IND vs SL – श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत के सबसे बड़े नायकों में देवदत्त पडिक्कल का नाम रहा। पडिक्कल ने पहली पारी में शानदार 167 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में भी 44 रन की अहम पारी खेली। पूरे मैच में उनके बल्ले से 211 रन निकले, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
हालांकि, गॉल टेस्ट के बाद पडिक्कल के टेस्ट करियर का एक ऐसा आंकड़ा सामने आया, जिसने सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने अब तक सिर्फ 3 टेस्ट मैच खेले हैं और हैरानी की बात यह है कि तीनों मुकाबले उन्होंने अलग-अलग कप्तानों की अगुवाई में खेले हैं। सबसे खास बात यह है कि तीनों ही मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की।
3 टेस्ट, 3 कप्तान और तीनों में भारत विजेता
देवदत्त पडिक्कल ने अपने छोटे से टेस्ट करियर में अब तक तीन अलग-अलग भारतीय कप्तानों के नेतृत्व में मुकाबले खेले हैं।
- रोहित शर्मा
- जसप्रीत बुमराह
- शुभमन गिल
इन तीनों मुकाबलों में टीम इंडिया को जीत मिली।
यानी पडिक्कल के टेस्ट करियर में फिलहाल हार का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
रोहित शर्मा की कप्तानी में हुआ टेस्ट डेब्यू
पडिक्कल ने 7 मार्च 2024 को इंग्लैंड के खिलाफ धर्मशाला टेस्ट से अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी।
उस समय टीम इंडिया की कप्तानी रोहित शर्मा के हाथों में थी। पडिक्कल ने अपने डेब्यू को यादगार बनाते हुए पहली पारी में 65 रन बनाए।
उन्हें दूसरी पारी में बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला।
भारत ने यह मुकाबला पारी और 64 रन से जीत लिया। इस तरह पडिक्कल के टेस्ट करियर की शुरुआत ही जीत के साथ हुई।
बुमराह की कप्तानी में दूसरा टेस्ट
पडिक्कल को अपना दूसरा टेस्ट मैच 2024 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेलने का मौका मिला।
रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में जसप्रीत बुमराह ने टीम इंडिया की कप्तानी की।
हालांकि इस मुकाबले में पडिक्कल बल्ले से कुछ खास नहीं कर सके। पहली पारी में वह शून्य पर आउट हुए, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने 25 रन बनाए।
इसके बावजूद भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 295 रन से हराकर मुकाबला अपने नाम किया।
यानी पडिक्कल के दूसरे टेस्ट में भी टीम इंडिया विजेता रही।
तीसरे टेस्ट के लिए करना पड़ा लंबा इंतजार
पडिक्कल को तीसरा टेस्ट खेलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
इस दौरान भारतीय टीम ने नंबर-3 की पोजिशन पर कई खिलाड़ियों को आजमाया। साई सुदर्शन ने भी इस स्थान पर अपनी दावेदारी मजबूत कर ली थी।
लेकिन फिटनेस की समस्या के कारण सुदर्शन श्रीलंका दौरे पर नहीं जा सके।
पडिक्कल ने वॉर्म-अप मुकाबले में शतक लगाकर अपनी फॉर्म का सबूत दिया और टीम मैनेजमेंट को भरोसा दिलाया कि वह टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार हैं।
इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और हेड कोच गौतम गंभीर ने उन पर भरोसा जताया और गॉल टेस्ट की प्लेइंग XI में शामिल किया।
गॉल में 167 रन ठोककर किया कमाल
टीम मैनेजमेंट के भरोसे का पडिक्कल ने शानदार अंदाज में जवाब दिया।
गॉल टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों का डटकर सामना करते हुए 167 रन की शानदार पारी खेली।
यह उनके टेस्ट करियर का पहला शतक था।
इसके बाद दूसरी पारी में भी पडिक्कल ने जिम्मेदारी दिखाई और 44 रन बनाए।
इस तरह उन्होंने पूरे मैच में कुल 211 रन बनाए और भारत की जीत में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बने प्लेयर ऑफ द मैच
पडिक्कल की 167 और 44 रन की पारियों की बदौलत उन्हें गॉल टेस्ट में प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराकर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।
यह पडिक्कल के लिए खास वापसी रही, क्योंकि लंबे समय बाद टेस्ट टीम में मौका मिलने के बाद उन्होंने सीधे मैच विनिंग प्रदर्शन कर दिया।
पडिक्कल का अनोखा टेस्ट रिकॉर्ड
| टेस्ट | कप्तान | पडिक्कल का प्रदर्शन | नतीजा |
|---|---|---|---|
| धर्मशाला vs इंग्लैंड | रोहित शर्मा | 65 रन | भारत जीता |
| ऑस्ट्रेलिया दौरा | जसप्रीत बुमराह | 0 और 25 रन | भारत जीता |
| गॉल vs श्रीलंका | शुभमन गिल | 167 और 44 रन | भारत जीता |
इस आंकड़े से साफ है कि पडिक्कल ने जिन तीन कप्तानों के नेतृत्व में टेस्ट क्रिकेट खेला, तीनों मुकाबलों में टीम इंडिया ने जीत दर्ज की।
नंबर-3 पर मजबूत हुआ दावा
गॉल टेस्ट के बाद पडिक्कल ने भारतीय टेस्ट टीम में नंबर-3 की पोजिशन के लिए अपना दावा काफी मजबूत कर लिया है।
पहली पारी में 167 रन और दूसरी पारी में 44 रन बनाकर उन्होंने दिखाया कि वह सिर्फ घरेलू परिस्थितियों में ही नहीं, बल्कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी लंबी पारी खेल सकते हैं।
अब दूसरे टेस्ट में भी उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद होगी।













