Suryavanshi – चौदह साल की उम्र में अगर कोई बल्लेबाज विश्व कप फाइनल में 175 रन ठोक दे, तो उसे सिर्फ पारी नहीं कहा जाता—वह एक घोषणा होती है। शुक्रवार, 6 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने ठीक यही किया।
स्कोरबोर्ड पर 175 रन थे, लेकिन असली कहानी उन आंखों में थी जो स्टेडियम में अविश्वास से स्क्रीन को देख रही थीं। भारत को छठा खिताब मिला, लेकिन भारतीय क्रिकेट को उससे कहीं बड़ा खजाना हाथ लगा।
बिहार के समस्तीपुर से निकला यह नाम अब सिर्फ एक प्रतिभाशाली किशोर नहीं रहा। वैभव सूर्यवंशी अब रिकॉर्ड, चर्चा और उम्मीद—तीनों का केंद्र बन चुके हैं।
समस्तीपुर से वर्ल्ड कप फाइनल तक
वैभव सूर्यवंशी का जन्म बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव में हुआ। न बड़े क्रिकेट सेंटर, न हाई-एंड अकादमी। लेकिन जो चीज़ थी, वह थी जुनून—और उसे पहचानने वाली एक जोड़ी आंखें, उनके पिता संजीव सूर्यवंशी की।
छह साल की उम्र में जब ज्यादातर बच्चे बल्ला खिलौने की तरह पकड़ते हैं, तब वैभव को उनके पिता ने क्रिकेट की बारीकियां सिखानी शुरू कर दी थीं। घर के पीछे एक छोटी सी पिच बनाई गई, जहां रोज़ घंटों अभ्यास होता था। न कैमरे थे, न सुर्खियां—बस गेंद, बल्ला और सपने।
धीरे-धीरे वैभव ने क्लब क्रिकेट और जिला स्तर पर रन बनाना शुरू किया। रन नहीं, अंबार।
12 साल में रणजी, 14 में इतिहास
भारतीय क्रिकेट में कम उम्र में डेब्यू कोई नई बात नहीं, लेकिन 12 साल 284 दिन की उम्र में रणजी ट्रॉफी खेलना असाधारण है। वैभव ने बिहार के लिए यह डेब्यू किया और वह भारत के दूसरे सबसे कम उम्र के फर्स्ट क्लास क्रिकेटर बने।
यहीं से उनका नाम सिर्फ “टैलेंटेड किड” नहीं रहा, बल्कि एक सीरियस प्रॉस्पेक्ट बन गया।
इसके बाद—
- विनू मांकड ट्रॉफी में बिहार के लिए खेल
- अंडर-19 क्वाड्रेंगुलर सीरीज 2023 में इंडिया बी के लिए 6 पारियों में 177 रन
- और फिर, अंडर-19 वर्ल्ड कप
हर स्टेज पर वैभव ने यही कहा—लेट मी बैट।
फाइनल की वो पारी, जिसने सब कुछ बदल दिया
इंग्लैंड के खिलाफ अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल। दबाव चरम पर। सामने मजबूत अटैक। लेकिन वैभव के लिए यह बस एक और दिन था।
उन्होंने सिर्फ 55 गेंदों में शतक पूरा किया—टूर्नामेंट इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक। फिर रफ्तार और बढ़ी।
| रिकॉर्ड | विवरण |
|---|---|
| सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर | 175 रन (U-19 WC Final) |
| सबसे तेज 150 | 71 गेंद |
| एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के | 22 |
| सबसे कम उम्र में U-19 शतक | 14 साल |
उनके 100 से 150 रन के बीच, दूसरे छोर पर खड़े वेदांत त्रिवेदी ने सिर्फ चार गेंदें खेलीं। यह आंकड़ा ही वैभव के दबदबे को बयान करने के लिए काफी है।
उस समय भारत का रन रेट करीब 10 था। डगआउट में बैठा हर खिलाड़ी जानता था—500 भी संभव है।
जब आउट हुए, तब भी तालियां
26वें ओवर में मैनी लम्सडेन की शॉर्ट गेंद। वैभव ने स्कूप खेलने की कोशिश की। विकेट के पीछे थॉमस रियू ने कैच पकड़ा। पारी खत्म।
लेकिन जो हुआ, वह क्रिकेट में कम ही देखने को मिलता है। इंग्लैंड के खिलाड़ी खुद दौड़कर आए, हाथ मिलाया, पीठ थपथपाई। यह सिर्फ खेल भावना नहीं थी—यह सम्मान था।
आईपीएल और रिकॉर्ड्स की लाइन
वैभव सूर्यवंशी का नाम अब सिर्फ जूनियर क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा।
- 13 साल की उम्र में IPL कॉन्ट्रैक्ट
- IPL इतिहास के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी
- IPL में सबसे कम उम्र में शतक (35 गेंद)
- यूथ वनडे में सबसे ज्यादा रन – 1412
उन्होंने विजय जोल (1404) का रिकॉर्ड तोड़ा और साफ कर दिया कि उम्र उनके लिए सिर्फ एक संख्या है।















