India : खेल मंत्रालय का बड़ा फैसला भारत-पाक क्रिकेट रिश्तों पर फिर आई स्पष्टता

Atul Kumar
Published On:
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India – भारत और पाकिस्तान के बीच खेल संबंधों को लेकर केंद्र सरकार ने एक बार फिर अपना रुख साफ कर दिया है। खेल मंत्रालय ने बुधवार को जारी सर्कुलर में कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय खेल संबंधों पर लगी रोक जारी रहेगी।

यानी भारतीय टीमें पाकिस्तान जाकर कोई bilateral series नहीं खेलेंगी और ना ही पाकिस्तानी टीमों को भारत में द्विपक्षीय मुकाबलों की अनुमति दी जाएगी।

हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि बहुपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में पाकिस्तान के खिलाड़ियों या टीमों की भागीदारी पर कोई रोक नहीं होगी।

यानी अगर कोई ICC, एशियाई या ओलंपिक स्तर का इवेंट भारत में आयोजित होता है, तो पाकिस्तानी खिलाड़ी उसमें हिस्सा ले सकेंगे।

खेल मंत्रालय ने क्या कहा?

खेल मंत्रालय ने यह निर्देश सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSF), भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को जारी किया।

सर्कुलर में साफ लिखा गया:

“भारतीय टीमें पाकिस्तान में होने वाली द्विपक्षीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लेंगी और ना ही पाकिस्तानी टीमों को भारत में खेलने की अनुमति दी जाएगी।”

लेकिन इसके साथ मंत्रालय ने बहुपक्षीय आयोजनों के लिए अलग नीति भी बताई।

मल्टीनेशनल टूर्नामेंट्स में मिलेगी अनुमति

मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल संचालन संस्थाओं के नियमों और खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए भारत बहुपक्षीय प्रतियोगिताओं में भाग लेता रहेगा।

इसका मतलब:

  • भारतीय खिलाड़ी उन टूर्नामेंट्स में खेलेंगे जहां पाकिस्तान भी हिस्सा ले
  • पाकिस्तानी खिलाड़ी भारत में होने वाले मल्टीनेशनल इवेंट्स में आ सकेंगे
  • ICC, एशियन गेम्स, ओलंपिक जैसे इवेंट प्रभावित नहीं होंगे

मंत्रालय ने कहा:

“हम अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं की कार्यप्रणाली और खिलाड़ियों के हितों के अनुसार निर्णय लेते हैं।”

पिछले साल भी घोषित हुई थी यही नीति

यह नीति पहली बार अगस्त 2025 में सामने आई थी।

तब एशिया कप को लेकर बड़ा विवाद हुआ था क्योंकि:

  • टूर्नामेंट UAE में खेला गया
  • पाकिस्तान भी उसमें शामिल था
  • और यह आयोजन पहलगाम आतंकी हमले के कुछ महीनों बाद हुआ था

उस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद भारत-पाक खेल संबंधों पर बहस तेज हो गई थी।

उस समय भी सरकार ने साफ कहा था कि:

  • बहुपक्षीय टूर्नामेंट्स में भारत हिस्सा लेगा
  • लेकिन bilateral cricket या अन्य खेल संबंध बहाल नहीं होंगे

भारत क्यों नहीं बदलना चाहता यह नीति?

विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत दो चीजों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है:

मुद्दाभारत का रुख
राष्ट्रीय सुरक्षाद्विपक्षीय खेल संबंध बंद
अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिबद्धतामल्टीनेशनल इवेंट्स जारी

यानी सरकार सुरक्षा और कूटनीतिक रुख बनाए रखते हुए Olympic Charter और वैश्विक खेल नियमों का भी पालन करना चाहती है।

2030 Commonwealth और 2036 Olympics पर नजर

यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि भारत:

  • 2030 Commonwealth Games
  • और 2036 Olympic Games

की मेजबानी हासिल करने की कोशिश कर रहा है।

अगर भारत भविष्य में ऐसे बड़े इवेंट्स आयोजित करना चाहता है, तो उसे सभी सदस्य देशों के खिलाड़ियों के लिए खुला और समावेशी मेजबान दिखना होगा।

वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने का भी ऐलान

खेल मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत को “preferred global sports destination” बनाने के लिए वीजा प्रक्रिया को आसान किया जाएगा।

नई व्यवस्था के तहत:

  • खिलाड़ियों
  • टीम अधिकारियों
  • तकनीकी स्टाफ
  • और अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं के अधिकारियों

को आसान और प्राथमिकता आधारित वीजा मिलेगा।

पांच साल तक का मल्टीपल एंट्री वीजा

मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल संचालन संस्थाओं के अधिकारियों को:

  • multi-entry visa
  • अधिकतम पांच साल तक

दिया जा सकेगा।

इस कदम को भारत की sports diplomacy strategy का हिस्सा माना जा रहा है।

क्या भारत-पाक क्रिकेट सीरीज अब भी संभव नहीं?

फिलहाल इस नीति से साफ है कि:

  • भारत-पाक bilateral cricket series नहीं होगी
  • ना भारत पाकिस्तान जाएगा
  • ना पाकिस्तान भारत आकर द्विपक्षीय सीरीज खेलेगा

हालांकि ICC और ACC टूर्नामेंट्स में दोनों टीमें आमने-सामने आती रहेंगी।

खेल मंत्रालय का नया दफ्तर

इस बीच मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि युवा मामले और खेल मंत्रालय अब शास्त्री भवन से हटकर नेताजी नगर स्थित नए परिसर में शिफ्ट हो गया है।

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