Test : 148 साल में पहली बार लैथम-कॉनवे ने टेस्ट इतिहास पलट दिया

Atul Kumar
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Test – बे ओवल की पिच पर चौथे दिन का खेल खत्म होते-होते स्कोरबोर्ड से ज़्यादा इतिहास बोल रहा था। माउंट माउंगानुई में न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट ने ऐसा कारनामा देख लिया, जो टेस्ट क्रिकेट के 148 साल के लंबे सफ़र में पहली बार हुआ है।

और इसके केंद्र में थे—टॉम लैथम और डेवोन कॉनवे।

न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज के सामने जीत के लिए 462 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा है। चौथे दिन के अंत तक वेस्टइंडीज ने बिना विकेट गंवाए 43 रन बना लिए हैं, यानी आखिरी दिन उन्हें अभी 419 रन और चाहिए। मुकाबला खुला है, लेकिन मैच का इतिहास तो पहले ही लिखा जा चुका है।

एक टेस्ट, चार शतक और इतिहास का नया अध्याय

टॉम लैथम और डेवोन कॉनवे की सलामी जोड़ी ने इस टेस्ट में जो किया, वह किताबों में दर्ज हो गया है। दोनों ने एक ही टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक जड़े—और ऐसा करने वाली यह दुनिया की पहली ओपनिंग जोड़ी बन गई।

पहली पारी में:
– टॉम लैथम: 137 रन
– डेवोन कॉनवे: 227 रन

इन दोनों पारियों की बदौलत न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 575 रन ठोक दिए। वेस्टइंडीज की गेंदबाज़ी उस समय पूरी तरह बैकफुट पर चली गई।

दूसरी पारी में भी कहानी नहीं बदली

420 रन पर वेस्टइंडीज को समेटने के बाद न्यूजीलैंड ने दूसरी पारी में फिर वही तस्वीर दोहराई।

दूसरी पारी में:
– टॉम लैथम: 101 रन
– डेवोन कॉनवे: 100 रन

यानी एक टेस्ट मैच में ओपनिंग जोड़ी के चार शतक। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था।

148 साल में पहली बार: क्यों है यह रिकॉर्ड खास?

टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत 1877 में हुई थी। तब से अब तक:
– अनगिनत ओपनिंग जोड़ियां आईं
– कई महान बल्लेबाज़ खेले
– कई मैच ऐतिहासिक बने

लेकिन एक ही टेस्ट की दोनों पारियों में दोनों ओपनर्स का शतक—यह संयोजन कभी पूरा नहीं हुआ था।

यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि:
– दोनों पारियों में हालात अलग थे
– गेंद पुरानी-नई दोनों स्थितियों में रन बने
– और विपक्षी गेंदबाज़ों को कोई राहत नहीं मिली

कॉनवे का निजी इतिहास: दोहरा शतक + शतक

इस मैच ने डेवोन कॉनवे के लिए एक और ऐतिहासिक लाइन जोड़ दी।

वह बन गए:
न्यूजीलैंड क्रिकेट इतिहास के पहले बल्लेबाज़,
जिन्होंने एक ही टेस्ट मैच में दोहरा शतक और शतक लगाया।

पहली पारी: 227
दूसरी पारी: 100

यह उपलब्धि दुनिया के चुनिंदा बल्लेबाज़ों के पास ही है, और न्यूजीलैंड के लिए यह बिल्कुल नया अध्याय है।

सीरीज़ का हाल: पलड़ा न्यूजीलैंड की ओर

तीन मैचों की इस सीरीज़ में:
– पहला टेस्ट: ड्रॉ
– तीसरा टेस्ट: निर्णायक स्थिति में
– न्यूजीलैंड: 1-0 से आगे

अगर न्यूजीलैंड आखिरी दिन 419 रन डिफेंड कर लेता है, तो सीरीज़ उनके नाम हो जाएगी। और यह जीत सिर्फ सीरीज़ जीत नहीं होगी—यह एक ऐतिहासिक टेस्ट की जीत कहलाएगी।

क्या वेस्टइंडीज चमत्कार कर सकता है?

चौथे दिन के अंत तक वेस्टइंडीज:
– 43/0
– कोई विकेट नहीं
– पिच अब भी बल्लेबाज़ी के लिए ठीक

टेस्ट क्रिकेट में:
– 418 का ऐतिहासिक चेज़ (वेस्टइंडीज, 2003)
– 417 का रिकॉर्ड (ऑस्ट्रेलिया)

पहले भी असंभव मुमकिन हो चुका है। लेकिन यहां चुनौती सिर्फ रन नहीं, समय और दबाव भी है।

बे ओवल बना गवाह

माउंट माउंगानुई का बे ओवल पहले भी हाई-स्कोरिंग टेस्ट्स के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन इस टेस्ट ने इसे रिकॉर्ड्स का मैदान बना दिया है।

यह मैच याद रखा जाएगा:
– सलामी जोड़ी के दबदबे के लिए
– टेस्ट बल्लेबाज़ी की निरंतरता के लिए
– और न्यूजीलैंड के स्वर्णिम पलों के लिए

आखिरी दिन की कहानी अभी बाकी है

न्यूजीलैंड को:
– 10 विकेट चाहिए
– 419 रन बचाने हैं
– और इतिहास पर सीरीज़ की मुहर लगानी है

वेस्टइंडीज को:
– चमत्कार चाहिए
– धैर्य चाहिए
– और एक लंबी साझेदारी

नतीजा जो भी हो, एक बात तय है—
यह टेस्ट पहले ही इतिहास बन चुका है।

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