WTC Final – श्रीलंका को गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में 165 रन से हराने के बाद टीम इंडिया की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें काफी मजबूत हुई हैं। शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है और अब उसकी नजरें कोलंबो टेस्ट जीतकर सीरीज में क्लीन स्वीप करने पर हैं।
भारत के लिए WTC फाइनल की रेस आसान नहीं होने वाली है, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ जीत ने टीम को जरूरी बढ़त जरूर दिला दी है।
भारत के खाते में फिलहाल 53.33 PCT
श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में जीत के बाद भारत के खाते में फिलहाल 53.33 प्रतिशत अंक (PCT) हैं।
WTC के पिछले चक्रों को देखें तो फाइनल में पहुंचने वाली टीमों का PCT आमतौर पर 60 प्रतिशत या उससे ऊपर रहा है। ऐसे में भारत को फाइनल में जगह बनाने के लिए अपने बचे हुए मुकाबलों में लगातार जीत हासिल करनी होगी।
टीम इंडिया इससे पहले WTC के दोनों शुरुआती चक्रों में फाइनल तक पहुंच चुकी है।
पहले फाइनल में भारत को न्यूजीलैंड के हाथों हार मिली थी, जबकि दूसरे फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को मात दी थी। तीसरे WTC फाइनल में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका आमने-सामने थे, जहां दक्षिण अफ्रीका ने खिताब जीतकर इतिहास रचा।
श्रीलंका को 2-0 हराने पर कितना होगा PCT?
भारत और श्रीलंका के बीच सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट 23 अगस्त से खेला जाना है।
अगर भारत कोलंबो में भी श्रीलंका को हरा देता है और सीरीज 2-0 से अपने नाम कर लेता है, तो टीम इंडिया के PCT में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
भारत के खाते में करीब 57.57 प्रतिशत अंक हो जाएंगे।
लेकिन सिर्फ 57.57 PCT भारत को फाइनल की गारंटी नहीं देगा। इसके बाद टीम को न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
बचे हुए 7 टेस्ट होंगे बेहद महत्वपूर्ण
श्रीलंका सीरीज के बाद भारत को:
- न्यूजीलैंड के खिलाफ 2 टेस्ट
- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 टेस्ट
खेलने हैं।
यानी मौजूदा सीरीज के दूसरे टेस्ट को छोड़ दें तो भारत के सामने WTC चक्र में आगे 7 बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले होंगे।
यही मुकाबले तय करेंगे कि टीम इंडिया फाइनल की रेस में रहेगी या नहीं।
भारत को कितने मैच जीतने होंगे?
श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में जीत के बाद भारत को अपने बचे हुए मुकाबलों में जबरदस्त प्रदर्शन करना होगा।
अगर भारत अपने बचे मैचों में 6 जीत हासिल करता है तो टीम लगभग 60 प्रतिशत PCT के आसपास पहुंच सकती है।
वहीं 7 या उससे ज्यादा जीत भारत को टॉप-2 की रेस में बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा सकती हैं।
यानी टीम इंडिया के लिए हर टेस्ट अब बेहद महत्वपूर्ण है।
न्यूजीलैंड सीरीज बन सकती है टर्निंग पॉइंट
श्रीलंका के बाद भारत को न्यूजीलैंड की चुनौती उसके घर में मिलेगी।
भारत के लिए यह सीरीज आसान नहीं होगी, क्योंकि विदेशी परिस्थितियों में न्यूजीलैंड को हराना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है।
दो टेस्ट मैचों की इस सीरीज में अगर भारत दोनों मुकाबले जीतने में सफल रहता है तो WTC पॉइंट्स टेबल में उसकी स्थिति काफी बेहतर हो सकती है।
वहीं अगर भारत यहां अंक गंवाता है तो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज का दबाव और बढ़ जाएगा।
न्यूजीलैंड से पिछली हार अभी भी याद है
पिछले WTC चक्र में भारत के फाइनल से बाहर होने की बड़ी वजहों में से एक घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली हार थी।
भारत को उस सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था।
इस बार भी न्यूजीलैंड की सीरीज WTC फाइनल की रेस में बड़ा अंतर पैदा कर सकती है। भारत को अपने घर में नहीं, बल्कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में जाकर खेलना होगा।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज की हार भी पड़ी भारी
भारत के मौजूदा WTC अभियान में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार भी काफी नुकसानदायक रही।
दक्षिण अफ्रीका ने भारत को उसकी धरती पर 2-0 से टेस्ट सीरीज में हराया था।
अगर भारत उस सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करता तो आज WTC पॉइंट्स टेबल में उसकी स्थिति काफी मजबूत हो सकती थी।
अब भारत के पास उन गलतियों की भरपाई करने के लिए ज्यादा मौके नहीं बचे हैं।
ऑस्ट्रेलिया अभी नंबर-1 पर
मौजूदा WTC पॉइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया 77.78 प्रतिशत PCT के साथ पहले स्थान पर है।
हालांकि हालिया मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश के खिलाफ बड़ा झटका लगा है।
वहीं डिफेंडिंग चैंपियन दक्षिण अफ्रीका 75 प्रतिशत PCT के साथ दूसरे स्थान पर है।
इसके बाद:
| स्थान | टीम | PCT |
|---|---|---|
| 1 | ऑस्ट्रेलिया | 77.78% |
| 2 | दक्षिण अफ्रीका | 75% |
| 3 | न्यूजीलैंड | 72.22% |
| 4 | बांग्लादेश | 66.67% |
| 5 | भारत | 53.33% |
भारत को यहां से टॉप-2 में पहुंचने के लिए लगातार जीत दर्ज करनी होगी।
दक्षिण अफ्रीका का भी कठिन कार्यक्रम
दक्षिण अफ्रीका फिलहाल दूसरे स्थान पर है, लेकिन उसके आगे का कार्यक्रम आसान नहीं है।
दक्षिण अफ्रीका की चार टेस्ट सीरीज अभी बाकी हैं।
उसे श्रीलंका के खिलाफ विदेश में टेस्ट सीरीज खेलनी है, जबकि ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश और इंग्लैंड की मेजबानी करनी है।
इन सीरीज में अगर दक्षिण अफ्रीका अंक गंवाता है तो भारत के लिए टॉप-2 में पहुंचने का रास्ता खुल सकता है।
यानी भारत को सिर्फ अपने प्रदर्शन पर ही नहीं, बल्कि अन्य टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी।
भारत के लिए WTC फाइनल की राह कैसी है?
भारत के लिए समीकरण काफी स्पष्ट है।
पहला लक्ष्य: श्रीलंका को 2-0 से हराना।
दूसरा लक्ष्य: न्यूजीलैंड के खिलाफ दोनों टेस्ट जीतना।
तीसरा लक्ष्य: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट की सीरीज में अधिक से अधिक मुकाबले जीतना।
अगर भारत इन मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज करता है तो टीम टॉप-2 में पहुंचने की मजबूत दावेदार बन सकती है।
खासकर न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज भारत के WTC अभियान का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।













