Tilak – नवी मुंबई की उस शाम में स्कोरबोर्ड से ज़्यादा शोर था। वॉर्म-अप मैच था, टिकट बिकने की कोई ज़रूरत नहीं थी, नतीजे का कोई दबाव नहीं था—फिर भी जैसे ही तिलक वर्मा बाउंड्री के अंदर उतरे, स्टेडियम ने बता दिया कि यह सिर्फ एक अभ्यास मैच नहीं है। चोट, सर्जरी और एक महीने की लंबी चुप्पी के बाद जब 22 साल का यह बल्लेबाज़ फिर से नीली जर्सी में दिखा, तो माहौल अपने-आप बदल गया।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के वॉर्म-अप मुकाबले में भारत ने 240 रन ठोक दिए, लेकिन इस पहाड़ जैसे स्कोर के बीच तिलक की 19 गेंदों में 45 रन की पारी अलग चमकी। वजह सिर्फ स्ट्राइक रेट 236 नहीं था। वजह थी कहानी।
चोट, सर्जरी और वापसी की लंबी राह
जनवरी की शुरुआत में रणजी ट्रॉफी के दौरान लगी चोट ने तिलक को अचानक रुकने पर मजबूर कर दिया। मामला गंभीर था—अंडकोष की सर्जरी करानी पड़ी। ऐसे मामलों में सिर्फ शरीर नहीं, दिमाग भी रिकवर करता है। एक महीना मैदान से बाहर। न्यूजीलैंड के खिलाफ पूरी टी20 सीरीज मिस। उस दौरान नंबर तीन पर ईशान किशन खेलते रहे और शानदार भी दिखे।
तिलक की रिकवरी बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में हुई। बीसीसीआई की मेडिकल टीम लगातार उनके साथ रही। खुद तिलक को भी भरोसा नहीं था कि वह इतनी जल्दी वापसी कर पाएंगे।
मैदान पर कदम रखते ही बदला माहौल
मैच के बाद बीसीसीआई टीवी पर शेयर किए गए वीडियो में तिलक ने एक बात साफ कही—उन्हें बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि फैंस उनका नाम चिल्लाएंगे।
“जैसे ही मैं बाउंड्री के अंदर गया, हर कोई मेरा नाम ले रहा था। मैंने इसकी कल्पना भी नहीं की थी,” उन्होंने कहा।
यह कोई ओवर-ड्रामेटिक लाइन नहीं थी। उनकी आवाज़ में हैरानी थी। शायद राहत भी।
और उसी शोर का असर उनकी बल्लेबाज़ी में दिखा।
19 गेंद, 45 रन और सीधा संदेश
ईशान किशन और अभिषेक शर्मा पहले ही साउथ अफ्रीका के गेंदबाज़ों को बैकफुट पर धकेल चुके थे। ऐसे में तिलक के पास दो रास्ते थे—या तो सेट होने की कोशिश करें, या लय को आगे बढ़ाएं। उन्होंने दूसरा चुना।
मार्को यानसेन जैसे लंबे और हार्ड लेंथ वाले गेंदबाज़ के सामने भी तिलक हिचकिचाए नहीं। कट, पुल, और सीधे बल्ले से खेले गए शॉट्स—सबमें एक बात साफ थी: शरीर पूरी तरह तैयार है, दिमाग भी।
| बल्लेबाज़ | रन | गेंद | स्ट्राइक रेट |
|---|---|---|---|
| तिलक वर्मा | 45 | 19 | 236.84 |
11वें ओवर में यानसेन ने उन्हें आउट किया, लेकिन तब तक काम हो चुका था।
यह सिर्फ वॉर्म-अप है लेकिन वाइब असली है
तिलक ने स्टेडियम के माहौल को लेकर भी दिल की बात कही।
“मुझे उम्मीद नहीं थी कि स्टेडियम इतना भरा होगा। यह सिर्फ वॉर्म-अप मैच है, लेकिन क्रेज कमाल का है।”
यह लाइन अपने-आप में बहुत कुछ कहती है। टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारत जिस फॉर्म और आत्मविश्वास में दिख रहा है, उसका असर फैंस पर भी है—और शायद विपक्ष पर भी।
टीम इंडिया का मैसेज साफ
भारत ने साउथ अफ्रीका को 30 रनों से हराया। 240/6 का स्कोर। ईशान किशन, अभिषेक शर्मा, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या—सबने योगदान दिया। लेकिन तिलक की पारी ने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को एक अहम संकेत दे दिया।
नंबर तीन की रेस अब एकतरफा नहीं रही।
तिलक क्यों अहम हैं?
तिलक वर्मा सिर्फ एक आक्रामक बल्लेबाज़ नहीं हैं। वह लेफ्ट-हैंड ऑप्शन हैं। मिडिल ओवर्स में स्पिन के खिलाफ स्ट्राइक रोटेट कर सकते हैं और जरूरत पड़े तो गियर भी बदल सकते हैं। टी20 वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में यह प्रोफाइल बहुत काम आती है।
चोट से लौटकर पहली ही पारी में अगर कोई खिलाड़ी यह दिखा दे कि वह मानसिक रूप से भी फ्री है, तो यह टीम के लिए बड़ी राहत होती है।















