krishnan : वैभव सूर्यवंशी को लगातार मौके मिलने चाहिए, एल. शिवरामकृष्णन बोले- अगले 20 साल का निवेश हैं

Atul Kumar
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krishnan – भारत के पूर्व लेग स्पिनर एल. शिवरामकृष्णन का मानना है कि 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को टीम से अंदर-बाहर करने के बजाय लगातार खेलने का मौका दिया जाना चाहिए।

उनके अनुसार इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले खिलाड़ी को अनुभव हासिल करने, गलतियों से सीखने और विभिन्न परिस्थितियों में खुद को साबित करने के लिए नियमित अवसर मिलने चाहिए।

वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 15 साल और 99 दिन की उम्र में डेब्यू कर भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने अपने पहले मैच में 10 गेंदों पर 14 रन बनाए, जिसमें दो शानदार छक्के शामिल थे।

‘आराम नहीं, लगातार मैच खेलने की जरूरत’

समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में एल. शिवरामकृष्णन ने कहा,

“उसे सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार मौके मिलने चाहिए। युवा खिलाड़ी को टीम में शामिल करके फिर आराम देने का कोई मतलब नहीं है। उसे अभी आराम की जरूरत नहीं है, बल्कि पूरे साल खेलना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि एक बल्लेबाज होने के कारण वैभव को तेज गेंदबाजों की तरह वर्कलोड मैनेजमेंट की उतनी जरूरत नहीं होगी।

‘बल्लेबाजी से बढ़ेगी मानसिक मजबूती’

शिवरामकृष्णन का मानना है कि लगातार बल्लेबाजी करने से वैभव की तकनीक के साथ-साथ मानसिक मजबूती भी बढ़ेगी।

उन्होंने कहा,

“लंबे समय तक बल्लेबाजी करने से उसकी एकाग्रता और मानसिक मजबूती दोनों विकसित होंगी।”

उनके मुताबिक युवा बल्लेबाज को जितना अधिक समय मैदान पर मिलेगा, उतनी ही तेजी से उसका विकास होगा।

‘अगले 20 साल के लिए भारत का निवेश’

पूर्व भारतीय स्पिनर ने कहा कि जब टीम मैनेजमेंट ने वैभव पर भरोसा जताया है तो उसे पर्याप्त मौके भी देने चाहिए।

उन्होंने कहा,

“एक बार जब आपने उसे टीम में खिलाने का फैसला कर लिया है, तो उसे पूरा मौका भी देना चाहिए। वह अगले 20 वर्षों के लिए भारतीय क्रिकेट का निवेश है।”

शिवरामकृष्णन ने यह भी कहा कि इस समय वैभव को मुख्य कोच गौतम गंभीर, कप्तान श्रेयस अय्यर और पूरी टीम के समर्थन की सबसे ज्यादा जरूरत है।

खराब शुरुआत पर भी नहीं टूटना चाहिए भरोसा

उन्होंने कहा कि अगर शुरुआती कुछ मैचों में वैभव का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहता, तब भी टीम मैनेजमेंट को धैर्य रखना चाहिए।

“उसे लगातार मौके मिलने चाहिए। युवा खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देने के लिए टीम का भरोसा बहुत जरूरी होता है।”

आक्रामक खेल ही है वैभव की पहचान

शिवरामकृष्णन का मानना है कि वैभव स्वाभाविक रूप से आक्रामक बल्लेबाज हैं और उन्हें अपनी शैली बदलने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा,

“वह ऐसा स्ट्रोक प्लेयर है जो जोखिम उठाएगा। लेकिन आधुनिक क्रिकेट जोखिम लेने का ही खेल है। इसलिए उसे अपनी स्वाभाविक बल्लेबाजी शैली नहीं बदलनी चाहिए।”

गेंदबाजों की रणनीति समझनी होगी

पूर्व स्पिनर ने कहा कि वैभव को अब यह भी सीखना होगा कि विरोधी गेंदबाज उनके खिलाफ किस तरह की योजना बनाते हैं।

उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू मैच का उदाहरण देते हुए कहा कि स्पिन गेंदबाज के खिलाफ जल्दबाजी में बड़ा शॉट खेलने जैसी गलतियों से सीखना भी विकास का हिस्सा है।

वनडे टीम के लिए भी मजबूत दावेदार

एल. शिवरामकृष्णन का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी सिर्फ टी20 ही नहीं, बल्कि वनडे क्रिकेट में भी भारत के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अगर उनका विकास सही दिशा में होता है तो वह अगले साल होने वाले 50 ओवर के विश्व कप के लिए भारत के शीर्ष क्रम के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हो सकते हैं।

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