World Cup – ईडन गार्डन्स में जैसे ही इंग्लैंड का स्कोर 200 के पार गया, स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर सिर्फ रन नहीं चमक रहे थे—इतिहास लिख रहा था।
टी20 विश्व कप 2026 अब आधे रास्ते पर भी नहीं पहुंचा है, लेकिन 200+ स्कोर की बारिश ने इस एडिशन को पहले ही अलग बना दिया है। इंग्लैंड के 202 रन ने इस सीजन में छठी बार 200 का आंकड़ा पार कराया, और इसके साथ ही एक नया रिकॉर्ड दर्ज हो गया।
यह अब तक का सबसे ज्यादा 200+ स्कोर वाला टी20 विश्व कप एडिशन बन चुका है।
2026: रन मशीन बनता विश्व कप
अब तक 2026 के टूर्नामेंट में 6 बार किसी टीम ने 200 से ज्यादा रन बनाए हैं। इससे पहले 2007 के पहले विश्व कप एडिशन में 5 बार ऐसा हुआ था। यानी 19 साल पुराना रिकॉर्ड अब टूट चुका है—और टूर्नामेंट अभी खत्म भी नहीं हुआ।
तुलना साफ तस्वीर दिखाती है:
| वर्ष | 200+ स्कोर की संख्या |
|---|---|
| 2026 | 6* |
| 2007 | 5 |
| 2016 | 4 |
| 2024 | 4 |
(*2026 का टूर्नामेंट जारी है)
क्यों हो रहे हैं इतने हाई स्कोर?
आमतौर पर टी20 विश्व कप लो-स्कोरिंग मुकाबलों के लिए जाना जाता है। दबाव, नॉकआउट जैसा माहौल, और अलग-अलग पिचें—रन बनाना आसान नहीं होता। लेकिन 2026 का संस्करण अलग कहानी सुना रहा है।
यह टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका में ठंड के मौसम में खेला जा रहा है। सूखी पिचें, कम नमी, और छोटी बाउंड्री—बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिल रहा है। गेंद उतनी स्विंग नहीं कर रही, स्पिनरों को भी पकड़ कम मिल रही है।
पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि आधुनिक बल्लेबाजों का अप्रोच भी बदल चुका है। अब 170-180 “पार स्कोर” नहीं रहा। 200 अब नया नॉर्मल बनता जा रहा है।
इंग्लैंड बनाम इटली: रिकॉर्ड की रात
इंग्लैंड ने इटली के खिलाफ 20 ओवर में 7 विकेट पर 202 रन बनाए। कप्तान हैरी ब्रुक का टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला बिल्कुल सही साबित हुआ।
विल जैक्स ने सिर्फ 21 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया—यह टी20 विश्व कप इतिहास में इंग्लैंड के लिए सबसे तेज फिफ्टी है। उन्होंने 22 गेंदों में 53* रन बनाए, जिसमें 3 चौके और 4 छक्के शामिल थे।
इंग्लैंड की पारी का सार:
| बल्लेबाज | रन | गेंद | चौके | छक्के |
|---|---|---|---|---|
| विल जैक्स | 53* | 22 | 3 | 4 |
| टॉम बैंटन | 30 | 21 | 4 | 1 |
| फिल साल्ट | 28 | 17 | 3 | 2 |
| कुल | 202/7 | 20 ओवर | — | — |
200+ स्कोर: क्या गेंदबाजों के लिए खतरे की घंटी?
जब लगातार 200+ स्कोर बनने लगें, तो सवाल गेंदबाजों पर उठते हैं। क्या पिचें ज्यादा फ्लैट हैं? क्या नियमों ने बल्लेबाजों को ज्यादा फायदा दिया है? या फिर यह बल्लेबाजी कौशल का नया स्तर है?
सच शायद बीच में है।
पावरप्ले में सिर्फ दो फील्डर बाहर, डेथ ओवरों में बैट की टेक्नोलॉजी, और डेटा-ड्रिवन शॉट सिलेक्शन—टी20 अब पूरी तरह बल्लेबाजों का खेल बनता जा रहा है। लेकिन टूर्नामेंट जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, पिचें धीमी हो सकती हैं। तब असली परीक्षा शुरू होगी।
सुपर-8 में इंग्लैंड
इटली के खिलाफ 24 रन की जीत के साथ इंग्लैंड सुपर-8 में पहुंच गया है। वेस्टइंडीज, भारत और दक्षिण अफ्रीका के बाद वह चौथी टीम है जिसने अगले चरण में जगह बनाई है।
हालांकि 202 रन बनाने के बावजूद इंग्लैंड को 178 रन तक इटली ने पहुंचा दिया। यानी गेंदबाजी में सुधार की गुंजाइश है। सुपर-8 में हर टीम मजबूत होगी—200 बनाना आसान हो सकता है, बचाना नहीं।















