Vaibhav – भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में कई यादगार पल देखने को मिले। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने आखिरकार भारत के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया और सबसे कम उम्र में टीम इंडिया के लिए खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। हालांकि, बल्ले से उनकी शुरुआत उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही।
दूसरी ओर भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 190 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही, लेकिन कप्तान हैरी ब्रूक ने अर्शदीप सिंह के एक ही ओवर में 27 रन बटोरकर मैच का रुख बदल दिया।
वैभव सूर्यवंशी ने किया इंटरनेशनल डेब्यू
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने भारत के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलते हुए इतिहास रच दिया।
उन्होंने लगभग 37 साल पुराना सचिन तेंदुलकर का सबसे कम उम्र में भारत के लिए खेलने का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
हालांकि, उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय पारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी।
उन्होंने:
- 10 गेंदों में 14 रन बनाए
- 2 शानदार छक्के लगाए
ऑफ स्पिनर विल जैक्स की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में विकेटकीपर जोस बटलर ने उन्हें स्टंप कर दिया।
तिलक वर्मा ने आखिर में खेली तूफानी पारी
भारत की पारी के अंतिम ओवरों में तिलक वर्मा ने तेज बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में नाबाद 24 रन बनाए।
पारी के आखिरी ओवर में उन्होंने जोफ्रा आर्चर के खिलाफ 17 रन बटोरकर भारत का स्कोर 190 रन तक पहुंचा दिया।
भारत ने बनाए 190 रन
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में:
- 7 विकेट
- 190 रन
का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
बादलों से घिरे मौसम और तेज हवाओं के बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने उपयोगी योगदान दिया।
अर्शदीप सिंह ने पहले ओवर में मचाया कहर
191 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही।
अर्शदीप सिंह ने पहले ही ओवर में दो बड़े झटके दिए।
उन्होंने:
- पहली गेंद पर फिल सॉल्ट को आउट किया
- पांचवीं गेंद पर जोस बटलर को पवेलियन भेजा
दोनों बल्लेबाज बिना खाता खोले आउट हुए।
यह पहली बार था जब इंग्लैंड के दोनों ओपनर किसी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में शून्य पर आउट हुए।
हैरी ब्रूक ने एक ओवर में बटोरे 27 रन
डबल विकेट लेने के बाद अर्शदीप सिंह की खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी।
अपने अगले ओवर में उन्होंने हैरी ब्रूक के सामने गेंदबाजी की, जिन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए मैच का रुख बदल दिया।
उस ओवर में:
- पहली गेंद पर 1 रन
- अगली दो गेंदों पर लगातार दो चौके
- अंतिम तीन गेंदों पर लगातार तीन छक्के
इस तरह इंग्लैंड ने एक ही ओवर में 27 रन जोड़ लिए।
ब्रूक की इस विस्फोटक बल्लेबाजी ने शुरुआती झटकों के बाद इंग्लैंड की पारी को संभाल लिया।
वैभव का डेब्यू रहा यादगार
भले ही वैभव सूर्यवंशी बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला कई मायनों में खास रहा।
इतनी कम उम्र में भारतीय टीम की कैप पहनना और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी।
अब क्रिकेट प्रशंसकों की उम्मीद होगी कि वह आने वाले मुकाबलों में अपनी प्रतिभा का पूरा प्रदर्शन करें।















