India U19 – हरारे की पिच पर जब 310 रन बोर्ड पर चमक रहे थे, तो आम तौर पर ड्रेसिंग रूम में खामोशी छा जाती है। लेकिन इस बार भारतीय अंडर-19 टीम का माहौल अलग था। न कोई घबराहट, न कोई जल्दबाज़ी। और 41.1 ओवर बाद वही स्कोर इतिहास बन गया।
आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर न सिर्फ फाइनल का टिकट कटाया, बल्कि टूर्नामेंट इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज भी पूरा कर दिया।
यह जीत सिर्फ स्कोर का खेल नहीं थी। यह सोच, आत्मविश्वास और हालात को पढ़ने की समझ की जीत थी।
310 रन और पहली बार टूटा 300 का आंकड़ा
अफगानिस्तान ने वो किया, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ पहले कभी नहीं हुआ था।
300+ स्कोर।
फैसल शिनोजादा (110) और उजैरुल्लाह नियाजई (101) ने शतक ठोककर भारत के गेंदबाजों को लंबे समय तक बैकफुट पर रखा। 50 ओवर में अफगानिस्तान का स्कोर था 310/4—और यह भारत के खिलाफ U19 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर बन गया।
मिडिल ओवर्स में भारत ने वापसी की कोशिश की, लेकिन आखिरी 10 ओवरों में अफगान बल्लेबाजों ने खुलकर रन बटोरे और मुकाबले को “टफ चेज” की कैटेगरी में पहुंचा दिया।
ड्रेसिंग रूम की बातचीत: नैचुरल गेम खेलो
इतिहास सामने था, दबाव स्वाभाविक था—लेकिन कप्तान आयुष म्हात्रे ने यहीं मैच पलट दिया।
उनकी रणनीति चौंकाने वाली थी, क्योंकि वह बेहद साधारण थी।
आयुष ने मैच के बाद कहा,
“हमारी बातचीत बहुत सिंपल थी। बस नैचुरल गेम खेलो। पिच बहुत अच्छी थी, बिल्कुल पाटा विकेट। हमें लगा कि अगर हम खुद पर भरोसा रखें, तो यह टोटल आसान हो सकता है।”
यही सोच मैदान पर दिखी—पहली गेंद से।
वैभव सूर्यवंशी: 14 साल का तूफान
चेज की असली नींव 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने रखी।
33 गेंदों में 68 रन—बिना किसी डर के।
भारत ने सिर्फ 10 ओवर में 90 रन ठोक दिए और वहीं से मैच का टेम्परेचर बदल गया।
कप्तान आयुष ने साफ कहा,
“उसने हमें बहुत अच्छी शुरुआत दिलाई। जैसे ही पावरप्ले में रन आए, सारा प्रेशर निकल गया।”
इतनी कम उम्र में इतनी स्पष्ट सोच—यही इस टीम की सबसे बड़ी ताकत दिखी।
एरोन जॉर्ज: सही दिन, सही पारी
पूरे टूर्नामेंट में बल्ला ज्यादा नहीं चला था, लेकिन सेमीफाइनल जैसे बड़े मैच में एरोन जॉर्ज ने बता दिया कि क्लास क्या होती है।
- 104 गेंद
- 115 रन
- संयम + आक्रामकता का सही मिश्रण
आयुष ने उनकी तारीफ में कहा,
“हमें भरोसा था कि वह अपना नैचुरल गेम खेलेगा। उसने पारी को बहुत अच्छे से आगे बढ़ाया।”
यही भरोसा इस टीम को अलग बनाता है—फॉर्म से ज्यादा प्रोसेस पर यकीन।
कप्तान आयुष भी बने भागीदार
कप्तान सिर्फ दिशा नहीं देता, साथ निभाता भी है।
आयुष म्हात्रे ने 59 गेंदों में 62 रन बनाकर यह साबित किया कि वह सिर्फ रणनीतिक कप्तान नहीं, बल्कि बड़े मौकों का बल्लेबाज भी है।
| बल्लेबाज | रन | गेंद |
|---|---|---|
| एरोन जॉर्ज | 115 | 104 |
| वैभव सूर्यवंशी | 68 | 33 |
| आयुष म्हात्रे | 62 | 59 |
भारत ने 41.1 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया—U19 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा सफल चेज।
घबराहट क्यों नहीं हुई? आयुष का जवाब
इतिहास का दबाव? स्कोर का बोझ?
आयुष के मुताबिक—कुछ भी नहीं।
“पिच बहुत अच्छी थी। यह बिल्कुल फ्लैट विकेट था। हमें पता था कि अगर हम अपना नैचुरल गेम खेलेंगे, तो रन आते रहेंगे।”
यही क्रिकेटिंग समझ इस टीम को मैच दर मैच बेहतर बनाती गई है।
10वीं बार फाइनल, भारत की बादशाहत
इस जीत के साथ भारत:
- 10वीं बार U19 वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचा
- अब तक 5 खिताब जीत चुका है
- टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है
यह सिर्फ परंपरा नहीं, सिस्टम की जीत है।
फाइनल की चुनौती इंग्लैंड सामने
अब 6 फरवरी को हरारे में फाइनल है—सामने इंग्लैंड।
आयुष इसे लेकर भी उतने ही शांत दिखे।
“कंडीशंस बहुत अच्छी हैं। हम सिंपल रहेंगे, अपना गेम खेलेंगे और अच्छा एटीट्यूड रखेंगे।”
रिकवरी को लेकर भी कोई चिंता नहीं:
“हमें एक दिन बाद खेलने की आदत है। हम अच्छी तरह से रिकवर कर लेंगे।”



















