Pant – आईपीएल 2026 में कप्तानी के कई दिलचस्प फैसले देखने को मिले हैं, लेकिन लखनऊ सुपर जाएंट्स के कप्तान ऋषभ पंत ने आरसीबी के खिलाफ जो दांव खेला, उसने मैच का पूरा narrative बदल दिया।
आखिरी ओवर में जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को जीत के लिए 20 रन चाहिए थे, तब लगभग हर किसी को लग रहा था कि गेंद शहबाज अहमद को मिलेगी। वजह भी साफ थी — वह एलएसजी के सबसे सफल गेंदबाज रहे थे।
लेकिन पंत ने सबको चौंकाते हुए गेंद दिग्वेश राठी को थमा दी।
उस वक्त कमेंट्री बॉक्स से लेकर मैदान तक, हर जगह यही सवाल था:
“क्या यह बहुत बड़ा gamble है?”
और सच कहें तो पिछले रिकॉर्ड देखकर सवाल गलत भी नहीं था।
शहबाज अहमद क्यों थे सबसे मजबूत विकल्प?
मैच में दोनों गेंदबाजों का प्रदर्शन देखें तो फैसला और भी चौंकाने वाला लगता है।
| गेंदबाज | ओवर | रन | विकेट |
|---|---|---|---|
| शहबाज अहमद | 3 | 33 | 2 |
| दिग्वेश राठी | 3 | 41 | 0 |
शहबाज अहमद ने:
- टिम डेविड का विकेट लिया
- रजत पाटीदार को आउट किया
- दबाव में अच्छी गेंदबाजी की
यानी momentum पूरी तरह उनके साथ था।
यहां तक कि मैच के दौरान शहबाज खुद कप्तान ऋषभ पंत के पास गेंद मांगने पहुंचे। मिचेल मार्श, दिग्वेश राठी और पंत के बीच आखिरी ओवर को लेकर लंबी चर्चा हुई।
कमेंट्री कर रहे आकाश चोपड़ा और इरफान पठान भी लगातार यही कह रहे थे कि आखिरी ओवर शहबाज को देना चाहिए।
लेकिन पंत कुछ और सोच चुके थे।
पंत ने क्यों चुना दिग्वेश राठी?
यही इस कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा है।
दिग्वेश राठी का दिन अच्छा नहीं गया था। ऊपर से उनका हालिया रिकॉर्ड भी दबाव बढ़ाने वाला था। इससे पहले जब उन्होंने एलएसजी के लिए आखिरी ओवर डाला था, तब रिंकू सिंह ने उन्हें लगातार 4 छक्के जड़े थे।
यानी:
- आत्मविश्वास दबाव में था
- रन पहले ही काफी पड़ चुके थे
- सामने रोमारियो शेपर्ड जैसा dangerous finisher था
फिर भी ऋषभ पंत ने उन्हीं पर भरोसा दिखाया।
कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि पंत शायद बल्लेबाजों के matchup को ध्यान में रख रहे थे। शेपर्ड pace के खिलाफ ज्यादा खतरनाक माने जाते हैं, जबकि राठी की लगातार गुगली बल्लेबाजों की timing बिगाड़ रही थी।
आखिरी ओवर का पूरा रोमांच
20 रन चाहिए थे। सामने रोमारियो शेपर्ड और क्रुणाल पांड्या थे। मैच पूरी तरह खुला हुआ था।
पहली गेंद
शेपर्ड बड़ा शॉट खेलना चाहते थे, लेकिन राठी की गुगली उन्हें पूरी तरह beat कर गई। सिर्फ 1 रन।
दूसरी गेंद
क्रुणाल पांड्या ने कवर की दिशा में जोरदार शॉट खेला, लेकिन सिर्फ एक रन मिला।
तीसरी गेंद
यहीं मैच पलटता दिखा।
शेपर्ड ने फिर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन राठी ने एक बार फिर गुगली डाली। बल्लेबाज timing नहीं पकड़ पाए और dot ball हो गई।
आरसीबी पर दबाव बढ़ चुका था।
चौथी गेंद
एक wide जरूर गई, लेकिन अगली गेंद पर शेपर्ड ने चौका जड़ दिया।
कुछ पल के लिए लगा कि मैच फिर पलट सकता है।
पांचवीं गेंद
राठी फिर अपनी strategy पर कायम रहे। गुगली, leg-side shot और सिर्फ 2 रन।
यहीं एलएसजी की जीत लगभग तय हो गई।
छठी गेंद
अब सिर्फ no-ball से बचना था।
दिग्वेश राठी ने शानदार yorker डाली और सिर्फ 1 रन दिया।
लखनऊ सुपर जाएंट्स ने मुकाबला 9 रन (DLS) से जीत लिया।
मैच के बाद चर्चा में ऋषभ पंत
क्रिकेट में कप्तानी का असली टेस्ट ऐसे ही moments में होता है।
अगर दिग्वेश राठी आखिरी ओवर में पिट जाते, तो शायद पूरा blame ऋषभ pंत पर आता। सोशल मीडिया पर उनके फैसले की जमकर आलोचना होती।
लेकिन अब वही फैसला masterstroke कहा जा रहा है।
यही T20 क्रिकेट की खूबसूरती भी है —
एक over पूरी कहानी बदल देता है।
दिग्वेश राठी ने दबाव कैसे संभाला?
यह जीत सिर्फ एलएसजी की नहीं, बल्कि दिग्वेश राठी के confidence की भी बड़ी जीत मानी जा रही है।
पिछले painful over की यादें अभी ताजा थीं।
सामने power-hitters थे।
पूरा stadium दबाव बना रहा था।
फिर भी उन्होंने:
- line नहीं छोड़ी
- variation नहीं बदला
- और panic नहीं किया
युवा गेंदबाजों के लिए यह बड़ा learning moment माना जा सकता है।
एलएसजी की playoff उम्मीदें जिंदा
इस जीत ने लखनऊ सुपर जाएंट्स की playoff उम्मीदों को भी breathing space दी है।
हालांकि टीम अभी भी मुश्किल स्थिति में है, लेकिन आरसीबी जैसी मजबूत टीम को हराना morale boost जरूर देगा।















