Marsh – आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने में अब बस कुछ ही घंटे बचे हैं और टूर्नामेंट से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मिचेल मार्श ने एक बड़ा भरोसे वाला बयान दे दिया है। पैट कमिंस और जोश हेजलवुड जैसे दो दिग्गज तेज गेंदबाजों की गैरमौजूदगी के बावजूद मार्श को भरोसा है कि ऑस्ट्रेलिया की टीम इस झटके से उबर जाएगी और खिताब की रेस में मजबूती से बनी रहेगी।
कमिंस पीठ में खिंचाव के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं, जबकि हेजलवुड हल्की चोट के चलते ग्रुप स्टेज के कुछ शुरुआती मैच मिस करेंगे। इसके बावजूद मार्श के शब्दों में घबराहट नहीं, बल्कि गहराई का आत्मविश्वास साफ झलकता है।
“हमने हर पहलू कवर किया है” – मिचेल मार्श
कप्तानों की आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मिचेल मार्श ने साफ कहा कि ऑस्ट्रेलिया इस स्थिति के लिए पहले से तैयार था।
मार्श ने कहा,
“मुझे लगता है कि हमने कई पहलुओं को कवर किया है। पैट और जोश तीनों फॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ी हैं और इसी वजह से हमारी स्क्वॉड डेप्थ काफी मजबूत बनी है। जो खिलाड़ी उनकी जगह आए हैं, उन्होंने हमारे लिए पहले भी काफी क्रिकेट खेला है।”
यह बयान बताता है कि ऑस्ट्रेलिया सिर्फ स्टार पावर पर नहीं, बल्कि सिस्टम और बैकअप प्लान पर भरोसा करता है। यही वजह है कि बड़े टूर्नामेंटों में यह टीम अक्सर आखिरी तक टिकी रहती है।
स्पिन बनेगा ऑस्ट्रेलिया का बड़ा हथियार?
श्रीलंका की धीमी पिचों को ध्यान में रखते हुए मार्श ने साफ संकेत दिए कि इस बार ऑस्ट्रेलिया का फोकस स्पिन पर ज्यादा रहेगा।
उन्होंने कहा,
“हमें अपने स्पिनरों पर पूरा भरोसा है। मैथ्यू कुहनेमैन हमारे लिए शानदार रहे हैं। एडम ज़म्पा तो हमेशा से हमारे स्ट्राइक बॉलर रहे हैं और हमारे पास कुछ स्पिन ऑलराउंडर भी हैं।”
श्रीलंका की पिचों पर स्पिन हमेशा निर्णायक भूमिका निभाता रहा है और यही कारण है कि ज़म्पा और कुहनेमैन जैसे गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।
| स्पिन विकल्प | भूमिका |
|---|---|
| एडम ज़म्पा | मिडिल ओवर्स में विकेट टेकर |
| मैथ्यू कुहनेमैन | कंट्रोल और लेफ्ट-आर्म वैरायटी |
| स्पिन ऑलराउंडर | बैलेंस और फ्लेक्सिबिलिटी |
पाकिस्तान से 0-3 हार? मार्श बिल्कुल परेशान नहीं
विश्व कप से ठीक पहले पाकिस्तान के खिलाफ 0-3 की टी20 सीरीज हार को लेकर भी मार्श से सवाल पूछा गया, लेकिन उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया।
मार्श बोले,
“देखिए, पाकिस्तान तो पाकिस्तान था। हमारे कुछ खिलाड़ी उस सीरीज में उपलब्ध नहीं थे। हम यहां लंबी तैयारी के साथ आए हैं, अच्छे ट्रेनिंग सेशन हुए हैं।”
यानी ऑस्ट्रेलिया उस सीरीज को ट्रायल मोड में देख रहा है, न कि चेतावनी के तौर पर।
ग्रुप बी: आसान दिखता है, लेकिन खतरनाक है
ऑस्ट्रेलिया को ग्रुप बी में आयरलैंड, श्रीलंका, जिम्बाब्वे और ओमान के साथ रखा गया है। कागज़ पर यह ग्रुप आसान लगता है, लेकिन टी20 की अनिश्चितता को देखते हुए मार्श की टीम किसी को हल्के में नहीं ले रही।
| ग्रुप बी टीमें |
|---|
| ऑस्ट्रेलिया |
| श्रीलंका |
| आयरलैंड |
| जिम्बाब्वे |
| ओमान |
दूसरी टीमों का आत्मविश्वास भी कम नहीं
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ ऑस्ट्रेलिया ही नहीं, बल्कि अन्य टीमों के कप्तानों के बयान भी काफी दिलचस्प रहे।
नीदरलैंड – भारत से टक्कर का इंतजार
नीदरलैंड के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स ने कहा कि अहमदाबाद में भारत के खिलाफ खेलना उनके लिए सबसे बड़ा मौका होगा।
“भारत के खिलाफ खेलना हमेशा खास होता है। हम इसे लेकर बेहद उत्साहित हैं।”
ओमान – दलीप मेंडिस पर पूरा भरोसा
ओमान के कप्तान जतिंदर सिंह ने कहा कि मुख्य कोच और श्रीलंका के पूर्व कप्तान दलीप मेंडिस से मिली सीख उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
“हमें निडर और पॉजिटिव क्रिकेट खेलना होगा। तभी हम अगले दौर में जा सकते हैं।”
आयरलैंड – मजबूत ग्रुप से डर नहीं
आयरलैंड के कप्तान पॉल स्टर्लिंग ने कहा,
“हम क्रिकेट इसलिए खेलते हैं ताकि दुनिया की सबसे अच्छी टीमों के खिलाफ खेल सकें। यह ग्रुप हमें उत्साहित करता है।”
ऑस्ट्रेलिया फिर से खामोश दावेदार?
हर वर्ल्ड कप से पहले ऑस्ट्रेलिया को लेकर एक पैटर्न दिखता है—
तैयारी पर सवाल, चोटों की चिंता, हालिया सीरीज में हार… और फिर अचानक नॉकआउट में उनका असली रूप।
कमिंस और हेजलवुड की गैरमौजूदगी बड़ा झटका जरूर है, लेकिन मार्श के बयान से साफ है कि ऑस्ट्रेलिया इसे बहाने के तौर पर इस्तेमाल नहीं करेगा।















