Ashwin – आर अश्विन ने सिर्फ इंग्लैंड की टीम का विश्लेषण नहीं किया, बल्कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 की पूरी तस्वीर में एक अहम तीर चला दिया। उनका सीधा-सपाट आकलन है—इंग्लैंड सेमीफाइनल में होगा। इसमें कोई “अगर-मगर” नहीं। और जब अश्विन जैसा खिलाड़ी, जो खुद एशियाई परिस्थितियों का महीन एक्स-रे पढ़ सकता है, यह बात कहता है, तो उसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।
अश्विन की बातों में ना तो शोर है, ना सनसनी। बस क्रिकेट की समझ है। वही पुरानी, लेकिन अब और नुकीली।
पावरप्ले का डर: साल्ट और बटलर
अश्विन के मुताबिक इंग्लैंड की सबसे बड़ी ताकत पावरप्ले में छिपी है। फिल साल्ट और जोस बटलर—यह जोड़ी सिर्फ तेज शुरुआत नहीं करती, बल्कि मैच का टेम्पो ही बदल देती है।
बटलर का एशिया में रिकॉर्ड किसी से छिपा नहीं है। भारत, श्रीलंका और यूएई की पिचों पर उन्होंने बार-बार दिखाया है कि स्पिन हो या स्लो पेस, वह खुद को ढालना जानते हैं। दूसरी तरफ फिल साल्ट हैं, जो इस वक्त अपने करियर के बेस्ट फॉर्म में चल रहे हैं। IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट—हर जगह वही कहानी।
अश्विन मानते हैं कि अगर यह जोड़ी पहले छह ओवरों में चल गई, तो सामने वाली टीम का प्लान-A वहीं खत्म हो जाता है।
| ओपनर | खासियत |
|---|---|
| जोस बटलर | एशियाई पिचों पर अनुभव, स्पिन के खिलाफ क्लैरिटी |
| फिल साल्ट | करियर का बेस्ट फॉर्म, पावरप्ले में आक्रामकता |
हैरी ब्रूक: कप्तानी में ईमानदारी का असर
अश्विन ने एक दिलचस्प पॉइंट उठाया—हैरी ब्रूक की कप्तानी। उन्होंने इसे “ईमानदार कप्तानी” कहा। यह शब्द यूं ही नहीं आया।
ब्रूक मैदान पर जो सोचते हैं, वही बोलते हैं। ना ओवर-स्मार्ट बनने की कोशिश, ना माइंड गेम्स का ओवरडोज़। अश्विन के मुताबिक, ऐसी कप्तानी ड्रेसिंग रूम में भरोसा पैदा करती है। खिलाड़ी जानते हैं कि कप्तान पीठ पीछे कुछ और नहीं सोच रहा।
टी20 जैसे फॉर्मेट में, जहां हर गेंद पर दबाव होता है, यह भरोसा बहुत काम आता है।
आदिल रशीद: इंग्लैंड का एक्स-फैक्टर
अगर अश्विन को इंग्लैंड की गेंदबाजी से सिर्फ एक नाम चुनना हो, तो वह बिना रुके आदिल रशीद कहेंगे। और उन्होंने वही किया।
अश्विन का मानना है कि रशीद इस वक्त अपने करियर के उस फेज में हैं, जहां गेंद उनके इशारों पर चलती है। खासकर उनकी गुगली—अब ज्यादा तेज, ज्यादा शार्प और ज्यादा धोखेबाज़ हो गई है।
यह सिर्फ विकेट लेने की बात नहीं है। मिडिल ओवर्स में रन रोकना, बल्लेबाजों को बांधकर रखना—रशीद यह काम बखूबी करते हैं।
| गेंदबाज | भूमिका |
|---|---|
| आदिल रशीद | मिडिल ओवर्स कंट्रोल, विकेट टेकिंग थ्रेट |
तेज गेंदबाजी: जहां फंस सकता है इंग्लैंड
यहां अश्विन ने ब्रेक लगाया। उन्होंने साफ कहा—इंग्लैंड की कमजोरी तेज गेंदबाजी में छिपी है।
सैम करन और जेमी ओवरटन जैसे गेंदबाजों की इकॉनमी रेट चिंता का विषय है। वे विकेट तो निकाल सकते हैं, लेकिन अगर डेथ ओवर्स में रन बहने लगे, तो टी20 में मैच हाथ से निकलते देर नहीं लगती।
जोफ्रा आर्चर का नाम आते ही अश्विन ने “थ्रेट” शब्द इस्तेमाल किया—और वह थ्रेट विपक्षी के लिए नहीं, खुद इंग्लैंड के लिए है। चोटों से जूझता करियर, फॉर्म की अनिश्चितता। अगर आर्चर फिट और लय में नहीं हुए, तो इंग्लैंड का पेस अटैक अधूरा लगेगा।
दूसरा स्पिनर: सबसे बड़ा सवाल
एशियाई परिस्थितियों में दो स्पिनर्स अक्सर ज़रूरी हो जाते हैं। यहीं इंग्लैंड थोड़ा हल्का दिखता है। आदिल रशीद के बाद कोई अनुभवी, भरोसेमंद स्पिनर नहीं।
जैकब बेथल और विल जैक्स जैसे ऑप्शन हैं, लेकिन अश्विन को शक है कि बड़े मैचों के दबाव में वे कितना असर डाल पाएंगे। सेमीफाइनल या फाइनल में एक ओवर गलत पड़ गया, तो पूरी मेहनत बेकार हो सकती है।
फिर भी सेमीफाइनल क्यों तय?
कमजोरियों के बावजूद अश्विन की भविष्यवाणी नहीं बदली। वजह साफ है—इंग्लैंड की बल्लेबाजी की गहराई।
टॉप ऑर्डर से लेकर फिनिशर्स तक, हर खिलाड़ी के पास मैच पलटने की क्षमता है। इसके अलावा, कप्तानी में स्पष्टता और रणनीति में लचीलापन उन्हें बाकी टीमों से अलग बनाता है।
अश्विन के शब्दों में, “इंग्लैंड अच्छा गाना गाएगी।” क्रिकेट की भाषा में—वे टूर्नामेंट में दूर तक जाएंगे।















