Kapil Dev – भारत के महान ऑलराउंडर और 1983 विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव का मानना है कि विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कुछ जल्दबाजी में लिया।
उनके अनुसार कोहली के पास अभी भी कई साल टेस्ट क्रिकेट खेलने की क्षमता थी और उन्हें थोड़ा संयम दिखाकर भारत के लिए खेलना जारी रखना चाहिए था।
विराट कोहली ने पिछले साल मई में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। इसके बाद वह केवल वनडे प्रारूप में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
‘अभी विराट में काफी टेस्ट क्रिकेट बाकी था’
स्पोर्ट्स तक से बातचीत में कपिल देव ने कहा कि उन्हें विराट कोहली के फैसले से निराशा हुई।
उन्होंने कहा,
“यह 10 हजार रन की बात नहीं है। मुझे लगा कि अगर उन्होंने छह महीने तक खुद को शांत रखा होता और भारत के लिए खेलने का एक और मौका दिया होता, तो बेहतर होता। जब आप भारत के लिए खेलना बंद कर देते हैं, तो दोबारा मौका नहीं मिलता।”
कपिल देव का मानना है कि भावनाओं में आकर इतने बड़े फैसले नहीं लेने चाहिए।
‘गुस्से में फैसला नहीं लेना चाहिए’
पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि खिलाड़ियों को मुश्किल समय में धैर्य रखना चाहिए।
उन्होंने कहा,
“जब आप अभी भी खेल रहे हों, तो गुस्से में ऐसे फैसले नहीं लेने चाहिए। उनकी अपनी सोच रही होगी और वह उसका सम्मान करते हैं, लेकिन बाहर से देखने पर लगता है कि उनके पास अभी और समय था।”
उन्होंने यह भी कहा कि अगर चयनकर्ता या कप्तान किसी खिलाड़ी को कुछ समय के लिए मौका नहीं देते, तो उसे घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन कर वापसी की कोशिश करनी चाहिए।
मोहिंदर अमरनाथ और अंशुमान गायकवाड़ का दिया उदाहरण
कपिल देव ने पुराने दौर के खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा,
“अगर चयनकर्ताओं ने नहीं चुना, तो मेहनत करो, घरेलू क्रिकेट में रन बनाओ और वापसी करो। मोहिंदर अमरनाथ, अंशुमान गायकवाड़ और कई खिलाड़ियों ने ऐसा करके टीम में वापसी की थी।”
उनके अनुसार विराट कोहली भी ऐसा कर सकते थे।
‘आज भी टेस्ट खेलने की क्षमता रखते हैं विराट’
कपिल देव का मानना है कि विराट कोहली की फिटनेस और खेल का स्तर आज भी शानदार है।
उन्होंने कहा,
“जिस तरह आप आईपीएल या दूसरे टूर्नामेंट में प्रदर्शन कर रहे हैं, उससे साफ है कि आप वापस आ सकते हैं। आज भी अगर आप विराट को देखें, तो उनमें टेस्ट क्रिकेट खेलने की पूरी क्षमता है।”
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह विराट का व्यक्तिगत फैसला था और उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
10 हजार टेस्ट रन से रह गए थे दूर
विराट कोहली के टेस्ट संन्यास के समय कई क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों का मानना था कि उन्होंने समय से पहले यह फैसला लिया।
वह टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन पूरे करने से करीब 770 रन दूर थे। ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि वह इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने के बाद ही टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहेंगे।
मैदान पर जॉन मैकेनरो जैसी आक्रामकता
कपिल देव ने विराट कोहली के मैदान पर आक्रामक अंदाज की तुलना टेनिस के महान खिलाड़ी जॉन मैकेनरो से भी की।
उनके अनुसार विराट की ऊर्जा, जुनून और जीतने की भूख उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती थी और यही कारण है कि उनका टेस्ट क्रिकेट छोड़ना कई लोगों के लिए निराशाजनक रहा।















