New Zealand – टी20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले जब न्यूजीलैंड की टीम भारत की गर्म और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी तैयारियों को धार देने उतरी थी, तभी एक झटका लग गया। ऐसा झटका जो स्कोरकार्ड में नहीं दिखता, लेकिन ड्रेसिंग रूम की बेचैनी बढ़ा देता है।
टॉप ऑर्डर के दो सबसे भरोसेमंद चेहरे—डेवन कॉनवे और रचिन रविंद्र—बीमार पड़ गए हैं। राहत बस इतनी है कि यह संकट अस्थायी है, और कीवी खेमे को उम्मीद है कि दोनों खिलाड़ी टूर्नामेंट के पहले मुकाबले से पहले फिट हो जाएंगे।
न्यूजीलैंड के लिए यह खबर ऐसे वक्त आई है, जब टीम यूएसए के खिलाफ वार्मअप मैच के जरिए अपनी अंतिम तैयारियों को परखना चाहती थी। लेकिन गुरुवार, 5 फरवरी को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले जाने वाले इस अभ्यास मुकाबले से कॉनवे और रचिन दोनों बाहर हो गए।
कोच का अपडेट: चिंता है, लेकिन घबराहट नहीं
न्यूजीलैंड के हेड कोच रॉब वाल्टर ने खुद इस स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों बल्लेबाज फिलहाल बीमार हैं और मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
वाल्टर के शब्दों में साफ संदेश था—यह बड़ा झटका जरूर है, लेकिन खतरे की घंटी नहीं।
उन्होंने कहा कि रचिन रविंद्र की तबीयत कॉनवे के मुकाबले थोड़ी ज्यादा खराब है, इसलिए एहतियात के तौर पर दोनों को वार्मअप मैच से दूर रखा गया है। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि यह फैसला लंबी दौड़ को देखते हुए जरूरी था।
भारत की परिस्थितियों के जानकार खिलाड़ी
डेवन कॉनवे और रचिन रविंद्र सिर्फ अच्छे बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि भारतीय परिस्थितियों को समझने वाले खिलाड़ी भी हैं। कॉनवे ने आईपीएल में लंबा समय बिताया है, जबकि रचिन ने भारत में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित किया है।
स्पिन के खिलाफ संतुलन, पावरप्ले में समझदारी और बीच के ओवरों में रन गति बनाए रखना—ये तीनों चीजें न्यूजीलैंड के लिए इन दोनों खिलाड़ियों से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में उनका वार्मअप मैच से बाहर होना कीवी टीम के प्लान पर असर जरूर डालता है।
पहला मुकाबला और तुरंत परीक्षा
न्यूजीलैंड का पहला मुकाबला 8 फरवरी को अफगानिस्तान के खिलाफ चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में है। यह वही मैदान है, जहां स्पिन गेंदबाज मैच का रुख पलट सकते हैं।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत और श्रीलंका में 7 फरवरी से शुरू हो रहा है, और न्यूजीलैंड की टीम को पहले ही मैच में कठिन चुनौती मिलने वाली है। अफगानिस्तान की स्पिन तिकड़ी किसी भी बल्लेबाजी क्रम को परेशान करने की क्षमता रखती है।
ग्रुप डी: ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ क्यों?
न्यूजीलैंड को ग्रुप डी में रखा गया है, और क्रिकेट जानकार इसे पहले ही “ग्रुप ऑफ डेथ” कहना शुरू कर चुके हैं।
इस ग्रुप में शामिल टीमें:
- न्यूजीलैंड
- अफगानिस्तान
- साउथ अफ्रीका
- यूएई
- कनाडा
इनमें से न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका—तीनों सुपर 8 के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। यानी यहां एक भी मैच हल्के में लेने की गुंजाइश नहीं है।
अफगानिस्तान से सावधान रहने की जरूरत
अफगानिस्तान अब सिर्फ उलटफेर करने वाली टीम नहीं रही। उनके पास ऐसे स्पिनर हैं जो बड़े-बड़े नामों को फंसा सकते हैं। भारतीय पिचों पर यह खतरा और बढ़ जाता है।
न्यूजीलैंड के लिए चिंता की बात यह है कि उनका पहला ही मुकाबला इसी टीम से है। ऐसे में कॉनवे और रचिन जैसे अनुभवी बल्लेबाजों की फिटनेस बेहद अहम हो जाती है।
फिन एलेन और अन्य अपडेट
जहां एक ओर कॉनवे और रचिन बाहर हैं, वहीं फिन एलेन को लेकर थोड़ी राहत की खबर है। वे शोल्डर इंजरी से जूझ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद वार्मअप मैच में बल्लेबाजी करते नजर आएंगे। यह संकेत है कि टीम उन्हें मैच प्रैक्टिस से दूर नहीं रखना चाहती।
वहीं जेम्स नीशम भी भारत दौरे के दौरान बीमार पड़ चुके थे, जो बताता है कि लगातार यात्रा और मौसम का बदलाव कीवी खिलाड़ियों पर असर डाल रहा है।
भारत के खिलाफ सीरीज की छाया
न्यूजीलैंड हाल ही में भारत के खिलाफ 5 मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेलकर आई है, जिसमें भारत ने 4-1 से जीत दर्ज की थी। उस सीरीज में न्यूजीलैंड की कमजोरियां भी सामने आई थीं—खासतौर पर स्पिन के खिलाफ और डेथ ओवर्स में गेंदबाजी।
टी20 वर्ल्ड कप ऐसे वक्त आ रहा है, जब कीवी टीम को न सिर्फ विपक्षी टीमों से, बल्कि खुद की निरंतरता से भी जूझना होगा।
न्यूजीलैंड की स्थिति: एक नजर
| पहलू | स्थिति |
|---|---|
| बीमार खिलाड़ी | डेवन कॉनवे, रचिन रविंद्र |
| वार्मअप मैच | यूएसए के खिलाफ, बाहर |
| पहली टी20 वर्ल्ड कप मैच | 8 फरवरी बनाम अफगानिस्तान |
| ग्रुप | ग्रुप डी |
| अतिरिक्त चिंता | फिन एलेन की शोल्डर इंजरी |
यह स्थिति न्यूजीलैंड के लिए चेतावनी है कि टी20 वर्ल्ड कप में फिटनेस, रिकवरी और स्क्वॉड डेप्थ कितनी अहम होने वाली है। टूर्नामेंट छोटा है, मुकाबले कड़े हैं और हर मैच नॉकआउट जैसा महसूस होगा।
कॉनवे और रचिन की वापसी संभव है, लेकिन सवाल यह है कि वे किस लय में लौटेंगे। और यही सवाल न्यूजीलैंड की पूरी वर्ल्ड कप यात्रा को परिभाषित कर सकता है।















