Broad XI – इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने हाल ही में अपनी ऑल-टाइम टेस्ट प्लेइंग इलेवन चुनी, जिसमें उन्होंने उन खिलाड़ियों को शामिल किया जिनके खिलाफ वह अपने करियर के दौरान खेले हैं।
ब्रॉड की इस टीम ने क्रिकेट जगत में चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि इसमें भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और मौजूदा दौर के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में से एक जसप्रीत बुमराह को जगह नहीं मिली है।
हालांकि, भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली इस टीम में शामिल होने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं। ब्रॉड ने कोहली को नंबर-4 पर चुना, जो उनके टेस्ट करियर की सबसे सफल बल्लेबाजी पोजीशन रही है।
टॉप ऑर्डर में संगकारा और स्मिथ पर जताया भरोसा
स्टुअर्ट ब्रॉड ने अपनी टेस्ट XI की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ और श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा से की। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने संगकारा को विकेटकीपर की भूमिका भी सौंपी, जबकि अपने करियर के अंतिम वर्षों में वह मुख्य रूप से विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में खेले थे।
नंबर-3 पर ऑस्ट्रेलिया के महान कप्तान रिकी पोंटिंग को जगह मिली, जबकि विराट कोहली को नंबर-4 पर चुना गया। टेस्ट क्रिकेट में कोहली के शानदार रिकॉर्ड और विभिन्न परिस्थितियों में उनके प्रदर्शन को देखते हुए ब्रॉड ने उन पर भरोसा जताया।
सचिन तेंदुलकर का बाहर रहना बना चर्चा का विषय
ब्रॉड की इस टीम में सबसे बड़ा सरप्राइज सचिन तेंदुलकर का नाम न होना रहा। क्रिकेट इतिहास के सबसे महान बल्लेबाजों में गिने जाने वाले सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में 15,921 रन बनाए हैं और उनके नाम 51 शतक दर्ज हैं।
ब्रॉड अपने करियर में सचिन के खिलाफ गेंदबाजी कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी अंतिम XI में उन्हें शामिल नहीं किया। सोशल मीडिया पर फैंस इस फैसले को लेकर लगातार चर्चा कर रहे हैं।
मिडिल ऑर्डर में दिग्गजों की भरमार
ब्रॉड ने नंबर-5 पर ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ को चुना, जिन्हें आधुनिक दौर के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट बल्लेबाजों में गिना जाता है। वहीं नंबर-6 पर दक्षिण अफ्रीका के महान ऑलराउंडर जैक्स कैलिस को जगह मिली।
कैलिस इस टीम के एकमात्र वास्तविक ऑलराउंडर हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 13,000 से अधिक रन बनाने के साथ 292 विकेट भी हासिल किए हैं। उनकी मौजूदगी टीम को संतुलन प्रदान करती है।
नंबर-7 पर एबी डिविलियर्स को चुना गया है, जो अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और जरूरत पड़ने पर विकेटकीपिंग की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
गेंदबाजी आक्रमण में स्टेन, जॉनसन और स्टार्क
गेंदबाजी विभाग में ब्रॉड ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन को शामिल किया, जिनकी रफ्तार और आक्रामकता ने कई बल्लेबाजों को परेशान किया था।
उनके साथ दक्षिण अफ्रीका के महान तेज गेंदबाज डेल स्टेन हैं, जिन्हें टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सबसे खतरनाक पेसर्स में गिना जाता है।
तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में मिशेल स्टार्क को चुना गया है, जबकि स्पिन विभाग की जिम्मेदारी श्रीलंका के महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन को सौंपी गई है। मुरलीधरन टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक 800 विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।
जसप्रीत बुमराह को नहीं मिली जगह
ब्रॉड की इस टीम में जसप्रीत बुमराह का नाम नहीं होना भी कई क्रिकेट प्रशंसकों के लिए चौंकाने वाला रहा। बुमराह ने पिछले कुछ वर्षों में टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए कई ऐतिहासिक जीतों में अहम भूमिका निभाई है और उन्हें मौजूदा दौर के सबसे प्रभावशाली तेज गेंदबाजों में गिना जाता है।
हालांकि, ब्रॉड ने अपने अनुभव और जिन खिलाड़ियों के खिलाफ वह खेले, उनके आधार पर यह चयन किया है।
स्टुअर्ट ब्रॉड की ऑल-टाइम टेस्ट XI
- ग्रीम स्मिथ
- कुमार संगकारा (विकेटकीपर)
- रिकी पोंटिंग
- विराट कोहली
- स्टीव स्मिथ
- जैक्स कैलिस
- एबी डिविलियर्स
- मिशेल जॉनसन
- डेल स्टेन
- मुथैया मुरलीधरन
- मिशेल स्टार्क















