Bethell – इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने भारत के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में शानदार नाबाद 76 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर अपनी टीम को चार विकेट से जीत दिलाई।
इस जीत के बाद बेथेल ने कहा कि यह पारी उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक है, क्योंकि इस बार उनकी बल्लेबाजी टीम की जीत के काम आई।
मैनचेस्टर में मिली इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।
जीत के साथ नाबाद लौटना सबसे खास
मैच के बाद जैकब बेथेल ने अपनी पारी को यादगार बताते हुए कहा,
“मैं इसे अपनी सबसे पसंदीदा पारियों में सबसे ऊपर रखूंगा। एक बल्लेबाज के तौर पर जीत के साथ नाबाद लौटना और ड्रेसिंग रूम में साथियों से हाथ मिलाना, इससे बेहतर अहसास कुछ नहीं हो सकता।”
उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी कई शतक लगाए हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर टीम को जीत नहीं दिला सके थे।
भारत से मिली पुरानी हार की कसक निकाली
बेथेल ने याद किया कि उन्होंने इस साल टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ शतक लगाया था, लेकिन इंग्लैंड वह मुकाबला हार गया था।
उन्होंने कहा,
“मैंने ऑस्ट्रेलिया और भारत के खिलाफ भी शतक लगाए, लेकिन हम वे मैच हार गए। उस समय हमेशा यही लगता था कि मैं और क्या कर सकता था।”
उन्होंने आगे कहा,
“आज बहुत खुशी है कि हमने भारत को हराया और सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। पिछली हार की थोड़ी कसक थी, इसलिए यह जीत मेरे लिए और भी खास है।”
17वें ओवर ने बदल दिया पूरा मैच
जब इंग्लैंड को जीत के लिए तेज रन गति की जरूरत थी, तब जैकब बेथेल ने भारतीय स्पिनर रवि बिश्नोई के खिलाफ मैच का रुख बदल दिया।
उन्होंने 17वें ओवर में—
- 3 छक्के
- 1 चौका
- 29 रन
बटोरे। इस ओवर में दो नो-बॉल भी फेंकी गईं, जिससे इंग्लैंड को अतिरिक्त फायदा मिला।
इसके बाद उन्होंने हर्षित राणा के ओवर में भी छक्का लगाकर जीत लगभग तय कर दी।
अपनी आखिरी 10 गेंदों में 34 रन बनाकर बेथेल ने भारत से मैच पूरी तरह छीन लिया।
बड़े लक्ष्य का पीछा करने का बताया मंत्र
बेथेल ने कहा कि बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की जरूरत नहीं होती।
उन्होंने कहा,
“ऐसे लक्ष्य का पीछा करते समय पूरे समय आक्रामक नहीं खेला जाता। जरूरत सिर्फ कुछ बड़े ओवर निकालने की होती है। एक-दो अच्छे ओवर पूरे मैच का रुख बदल देते हैं।”
मुश्किल शुरुआत के बाद संभाली पारी
इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही थी।
टीम ने सिर्फ एक रन पर अपने दोनों सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट और जोस बटलर के विकेट गंवा दिए थे।
बेथेल चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे और दबाव में शानदार संयम दिखाया।
उन्होंने कहा,
“मैं काफी शांत था। जब हैरी ब्रूक बल्लेबाजी के लिए गए तो मैंने उनसे सिर्फ इतना कहा कि अच्छा खेलना। कुछ गेंदों बाद मैं भी मैदान पर था।”
हैरी ब्रूक की भी जमकर तारीफ
बेथेल ने कप्तान हैरी ब्रूक की आक्रामक बल्लेबाजी की भी सराहना की।
ब्रूक ने सिर्फ 15 गेंदों में 39 रन बनाए, जिसमें चार चौके और तीन छक्के शामिल थे।
बेथेल के अनुसार ब्रूक की तेज पारी ने शुरुआती झटकों के बाद टीम का दबाव कम कर दिया और लक्ष्य का पीछा आसान बना दिया।















