Samson – नवी मुंबई के फ्लडलाइट्स में जब भारत की नई ओपनिंग जोड़ी मैदान पर उतरी, उसी पल एक कहानी चुपचाप खत्म हो गई। कोई प्रेस रिलीज़ नहीं, कोई ड्रामा नहीं—बस एक टॉस इंटरव्यू और सब साफ।
संजू सैमसन के लिए टी20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने से पहले ही लगभग खत्म हो चुका है। यह बात अब अटकल नहीं रही, बल्कि कप्तान सूर्यकुमार यादव की जुबान से निकला संकेत बन चुकी है।
एक बार फिर वही कहानी, बस किरदार बदल गए
टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने वाली टीम का हिस्सा होने के बावजूद संजू सैमसन एक भी मैच नहीं खेल पाए थे। तब कहा गया—“मौका मिलेगा।”
2026 आया, टीम चुनी गई, और लगा—इस बार तो संजू का वर्ल्ड कप पक्का है।
लेकिन क्रिकेट को अगर कुछ पसंद है, तो वह है निर्दय ईमानदारी।
भारत के एकमात्र वॉर्मअप मैच में अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करने उतरे ईशान किशन। वही ईशान, जिन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी टी20 में विकेटकीपिंग के दस्ताने भी थमा दिए गए थे। उसी एक फैसले में दो संकेत थे—
- विकेटकीपर अब बदल चुका है
- ओपनर भी
और दोनों जगह संजू सैमसन पीछे रह गए।
टॉस पर आया जवाब, जो सवालों से भारी था
नवी मुंबई में टॉस के वक्त सूर्यकुमार यादव ने साफ कहा—
“टॉप ऑर्डर में बदलाव होगा। ईशान और अभिषेक ओपन करेंगे।”
बस, यहीं कहानी का सार था।
जिस खिलाड़ी को टीम का “मेन ओपनर” और “मेन विकेटकीपर” मानकर चुना गया था, वही खिलाड़ी अब बैकअप ओपनर और बैकअप विकेटकीपर बन चुका है।
टी20 क्रिकेट में यह बदलाव छोटा नहीं होता। यह सीधे-सीधे बताता है कि प्लान A में आपकी जगह नहीं है।
आंकड़े जो बहस नहीं करते
यह फैसला किसी साजिश या पक्षपात का नतीजा नहीं है। यह फैसला स्कोरकार्ड से निकला है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज: तुलना देखिए
| खिलाड़ी | मैच | रन | औसत | स्ट्राइक रेट |
|---|---|---|---|---|
| संजू सैमसन | 5 | 46 | 9.20 | 135.29 |
| अभिषेक शर्मा | 5 | 182 | — | — |
| ईशान किशन | 4 | 215 | 53.75 | 231.18 |
| सूर्यकुमार यादव | 5 | 242 | — | 196.74 |
संजू ने पूरे सीरीज में सिर्फ 6 चौके और 2 छक्के लगाए।
वहीं, ईशान ने नंबर 3 पर उतरकर शतक जड़ा और मैच बदल दिए।
अभिषेक दो बार शून्य पर आउट हुए, फिर भी रन बनाए—क्योंकि उनका इंटेंट नहीं बदला।
टी20 क्रिकेट इंटेंट का खेल है। और यहीं संजू पीछे छूट गए।
जब मौके मिले, पर पकड़ ढीली रही
संजू और अभिषेक की जोड़ी कभी परफेक्ट फिट मानी जाती थी।
एशिया कप 2025 से पहले दोनों ने साथ में अच्छी पारियां खेलीं।
2024 में बांग्लादेश के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू पर ड्रॉप होने की तलवार लटक रही थी—लेकिन उन्होंने शतक जड़कर जगह बचा ली।
उस दौर में संजू ने भारत को कई मैच जिताए।
लेकिन फिर कॉम्बिनेशन बदला।
एशिया कप 2025 में मिडिल ऑर्डर।
अगली सीरीजों में प्लेइंग इलेवन से बाहर।
फिर मौका आया—साउथ अफ्रीका के खिलाफ आखिरी मैच।
ओपनिंग मिली।
22 गेंदों में 37 रन—ठीक-ठाक, लेकिन ऐसा कुछ नहीं कि टीम की सोच बदल जाए।
सिलेक्टर्स का दांव और ईशान का फायदा
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए जब टीम चुनी गई, तो बड़ा फैसला हुआ—
शुभमन गिल ड्रॉप।
संजू सैमसन बने मेन ओपनर और मेन विकेटकीपर।
ईशान किशन बने बैकअप।
लेकिन क्रिकेट में बैकअप तभी बैकअप रहता है, जब मेन प्लेयर परफॉर्म करे।
तिलक वर्मा की चोट ने ईशान को नंबर 3 पर मौका दिया—और यहीं से खेल पलट गया।
ईशान ने ऐसे रन बनाए कि टीम मैनेजमेंट को वापस जाने का रास्ता ही नहीं दिखा।
अब संजू के लिए रास्ता कहां?
ईमानदारी से देखें तो—बहुत सीमित।
- अभिषेक शर्मा: लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन, पावरप्ले का हथियार
- ईशान किशन: फॉर्म, विकेटकीपिंग, एक्स-फैक्टर
- सूर्यकुमार यादव: कप्तान, अपरिहार्य
इन तीनों के रहते संजू की एंट्री तभी संभव है जब—
- किसी को चोट लगे
- कोई अचानक फॉर्म से बाहर हो
- टीम मैनेजमेंट आखिरी वक्त पर कॉम्बिनेशन बदले
इनमें से कोई भी सिचुएशन फिलहाल नज़र नहीं आ रही।



















