Zadran – अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान का 38 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले कई महीनों से एक दुर्लभ और गंभीर बीमारी हेमोफैगोसिटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) से जूझ रहे थे और भारत में उनका इलाज चल रहा था।
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने मंगलवार को आधिकारिक बयान जारी कर उनके निधन की पुष्टि की और उन्हें अफगान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक बताया।
भारत में चल रहा था इलाज
शापूर जादरान पिछले कई महीनों से दिल्ली-एनसीआर के एक अस्पताल में भर्ती थे।
उन्हें हेमोफैगोसिटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) नाम की दुर्लभ बीमारी थी। शुरुआत में इलाज का असर सकारात्मक रहा और उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई थी, लेकिन बाद में उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई।
आखिरकार मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने जताया शोक
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा,
“शापूर जादरान अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक थे। उनके समर्पण, जुनून और प्रतिबद्धता ने देश में क्रिकेट को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।”
बोर्ड ने आगे कहा कि शापूर का योगदान हमेशा अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा और उन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा।
युवा खिलाड़ियों के लिए थे प्रेरणा
एसीबी ने अपने बयान में कहा कि शापूर जादरान सिर्फ एक शानदार क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा भी थे।
बोर्ड के अनुसार,
“उनका संघर्ष, दृढ़ संकल्प और खेल के प्रति प्रेम कई युवा क्रिकेटरों के लिए उम्मीद की किरण बना। उन्होंने एक पूरी पीढ़ी को बड़े सपने देखने का हौसला दिया।”
कैसा रहा शापूर जादरान का अंतरराष्ट्रीय करियर?
शापूर जादरान ने 2009 से 2020 तक अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व किया।
उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के आंकड़े—
- वनडे मैच: 44
- वनडे विकेट: 43
- टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच: 36
- टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट: 37
वह उन खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्होंने अफगानिस्तान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
क्या है HLH बीमारी?
हेमोफैगोसिटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) एक दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी है, जो मुख्य रूप से बच्चों में अधिक देखी जाती है, हालांकि यह वयस्कों को भी प्रभावित कर सकती है।
इस बीमारी में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) असामान्य रूप से अत्यधिक सक्रिय हो जाती है, जिससे पूरे शरीर में गंभीर सूजन पैदा होती है।
इसका असर कई महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ सकता है, जिनमें शामिल हैं—
- बोन मैरो
- लीवर
- स्प्लीन
- लिम्फ नोड्स
समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है।
अक्टूबर में हुई थी तबीयत खराब
रिपोर्ट्स के मुताबिक शापूर जादरान की तबीयत सबसे पहले पिछले साल अक्टूबर में बिगड़ी थी।
अफगानिस्तान में शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए भारत भेजने की सलाह दी थी। कुछ समय तक उनकी हालत में सुधार हुआ, लेकिन बाद में बीमारी फिर गंभीर हो गई।















