Pakistan Cricket : इंग्लैंड से हार के बाद PCB ने दबाया ‘Panic Button’, मिस्बाह-उल-हक ने लगाई फटकार

Atul Kumar
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Pakistan Cricket – इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के फैसलों पर सवाल उठने लगे हैं। बोर्ड ने दौरे के बीच में ही बड़ा फेरबदल करते हुए मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक समेत सात खिलाड़ियों को वापस पाकिस्तान बुला लिया, जबकि हेड कोच सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को भी पद से हटा दिया गया।

PCB के इन फैसलों पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और पूर्व नेशनल सिलेक्टर मिस्बाह-उल-हक ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मिस्बाह का कहना है कि पाकिस्तान क्रिकेट को बार-बार बदलाव करने के बजाय निरंतरता, धैर्य और लंबे समय की योजना की जरूरत है।

उन्होंने PCB के रवैये को ‘पैनिक बटन’ दबाने जैसा बताया और कहा कि सिर्फ दिखावटी बदलावों यानी ‘कॉस्मेटिक सर्जरी’ से पाकिस्तान क्रिकेट की समस्याएं खत्म नहीं होंगी।

इंग्लैंड दौरे के बीच PCB ने लिया बड़ा फैसला

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद PCB ने टीम में बड़े बदलाव किए।

बोर्ड ने दौरे के बीच से सात खिलाड़ियों को स्वदेश वापस बुलाने का फैसला किया। इनमें मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी शामिल बताए गए।

इसके अलावा हेड कोच सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को भी पद से हटाया गया।

इन फैसलों के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर यह बहस तेज हो गई कि क्या लगातार कोच, खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ बदलने से टीम का प्रदर्शन बेहतर हो सकता है?

मिस्बाह-उल-हक ने PCB को घेरा

पूर्व पाकिस्तानी कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने एक टेलीविजन शो में PCB की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

उनके मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट में लोकल और विदेशी कोचों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया जाता है।

मिस्बाह का कहना है कि विदेशी कोचों को ज्यादा अधिकार और समर्थन दिया जाता है, जबकि स्थानीय कोचों को टीम के खराब प्रदर्शन के लिए ज्यादा आलोचना झेलनी पड़ती है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें विदेशी कोच नियुक्त करने में कोई समस्या नहीं है। उनकी आपत्ति इस बात को लेकर है कि विदेशी कोचों के लिए सिस्टम में ज्यादा ‘सॉफ्ट कॉर्नर’ दिखाई देता है।

विदेशी कोचों को ज्यादा पावर मिलने का आरोप

मिस्बाह ने कहा कि विदेशी कोचों को टीम में अधिक अधिकार और पावर दी जाती है और जब टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं करती तो उन्हें उतनी जिम्मेदारी नहीं दी जाती।

इसके विपरीत स्थानीय कोचों को फैंस, मीडिया, आलोचकों और बोर्ड की आलोचना का ज्यादा सामना करना पड़ता है।

उनके मुताबिक यह रवैया पाकिस्तान क्रिकेट के विकास के लिए सही नहीं है।

मिस्बाह ने कहा कि पाकिस्तान के फैंस, पूर्व खिलाड़ी, आलोचक और बोर्ड को स्थानीय कोचों की केवल आलोचना करने के बजाय उन्हें पर्याप्त समर्थन देना चाहिए।

‘Panic Button’ दबाने से नहीं सुधरेगा पाकिस्तान क्रिकेट

मिस्बाह-उल-हक का सबसे बड़ा सवाल PCB के लगातार जल्दबाजी में लिए जाने वाले फैसलों पर है।

उनका मानना है कि खराब प्रदर्शन के बाद तुरंत बड़े बदलाव करने के बजाय पूरी स्थिति का विश्लेषण किया जाना चाहिए।

मिस्बाह के अनुसार पाकिस्तान क्रिकेट को अभी Consistency, Patience और Long-Term Planning की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि दबाव में आकर किए गए बदलाव पाकिस्तान क्रिकेट को और नुकसान पहुंचा सकते हैं।

‘कॉस्मेटिक सर्जरी’ से नहीं होगा समस्या का समाधान

मिस्बाह ने पाकिस्तान क्रिकेट की स्थिति को लेकर बेहद कड़ा बयान दिया।

उनका कहना है कि टीम की समस्याओं को केवल ऊपरी स्तर पर बदलाव करके ठीक नहीं किया जा सकता।

‘कॉस्मेटिक सर्जरी’ के जरिए कुछ समय के लिए तस्वीर बदल सकती है, लेकिन सिस्टम की मूल समस्याएं बनी रहेंगी।

उनके मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट को यह समझने की जरूरत है कि खराब प्रदर्शन के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं और फिर उसी आधार पर आगे की रणनीति बनाई जानी चाहिए।

भारत से पाकिस्तान क्यों पिछड़ रहा है?

मिस्बाह-उल-हक ने भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट सिस्टम की तुलना भी की।

उन्होंने कहा कि भारत ने अपने सिस्टम में लंबे समय तक धीरे-धीरे निवेश किया और खिलाड़ियों के विकास के लिए पर्याप्त समय दिया।

उनके अनुसार भारतीय खिलाड़ियों के पास ज्यादा अनुभव है और वे दबाव की परिस्थितियों में मानसिक और पेशेवर रूप से बेहतर तरीके से तैयार दिखाई देते हैं।

मिस्बाह का मानना है कि पाकिस्तान में भी खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए इसी तरह लंबे समय तक काम करने की जरूरत है।

युवा खिलाड़ी ज्यादा White-Ball क्रिकेट खेल रहे हैं

मिस्बाह ने पाकिस्तान के युवा खिलाड़ियों के क्रिकेटिंग अनुभव को लेकर भी चिंता जताई।

उनके मुताबिक युवा खिलाड़ी बड़ी मात्रा में White-Ball Cricket खेल रहे हैं, जबकि उन्हें Red-Ball क्रिकेट में पर्याप्त अनुभव नहीं मिल रहा।

टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को धैर्य, तकनीक और लंबे समय तक दबाव झेलने की जरूरत होती है।

मिस्बाह के अनुसार केवल चार दिन का क्रिकेट खेलना खिलाड़ियों के विकास के लिए पर्याप्त नहीं है और घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट में ज्यादा मौके मिलने चाहिए।

‘सिस्टम अचानक ठीक नहीं हो सकता’

मिस्बाह ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां क्रिकेट सिस्टम को विकसित होने में लंबा समय लगा।

उन्होंने संकेत दिया कि पाकिस्तान को भी अपने क्रिकेट सिस्टम में निरंतर निवेश करना होगा और खिलाड़ियों को विकसित होने का समय देना होगा।

उनके अनुसार सिस्टम को एक या दो फैसलों से रातों-रात नहीं बदला जा सकता।

यही वजह है कि वह PCB के बार-बार होने वाले अचानक बदलावों के खिलाफ नजर आते हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान का खराब प्रदर्शन

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने हेडिंग्ले में पाकिस्तान को पारी और 103 रन से हराया।

इसके बाद लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में भी इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 194 रन से शिकस्त दी।

अब सीरीज का तीसरा टेस्ट 9 सितंबर से बर्मिंघम में शुरू होना है।

लगातार दो हार के बाद पाकिस्तान टीम पर दबाव काफी बढ़ गया है।

पाकिस्तान क्रिकेट में बदलावों पर बड़ा सवाल

PCB के फैसलों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बार-बार बदलाव टीम को मजबूत बना रहे हैं या अस्थिर कर रहे हैं?

एक तरफ बोर्ड खराब प्रदर्शन के बाद तुरंत सुधार चाहता है, वहीं मिस्बाह जैसे पूर्व खिलाड़ी लंबे समय की रणनीति और सिस्टम में निरंतरता की वकालत कर रहे हैं।

पाकिस्तान क्रिकेट के लिए चुनौती सिर्फ एक सीरीज या कुछ खिलाड़ियों के प्रदर्शन की नहीं है। घरेलू क्रिकेट, युवा खिलाड़ियों का विकास, कोचिंग सिस्टम और चयन प्रक्रिया जैसे कई क्षेत्रों पर एक साथ काम करने की जरूरत है।

Pakistan Cricket पर मिस्बाह की बातों का सार

मुद्दामिस्बाह-उल-हक का नजरिया
PCB के अचानक फैसलेपैनिक बटन दबाने जैसा
विदेशी कोचउन्हें ज्यादा समर्थन और अधिकार मिलता है
लोकल कोचज्यादा आलोचना और जवाबदेही
टीम की समस्यालंबे समय की योजना जरूरी
युवा खिलाड़ीWhite-Ball क्रिकेट ज्यादा
Red-Ball क्रिकेटअनुभव बढ़ाने की जरूरत
भारत से तुलनाभारत ने सिस्टम में लंबे समय तक निवेश किया
समाधाननिरंतरता, धैर्य और सिस्टम पर काम
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Atul Kumar

Atul Kumar

क्रिकेट को देखता हूं और समझता हूं और आप लोगों तक नए-नए सूचनाएं पहुंचाने की कोशिश करता हूं। लाइफ में हमेशा नई-नई चीजों को सीखने का शौक रखता हु, पुराने न्यूज़ को नए तरीके से प्रस्तुत करता हूं।

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