Ashish : Ashish Nehra का अनोखा coaching style – क्यों हरभजन ने कहा ‘फुटबॉल कोच’ जैसा

Atul Kumar
Updated On:
Ashish

Ashish – IPL के बीच अक्सर spotlight खिलाड़ियों पर रहती है, लेकिन असली खेल कई बार डगआउट में चल रहा होता है—जहां एक कोच पूरी टीम की धड़कन सेट कर रहा होता है। इस बार चर्चा उसी “डगआउट एनर्जी” की है, और केंद्र में हैं आशीष नेहरा।

हरभजन सिंह ने जो कहा, वो सिर्फ तारीफ नहीं थी—वो एक अंदर की झलक थी कि Gujarat Titans जैसी टीम लगातार कैसे perform कर रही है।

“फुटबॉल कोच” वाला अंदाज़—नेहरा क्यों अलग हैं?

हरभजन सिंह ने एक दिलचस्प तुलना की—उन्होंने नेहरा को फुटबॉल कोच जैसा बताया।

पहली नजर में ये अजीब लग सकता है, लेकिन अगर आपने GT के मैच देखे हैं, तो बात तुरंत समझ आती है।

नेहरा:

  • पूरे मैच में खड़े रहते हैं
  • लगातार boundary line के पास घूमते रहते हैं
  • खिलाड़ियों से real-time बात करते हैं

क्रिकेट में आमतौर पर कोच शांत बैठते हैं, notes लेते हैं… लेकिन नेहरा उस template को तोड़ते हैं।

हरभजन के शब्दों में—वो “कभी एक जगह टिकते नहीं”।

और शायद यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

Dressing room culture—GT की असली जीत

नेहरा की coaching philosophy सिर्फ tactics तक सीमित नहीं है। उनका फोकस है:

  • environment
  • comfort
  • communication

हरभजन ने साफ कहा—वो “हर किसी को सहज महसूस कराते हैं”।

T20 फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट में ये छोटी चीज़ नहीं है। जब टीम में अलग-अलग देशों, backgrounds और egos के खिलाड़ी हों, तो unity बनाना ही सबसे बड़ा challenge होता है।

GT की consistency (2022 champion, 2023 finalist) इस बात का indirect proof है।

Numbers से समझें—GT की consistency

SeasonResult
2022Champions
2023Runners-up
2024Playoff race

नई फ्रेंचाइज़ी के लिए ये record extraordinary है। और इसमें coaching का रोल ignore नहीं किया जा सकता।

Suresh Raina की नजर—young pacers की कहानी

जहां हरभजन ने नेहरा के leadership style की बात की, वहीं सुरेश रैना ने spotlight डाली young fast bowlers पर—और कहानी यहां थोड़ी emotional हो जाती है।

Kartik Tyagi—injury से comeback

रैना ने बताया कि कार्तिक त्यागी का सफर आसान नहीं था:

  • पिछले साल injury
  • rehab phase
  • फिर UP T20 League में strong comeback

आज वो KKR के key bowler बन चुके हैं।

ये typical “highlight reel” story नहीं है—ये grind की कहानी है।

Ashok Sharma—sacrifice वाली कहानी

रैना ने जिस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया, वो थी अशोक शर्मा की journey

  • परिवार के limited resources
  • बड़े भाई ने अपना क्रिकेट सपना छोड़ दिया
  • ताकि अशोक आगे बढ़ सकें

ये वो side है क्रिकेट का, जो stats में नहीं दिखता… लेकिन असली backbone वही होता है।

अब वही अशोक IPL में Gujarat Titans के लिए खेल रहे हैं—big stage, big pressure।

Umesh Yadav—technical बदलाव की insight

उमेश यादव ने discussion को और गहरा कर दिया—उन्होंने बताया कि injury से लौटना सिर्फ mental नहीं, technical process भी है।

कार्तिक त्यागी के case में:

  • bowling action बदला
  • run-up adjust किया
  • stride (कदमों की लंबाई) छोटा किया

पहले उनकी stride बड़ी थी, जिससे:

calf injuries बार-बार हो रही थीं

ये detail छोटी लग सकती है, लेकिन fast bowling में यही difference बनाती है—career और struggle के बीच।

Fast bowling—glamour के पीछे की reality

उमेश की एक लाइन खास थी:

“145-150 kmph की रफ्तार से गेंदबाजी करना आसान नहीं होता।”

ये statement IPL के context में और भी relevant है, क्योंकि:

  • लगातार मैच
  • travel
  • workload

Fast bowlers के लिए ये constant stress है।

इसलिए Tyagi जैसे players का comeback सिर्फ talent नहीं—discipline + adaptation का result है।

Bigger picture—Indian pace attack का future

अगर आप इन सभी बातों को जोड़ें, तो एक broader picture दिखती है:

  • experienced mentors (नेहरा, उमेश)
  • emerging talent (त्यागी, अशोक)
  • strong domestic structure

रैना ने सही कहा—India का fast bowling future “bright” दिख रहा है।

और ये कोई overstatement नहीं है।

Coaching evolution—IPL ने क्या बदला?

आशीष नेहरा का style एक larger trend को भी दिखाता है।

Modern coaching अब:

  • static नहीं है
  • interactive है
  • player-centric है

Football, basketball जैसे sports में ये पहले से था। अब cricket भी उसी दिशा में जा रहा है।

नेहरा इस बदलाव का Indian example हैं।

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