WPL – वडोदरा की शाम जैसे-जैसे गहराती गई, वैसे-वैसे दिल्ली कैपिटल्स का स्कोरबोर्ड और चमकदार होता चला गया। फाइनल का दबाव, सामने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जैसी चैंपियन टीम, और दांव पर पहली ट्रॉफी—इन सबके बीच कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स ने बल्ले से ऐसा बयान दिया कि महिला प्रीमियर लीग के इतिहास में यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी।
गुरुवार को खेले गए WPL फाइनल में दिल्ली कैपिटल्स ने चार विकेट पर 203 रन ठोक दिए—जो महिला प्रीमियर लीग प्लेऑफ इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। फाइनल के मंच पर 200 पार जाना सिर्फ रन नहीं, एक मनोवैज्ञानिक बढ़त भी होती है।
जेमिमा रोड्रिग्स: कप्तानी पारी का असली मतलब
जब टीम को स्थिरता चाहिए थी, जेमिमा वहीं खड़ी रहीं।
37 गेंदों में 57 रन, आठ चौकों से सजी यह पारी सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं थी—यह टेम्पो सेट करने वाली पारी थी।
जेमिमा ने तीसरे विकेट के लिए लॉरा वोल्वार्ट के साथ 76 रन जोड़े और पारी को उस मोड़ तक पहुंचाया, जहां से दिल्ली 200 के पार जाने का सपना देख सकती थी।
उनका अर्धशतक 32 गेंदों में आया—शांत, सधा हुआ, लेकिन पूरी तरह कंट्रोल में।
वोल्वार्ट और हेनरी का तूफान
अगर जेमिमा ने नींव रखी, तो आख़िरी ओवरों में लॉरा वोल्वार्ट और चिनेल हेनरी ने उस नींव पर आसमान खड़ा कर दिया।
चौथे विकेट के लिए दोनों ने
24 गेंदों में 55 रन जोड़ दिए—और मैच का रुख पूरी तरह दिल्ली की ओर मोड़ दिया।
- वोल्वार्ट: 44 रन (25 गेंद), तीन चौके, दो छक्के
- चिनेल हेनरी: नाबाद 35 रन (15 गेंद), चार चौके, दो छक्के
खास तौर पर 19वां ओवर, जब हेनरी ने नेदिन डि क्लर्क पर चार चौके और एक छक्का जड़ा—वहीं से 200 का आंकड़ा पक्का हो गया।
प्लेऑफ इतिहास में खास स्कोर
203 रन का यह स्कोर यूं ही खास नहीं है।
WPL प्लेऑफ में इससे बड़ा स्कोर सिर्फ एक बार बना है।
| टीम | स्कोर | मुकाबला |
|---|---|---|
| मुंबई इंडियंस | 213/4 | बनाम गुजरात |
| दिल्ली कैपिटल्स | 203/4 | बनाम RCB (फाइनल) |
दिलचस्प बात यह है कि महिला प्रीमियर लीग में 200+ लक्ष्य सिर्फ एक बार ही सफलतापूर्वक चेज़ हुआ है, जब RCB ने पिछले साल गुजरात जायंट्स के खिलाफ 202 रन बनाए थे—वह मैच भी वडोदरा में ही खेला गया था।
शुरुआत से आक्रामक दिल्ली
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला RCB कप्तान स्मृति मंधाना का था। गेंदबाजी का न्योता मिला और दिल्ली ने उसे पूरे आत्मविश्वास के साथ स्वीकार किया।
शेफाली वर्मा (20) और लिजेल ली (37) ने पावरप्ले में सधी लेकिन आक्रामक शुरुआत दी।
- शेफाली ने लॉरेन बेल पर पारी का पहला चौका जड़ा
- लिजेल ली ने सयाली सतघरे पर लगातार दो छक्के मारे
पावरप्ले में दिल्ली ने
1 विकेट पर 53 रन बना लिए—एक मजबूत प्लेटफॉर्म।
मिडिल ओवर्स में कंट्रोल
लिजेल ली की 30 गेंदों की पारी में
- 3 चौके
- 3 छक्के
नेदिन डि क्लर्क ने उन्हें ग्रेस हैरिस के हाथों कैच कराकर RCB को राहत जरूर दी, लेकिन तब तक दिल्ली की पारी पूरी तरह ट्रैक पर आ चुकी थी।
इसके बाद जेमिमा और वोल्वार्ट ने स्ट्राइक रोटेशन और बाउंड्री हिटिंग का बेहतरीन संतुलन दिखाया।
11वें ओवर में टीम का स्कोर 100 पार पहुंच गया—वो भी बिना किसी घबराहट के।
आख़िरी ओवर्स: दिल्ली का पावर शो
डेथ ओवर्स में चिनेल हेनरी का रोल निर्णायक रहा।
उनकी पावर हिटिंग ने RCB के गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ दी।
वोल्वार्ट अंतिम गेंद पर रन आउट जरूर हुईं, लेकिन तब तक काम हो चुका था।
दिल्ली बनाम RCB: दांव पर क्या है?
| टीम | लक्ष्य |
|---|---|
| दिल्ली कैपिटल्स | पहली WPL ट्रॉफी |
| RCB | दूसरा WPL खिताब |
दिल्ली चार सीजन में चौथी बार फाइनल खेल रही है, लेकिन ट्रॉफी अब तक दूर रही है। दूसरी ओर, RCB पहले ही चैंपियन रह चुकी है और बड़े लक्ष्य चेज़ करने का अनुभव भी उसके पास है।
203 रन का स्कोर सिर्फ रन नहीं, एक मेंटल चैलेंज है।
RCB के लिए यह मुकाबला इतिहास दोहराने या इतिहास बनने—दोनों में से एक होगा।
दिल्ली कैपिटल्स ने फाइनल में यह साफ कर दिया है कि वे सिर्फ पहुंचने नहीं, जीतने आई हैं।















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