Test : 2022 में संघर्ष, 2023 में शानदार वापसी विराट कोहली ने बताया कैसे बदली जिंदगी

Atul Kumar
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Test – भारतीय क्रिकेट में विराट कोहली को हमेशा एक बेहद आक्रामक, जुनूनी और mentally strong खिलाड़ी के तौर पर देखा गया है। लेकिन अब खुद कोहली ने स्वीकार किया है कि कप्तानी छोड़ने के बाद वह अंदर से टूट चुके थे।

उन्होंने माना कि उस दौर में वह मानसिक रूप से बेहद कठिन स्थिति से गुजर रहे थे और क्रिकेट का आनंद भी धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा था।

हालांकि, इसी मुश्किल समय में राहुल द्रविड़ और विक्रम राठौर ने उनका ऐसा साथ दिया जिसने उनके करियर को फिर से पटरी पर ला दिया।

कप्तानी छोड़ने के बाद बदल गई थी मानसिक स्थिति

विराट कोहली ने 2022 में भारत की कप्तानी छोड़ी थी। उसी साल उनका टेस्ट प्रदर्शन भी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा।

विराट कोहली का 2022 टेस्ट रिकॉर्ड

मैचरनऔसतअर्धशतक
626526.51

यह वही दौर था जब लगातार सवाल उठ रहे थे:

  • क्या कोहली का golden phase खत्म हो रहा है?
  • क्या कप्तानी का दबाव उन्हें mentally drain कर चुका था?
  • क्या वह पहले जैसे खिलाड़ी दोबारा बन पाएंगे?

अब खुद कोहली ने इन सवालों का जवाब काफी ईमानदारी से दिया है।

राहुल द्रविड़ और विक्रम राठौर ने संभाला मुश्किल दौर

‘RCB Innovation Lab Indian Sports Summit’ के दौरान विराट कोहली ने खुलकर बताया कि कप्तानी छोड़ने के बाद उन्होंने पहली बार अपने मन की बातें साझा करनी शुरू कीं।

उन्होंने कहा:

“कप्तानी छोड़ने के बाद ही मैंने राहुल भाई और विक्रम राठौर जैसे लोगों से खुलकर बातचीत की।”

कोहली ने माना कि दोनों ने सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि मानसिक स्तर पर भी उनकी काफी मदद की।

कोहली ने क्या कहा?

“उन्होंने मेरा इस तरह ख्याल रखा कि मुझे लगा मैं उनके लिए खेलना चाहता हूं। मैं मैदान पर उतरकर जी-जान से मेहनत करना चाहता हूं।”

उनके शब्दों में साफ महसूस हुआ कि द्रविड़ और राठौर ने उन्हें सिर्फ खिलाड़ी नहीं, इंसान के तौर पर समझा।

“उन्होंने मुझे एहसास दिलाया कि मैंने क्या हासिल किया है”

कई बार elite athletes लगातार pressure में अपने achievements को भूलने लगते हैं। विराट कोहली के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।

उन्होंने कहा:

“उन्होंने मुझे एहसास दिलाया कि मैंने अब तक क्या हासिल किया है।”

यह बयान काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में कोहली लगातार expectations, captaincy pressure और public scrutiny के बीच खेल रहे थे।

कप्तानी ने अंदर से थका दिया था

विराट कोहली ने पहली बार इतनी साफ भाषा में माना कि भारतीय क्रिकेट को शीर्ष पर बनाए रखने की जिम्मेदारी ने उन्हें mentally exhaust कर दिया था।

कोहली का बड़ा खुलासा

“जब मैंने कप्तानी छोड़ी, तब तक मैं पूरी तरह थक चुका था। यह जिम्मेदारी मुझे भीतर तक खा गई थी।”

उन्होंने आगे कहा:

“मैं बल्लेबाजी इकाई और कप्तानी का केंद्र बन गया था। मुझे एहसास नहीं था कि यह मेरे जीवन पर कितना भार डाल रहा है।”

यह बयान शायद उस invisible pressure की झलक देता है जो भारतीय कप्तानों को लगातार झेलना पड़ता है।

राहुल द्रविड़ की भूमिका क्यों रही खास?

राहुल द्रविड़ नवंबर 2021 में भारतीय टीम के head coach बने थे। उनके साथ विक्रम राठौर batting coach के तौर पर जुड़े रहे।

द्रविड़-राठौर की सबसे बड़ी ताकत

पहलूअसर
Emotional supportConfidence वापस आया
Honest conversationsMental clarity मिली
Pressure handlingCricket enjoyable बना

कोहली ने खास तौर पर कहा:

“राहुल भाई टेस्ट क्रिकेट को कई लोगों से बेहतर समझते हैं।”

उन्होंने यह भी माना कि विक्रम राठौर लंबे समय से उनके साथ थे, इसलिए वह उनकी मानसिक स्थिति को अच्छी तरह समझते थे।

2023 में दिखी विराट की वापसी

द्रविड़ और राठौर के support के बाद विराट कोहली ने 2023 में टेस्ट क्रिकेट में दमदार वापसी की।

विराट कोहली का 2023 टेस्ट रिकॉर्ड

मैचरनऔसतशतक
8671562

इसके अलावा उन्होंने:

अर्धशतक
2

भी लगाए।

यह वही phase था जब critics धीरे-धीरे शांत होने लगे और विराट फिर से अपने पुराने rhythm में दिखने लगे।

“मैं फिर से क्रिकेट का आनंद लेने लगा”

शायद कोहली के पूरे बयान की सबसे महत्वपूर्ण लाइन यही रही।

उन्होंने कहा:

“उन्होंने मुझे ऐसी स्थिति में पहुंचाया जहां मैं फिर से क्रिकेट का आनंद ले सका।”

यह statement बताता है कि elite sport में सिर्फ form या fitness ही नहीं, mental balance भी उतना ही जरूरी होता है।

सोशल मीडिया पर fans हुए emotional

कोहली का यह candid interview सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर fans काफी emotional नजर आए।

कुछ popular reactions:

  • “Even Virat needed support.”
  • “Dravid truly understands players.”
  • “Mental fatigue in elite sport is real.”
  • “This makes his comeback even more special.”

कई fans ने राहुल द्रविड़ की leadership style की भी जमकर तारीफ की।

भारतीय क्रिकेट में mental health पर बड़ी चर्चा

विराट कोहली के इस बयान को भारतीय क्रिकेट में mental health awareness के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पिछले कुछ वर्षों में कई international athletes openly mental fatigue और burnout पर बात कर चुके हैं। अब विराट का खुलकर इस विषय पर बोलना भारतीय क्रिकेट culture में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

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