DRS – अफगानिस्तान की खराब DRS रणनीति और अंपायरिंग विवाद ने मुल्लांपुर टेस्ट के दूसरे दिन फिर चर्चा छेड़ दी है। लगातार तीसरी बार ऐसा देखने को मिला जब अफगानिस्तान के पास भारतीय बल्लेबाज का विकेट लेने का मौका था, लेकिन या तो DRS नहीं लिया गया या फैसला लेने में देरी हो गई।
शुभमन गिल और ऋषभ पंत को मिले जीवनदान के बाद सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों तक, हर जगह अफगान टीम के फैसलों पर सवाल उठ रहे हैं।
DRS को लेकर फिर फंसा अफगानिस्तान
पहले दिन केएल राहुल को जीवनदान मिलने के बाद दूसरे दिन भी अफगानिस्तान ने दो बड़े मौके गंवा दिए। भारत ने दिन की शुरुआत 368 रन से आगे की और शुभमन गिल व ऋषभ पंत क्रीज पर मौजूद थे।
नई गेंद लेने के बाद अफगान गेंदबाजों ने दबाव बनाना शुरू किया और जल्द ही विकेट का मौका भी बना लिया।
शुभमन गिल को मिला बड़ा जीवनदान
89वें ओवर में अजमतुल्लाह उमरजई की गेंद शुभमन गिल के पैड पर लगी। अफगान खिलाड़ियों ने जोरदार अपील की, लेकिन अंपायर ने उंगली नहीं उठाई।
इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाड़ी DRS लेने को लेकर चर्चा करते रहे। कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी फैसला लेने में काफी देर करते नजर आए और निर्धारित समय निकल गया।
बाद में रिप्ले में दिखा कि गेंद सीधे विकेटों की ओर जा रही थी और गिल LBW आउट हो सकते थे।
गिल वाले मौके का विवरण
| ओवर | गेंदबाज | बल्लेबाज | ऑन-फील्ड फैसला | रिप्ले |
|---|---|---|---|---|
| 89वां | अजमतुल्लाह उमरजई | शुभमन गिल | नॉट आउट | LBW का मजबूत मामला |
अगली ही गेंद पर ऋषभ पंत भी बच गए
गिल ने उस गेंद पर एक रन लिया, जिससे अगली गेंद पर ऋषभ पंत स्ट्राइक पर आ गए।
उमरजई की अगली गेंद पर पंत के बल्ले का किनारा लगा और विकेटकीपर ने शानदार कैच पकड़ लिया। अफगानिस्तान ने फिर अपील की, लेकिन अंपायर ने इस बार भी बल्लेबाज को आउट नहीं दिया।
हैरानी की बात यह रही कि कप्तान शाहिदी ने इस मौके पर भी DRS नहीं लिया।
रिप्ले में बाद में स्पष्ट संकेत मिले कि गेंद बल्ले से लगी थी और DRS लेने पर फैसला अफगानिस्तान के पक्ष में जा सकता था।
पंत वाले मौके का विवरण
| ओवर | बल्लेबाज | घटना | अंपायर का फैसला |
|---|---|---|---|
| 89वां | ऋषभ पंत | एज लगकर विकेटकीपर के पास | नॉट आउट |
पहले दिन केएल राहुल भी बच निकले थे
यह पहली बार नहीं था जब अफगानिस्तान ने ऐसा मौका गंवाया।
मैच के पहले दिन केएल राहुल विकेट के पीछे कैच आउट दिखाई दिए थे। अफगान खिलाड़ियों ने अपील की, लेकिन अंपायर ने आउट नहीं दिया। उस समय भी टीम ने DRS का इस्तेमाल नहीं किया।
बाद में रिप्ले में बल्ले का किनारा नजर आया था।
अफगानिस्तान के गंवाए बड़े मौके
| बल्लेबाज | दिन | संभावित आउट का प्रकार |
|---|---|---|
| केएल राहुल | पहला दिन | एज |
| शुभमन गिल | दूसरा दिन | LBW |
| ऋषभ पंत | दूसरा दिन | एज |
कप्तान शाहिदी पर उठ रहे सवाल
लगातार तीन अहम मौकों पर DRS नहीं लेने के बाद कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी की रणनीति सवालों के घेरे में है।
टेस्ट क्रिकेट में DRS अब कप्तानी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। कई बार सही रिव्यू मैच का रुख बदल देता है। ऐसे में इतने महत्वपूर्ण अवसरों का हाथ से निकल जाना अफगानिस्तान के लिए महंगा साबित हो सकता है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि टीम को DRS लेने के लिए बेहतर संवाद और स्पष्ट निर्णय प्रक्रिया की जरूरत है।
अंपायरिंग भी बनी चर्चा का विषय
सिर्फ अफगानिस्तान की गलती ही नहीं, अंपायरिंग भी सवालों में रही।
तीनों मौकों पर ऑन-फील्ड अंपायर ने बल्लेबाजों को नॉट आउट दिया। हालांकि DRS की व्यवस्था इसी वजह से मौजूद है ताकि गलत फैसलों को सुधारा जा सके।
लेकिन जब टीम समीक्षा ही नहीं लेती, तो अंपायर की गलती का फायदा बल्लेबाजी टीम को मिल जाता है।
मैच पर पड़ सकता है बड़ा असर
टेस्ट क्रिकेट में एक विकेट भी मैच का परिणाम बदल सकता है। यहां अफगानिस्तान ने तीन बड़े विकेट लेने के अवसर गंवाए हैं।
अगर गिल, पंत और राहुल को समय पर आउट कर दिया जाता, तो भारत की पारी कहीं पहले सिमट सकती थी। ऐसे में अफगानिस्तान के लिए मुकाबले में वापसी आसान हो सकती थी।















