Suthar : रणजी से टीम इंडिया तक का सफर, मानव सुथार ने सुनाई अपने संघर्ष की पूरी कहानी

Atul Kumar
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Suthar

Suthar – राजस्थान के 30 वर्षीय ऑलराउंडर मानव सुथार के लिए मुल्लांपुर टेस्ट सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और इंतजार का इनाम साबित हुआ।

अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना ही उनके लिए बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन उन्होंने अपने डेब्यू टेस्ट को और भी खास बना दिया। पहले बल्लेबाजी में उपयोगी रन बनाए और फिर गेंदबाजी में अपनी चौथी ही गेंद पर विकेट लेकर यादगार शुरुआत की।

गली क्रिकेट से टीम इंडिया तक का सफर

मानव सुथार की कहानी उन लाखों भारतीय युवाओं जैसी है, जो छोटे शहरों और मोहल्लों से निकलकर क्रिकेट में बड़ा नाम बनाने का सपना देखते हैं।

उन्होंने बताया कि क्रिकेट उनके परिवार का अहम हिस्सा रहा है। उनके पिता क्रिकेट के बड़े प्रशंसक थे और घर में नियमित रूप से मैच देखे जाते थे। इसी माहौल ने उन्हें भी इस खेल की ओर आकर्षित किया।

मानव सुथार की शुरुआती यात्रा

विवरणजानकारी
राज्यराजस्थान
उम्र30 वर्ष
भूमिकाऑलराउंडर
डेब्यू टेस्टबनाम अफगानिस्तान
घरेलू टीमराजस्थान

सुथार ने कहा,

“मैं बचपन में अपने पिता के साथ क्रिकेट देखता था। फिर दोस्तों के साथ गली क्रिकेट खेलना शुरू किया। वहीं से बल्लेबाजी और गेंदबाजी की शुरुआती सीख मिली।”

कोचों ने बदली जिंदगी

जब मानव 10-11 साल के थे, तब उन्होंने एक क्रिकेट अकादमी जॉइन की।

वहां कोच धीरज और विनोद के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने खेल को निखारा। सही तकनीक और अनुशासित प्रशिक्षण ने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की।

उन्होंने कहा कि उनके कोचों ने सिर्फ क्रिकेट नहीं सिखाया, बल्कि एक खिलाड़ी के तौर पर सोचने का तरीका भी विकसित किया।

राजस्थान अंडर-14 से मिला पहला बड़ा मौका

मानव के करियर का पहला महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उन्हें राजस्थान की अंडर-14 टीम में चुना गया।

यहीं से उन्हें विश्वास मिला कि क्रिकेट को करियर के रूप में अपनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा,

“राजस्थान अंडर-14 टीम में चयन मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी। तभी मुझे लगा कि मैं क्रिकेट में कुछ बड़ा कर सकता हूं।”

लोगों ने कहा पढ़ाई करो, क्रिकेट छोड़ दो

हर सफल खिलाड़ी की तरह मानव सुथार का सफर भी आसान नहीं रहा।

उन्होंने खुलासा किया कि कई लोगों ने उन्हें क्रिकेट छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी थी। लोगों का मानना था कि क्रिकेट में करियर बनाना मुश्किल है और वह अपना समय बर्बाद कर रहे हैं।

संघर्ष के दिन

चुनौतीस्थिति
कड़ी प्रतिस्पर्धालगातार
चयन में इंतजारकई साल
आलोचनाक्रिकेट छोड़ने की सलाह
प्रतिक्रियामेहनत जारी रखी

सुथार ने कहा,

“कई लोगों ने कहा कि क्रिकेट में कोई भविष्य नहीं है। लेकिन मैंने हार नहीं मानी और मेहनत करता रहा।”

घरेलू क्रिकेट में लगातार किया कमाल

मानव सुथार ने 2022-23 रणजी ट्रॉफी के बाद से लगातार शानदार प्रदर्शन किया।

गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देकर उन्होंने खुद को एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया।

प्रथम श्रेणी क्रिकेट रिकॉर्ड

मैचविकेटशतकअर्धशतक
2912916

129 विकेट सिर्फ 29 मैचों में लेना उनके प्रभावशाली गेंदबाजी रिकॉर्ड को दर्शाता है।

आईपीएल में मिला सीमित मौका

मानव ने 2024 में गुजरात टाइटंस के लिए आईपीएल डेब्यू किया था।

हालांकि उन्हें ज्यादा अवसर नहीं मिले। 2025 में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, जबकि 2026 में उन्होंने चार मुकाबले खेले।

आईपीएल सफर

वर्षमैच
20241
20250
20264

कम मौके मिलने के बावजूद उन्होंने अपने खेल पर फोकस बनाए रखा।

डेब्यू टेस्ट में छोड़ी छाप

अफगानिस्तान के खिलाफ अपने पहले टेस्ट में मानव सुथार ने शानदार शुरुआत की।

उन्होंने बल्लेबाजी में 41 गेंदों पर 28 रन बनाए और टीम के स्कोर को आगे बढ़ाने में मदद की।

इसके बाद गेंदबाजी में अपनी चौथी ही गेंद पर विकेट लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यादगार एंट्री की।

डेब्यू टेस्ट प्रदर्शन

विभागप्रदर्शन
बल्लेबाजी28 रन (41 गेंद)
गेंदबाजीचौथी गेंद पर विकेट

ऐसा प्रदर्शन किसी भी खिलाड़ी के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देता है।

सपना हुआ सच

भारतीय टीम की कैप पहनना मानव सुथार के लिए वर्षों के संघर्ष का परिणाम था।

उन्होंने कहा कि घरेलू क्रिकेट और इंडिया ए के लिए की गई मेहनत आखिरकार रंग लाई।

“भारतीय टीम में जगह बनाना और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करना मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है। सारी कुर्बानियों का फल मिल गया।”

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