RR – राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग को लेकर पूर्व भारतीय बल्लेबाज और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने ऐसा बयान दिया है, जिसने IPL 2026 के बीच नई बहस छेड़ दी है। मांजरेकर ने साफ शब्दों में कहा कि क्रिकेटिंग नजरिए से उन्हें समझ नहीं आता कि आखिर राजस्थान रॉयल्स ने रियान पराग को कप्तान क्यों बनाया।
दिलचस्प बात यह है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब रियान पराग की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स अच्छा प्रदर्शन कर रही है और टीम 10 में से 6 मुकाबले जीत चुकी है।
फिर भी मांजरेकर का मानना है कि कप्तानी का फैसला “क्रिकेट लॉजिक” से मेल नहीं खाता।
“मुझे समझ नहीं आता RR ने इतना सपोर्ट क्यों किया”
स्पोर्ट्सस्टार के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान संजय मांजरेकर ने रियान पराग की मानसिकता और आत्मविश्वास की तारीफ की, लेकिन साथ ही राजस्थान रॉयल्स के फैसले पर सवाल भी उठा दिए।
उन्होंने कहा:
“वह आम भारतीय खिलाड़ियों जैसे नहीं हैं। वह फिट हैं, आत्मविश्वासी हैं, लेकिन इतने सालों में जो प्रदर्शन मैंने देखा है, उसके बाद मुझे यह थोड़ा अजीब लगता है कि राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें इतना सपोर्ट किया।”
यही नहीं, मांजरेकर ने यह भी कहा कि कप्तानी दिए जाने का फैसला उन्हें समझ नहीं आता।
“क्रिकेट के हिसाब से यह फैसला समझ नहीं आता”
संजय मांजरेकर ने सीधे तौर पर कहा कि संजू सैमसन जैसे कप्तान को हटाकर रियान पराग को जिम्मेदारी देना क्रिकेटिंग दृष्टि से सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा:
“संजू सैमसन कई सालों तक कप्तान रहे और फिर उन्हें हटा दिया गया। उनकी जगह रियान पराग आए। मुझे नहीं पता वहां क्या हुआ, लेकिन क्रिकेट के नजरिए से यह फैसला समझ नहीं आता।”
यह बयान इसलिए भी बड़ा माना जा रहा है क्योंकि संजू सैमसन लंबे समय तक राजस्थान रॉयल्स का चेहरा रहे थे। हालांकि IPL 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें ट्रेड कर लिया।
“रियान पराग को जरूरत से ज्यादा मिला”
मांजरेकर यहीं नहीं रुके।
उन्होंने कहा कि रियान पराग को उनके प्रदर्शन की तुलना में ज्यादा मौके और इनाम मिले।
“यह कहना थोड़ा कठोर है, लेकिन उन्हें इनाम के तौर पर बहुत ज़्यादा मिला है। उन इनामों के लिए उतनी मेहनत नहीं की गई।”
क्रिकेट फैंस के बीच यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग मांजरेकर की बात से सहमत दिखे, जबकि कई फैंस ने रियान पराग के हालिया प्रदर्शन का हवाला देते हुए उनका बचाव भी किया।
IPL 2026 में कैसा रहा है रियान पराग का प्रदर्शन?
अगर आंकड़ों की बात करें, तो इस सीजन रियान पराग का बल्ला पूरी तरह लगातार नहीं चला है।
| मैच | रन | बड़ी पारी |
|---|---|---|
| 10 | 207 | 90 रन |
दिलचस्प बात यह है कि उनके 207 रन में से 90 रन सिर्फ एक पारी में आए हैं। यानी बाकी मैचों में वह बड़ी पारी खेलने में संघर्ष करते नजर आए।
हालांकि कप्तानी के मामले में राजस्थान का रिकॉर्ड बुरा नहीं रहा।
| मैच | जीत | हार |
|---|---|---|
| 10 | 6 | 4 |
यानी टीम फिलहाल प्लेऑफ की दौड़ में मजबूत स्थिति में बनी हुई है।
Vaping controversy ने भी बढ़ाई चर्चा
हाल ही में रियान पराग एक और वजह से सुर्खियों में आए थे।
उन्हें मैच के दौरान vaping करते हुए देखा गया था, जिसके बाद BCCI ने उन पर कार्रवाई की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- 25% मैच फीस काटी गई
- आधिकारिक फटकार भी लगाई गई
इस घटना ने सोशल मीडिया पर काफी विवाद खड़ा किया था।
फिर भी मांजरेकर ने की तारीफ
हालांकि आलोचना के बीच मांजरेकर ने रियान पराग की सबसे बड़ी ताकत भी बताई — उनका आत्मविश्वास।
उन्होंने कहा:
“जब वह अच्छा नहीं कर रहे थे, तब भी उनके अंदर जबरदस्त आत्मविश्वास दिखता था।”
मांजरेकर ने यह भी कहा कि कभी-कभी उनका confidence घमंड जैसा लगता था, लेकिन वही चीज उन्हें अलग भी बनाती है।
उन्होंने पराग की बल्लेबाजी शैली पर टिप्पणी करते हुए कहा:
“वह आते थे, कुछ शानदार शॉट मारते थे और आप प्रभावित हो जाते थे… लेकिन फिर वही risky शॉट खेलकर आउट भी हो जाते थे।”
क्या RR का फैसला अब सही साबित हो रहा है?
यही इस पूरी बहस का सबसे दिलचस्प हिस्सा है।
एक तरफ:
- पराग का व्यक्तिगत प्रदर्शन inconsistent रहा
- कप्तानी को लेकर सवाल उठे
- discipline issues भी सामने आए
लेकिन दूसरी तरफ:
- टीम मैच जीत रही है
- RR प्लेऑफ रेस में मजबूत है
- और dressing room में पराग को समर्थन मिलता दिख रहा है
यानी आंकड़े और perception फिलहाल दो अलग-अलग कहानी बता रहे हैं।
क्या रियान पराग आलोचनाओं का जवाब दे पाएंगे?
रियान पराग लंबे समय से भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में रहे हैं।
उनके करियर में हमेशा दो चीजें साथ चली हैं:
- talent
- controversy
अब कप्तानी मिलने के बाद scrutiny और बढ़ गई है।
अगर राजस्थान इस सीजन ट्रॉफी जीतती है, तो शायद यही फैसला masterstroke कहलाएगा।
लेकिन अगर टीम लड़खड़ाती है, तो सवाल और तेज होंगे।















