्व क्रिकेटरों के साथ बातचीत तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि युवा खिलाड़ियों को आसानी से प्रभावित या बरगलाया जा सकता है। अंडर-19 स्तर के खिलाड़ियों के सामने भी पैसा और प्रसिद्धि जैसे बड़े आकर्षण होते हैं, इसलिए उन्हें सही शिक्षा और मार्गदर्शन कम उम्र से ही देना जरूरी है।
पांच नए चयनकर्ताओं की होगी नियुक्ति
बीसीसीआई ने जूनियर चयनसमिति के पांच पदों के लिए आवेदन मांगे हैं।
नई समिति मौजूदा जूनियर चयनसमिति की जगह लेगी।
मौजूदा समिति में:
- एस. शरथ – दक्षिण क्षेत्र, अध्यक्ष
- कृष्ण मोहन – उत्तर क्षेत्र
- राणादेब बोस – पूर्व क्षेत्र
- पथिक पटेल – पश्चिम क्षेत्र
- हरविंदर सिंह सोढ़ी – मध्य क्षेत्र
शामिल हैं।
मौजूदा समिति का गठन सितंबर 2021 में किया गया था और अब उसका पांच साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है।
मौजूदा समिति का आखिरी बड़ा काम
मौजूदा जूनियर चयनसमिति का अंतिम कार्य जूनियर ईरानी कप के लिए शेष भारत की अंडर-23 टीम का चयन करना होगा।
इस टीम का मुकाबला सीके नायडू ट्रॉफी के चैंपियन से होगा।
इसके बाद नई चयनसमिति जिम्मेदारी संभालेगी और भारतीय जूनियर क्रिकेट के लिए खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
अंडर-22 तक की टीमों का चयन करेगी नई समिति
नई जूनियर चयनसमिति की जिम्मेदारी काफी व्यापक होगी।
समिति को अंडर-22 तक की आयु वर्ग की टीमों के लिए खिलाड़ियों का चयन करना होगा।
इनमें शामिल होंगे:
- कोचिंग कैंप
- घरेलू प्रतियोगिताएं
- अंतरराष्ट्रीय मुकाबले
- अन्य जूनियर क्रिकेट कार्यक्रम
चयनकर्ताओं को इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर लगातार नजर रखनी होगी और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान उनकी प्रतिभा का मूल्यांकन करना होगा।
मजबूत टैलेंट पूल तैयार करना भी जिम्मेदारी
नई समिति का एक अहम उद्देश्य भारतीय क्रिकेट के लिए मजबूत युवा प्रतिभा पूल तैयार करना भी होगा।
जूनियर स्तर पर अच्छे खिलाड़ियों की पहचान करके उन्हें उचित अवसर और मार्गदर्शन देने से भविष्य में भारतीय सीनियर टीम के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की उपलब्धता बढ़ सकती है।
इसी वजह से नई चयनसमिति की भूमिका सिर्फ टीम चुनने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि खिलाड़ियों के विकास और सही दिशा देने में भी महत्वपूर्ण होगी।
कौन बन सकता है जूनियर चयनकर्ता?
बीसीसीआई ने जूनियर चयनसमिति के लिए पात्रता की शर्तें भी तय की हैं।
इन पदों के लिए वही पूर्व क्रिकेटर आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने:
- कम से कम 25 प्रथम श्रेणी मैच खेले हों।
- कम से कम 5 साल पहले क्रिकेट से संन्यास लिया हो।
इसका उद्देश्य अनुभवी पूर्व खिलाड़ियों को चयन प्रक्रिया में शामिल करना है, ताकि वे अपने अनुभव के आधार पर युवा क्रिकेटरों की प्रतिभा और क्षमता का सही मूल्यांकन कर सकें।
कम उम्र में शुरू होगी एंटी-करप्शन शिक्षा
युवा क्रिकेट में पैसा और प्रसिद्धि बढ़ने के साथ खिलाड़ियों के सामने कई तरह के जोखिम भी बढ़ रहे हैं।
इसी वजह से बीसीसीआई अब खिलाड़ियों को कम उम्र से ही यह समझाना चाहता है कि सट्टेबाजी, मैच फिक्सिंग या प्रतिबंधित पदार्थों से जुड़े मामलों में फंसने से उनका करियर बर्बाद हो सकता है।
पूर्व और सीनियर क्रिकेटरों के अनुभवों के जरिए युवा खिलाड़ियों को वास्तविक उदाहरणों से भी समझाया जा सकता है कि गलत फैसलों का उनके करियर पर कितना गंभीर असर पड़ सकता है।













