IND vs SL – श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव को ज्यादा गेंदबाजी करने का मौका मिला, लेकिन वह सिर्फ एक विकेट ही हासिल कर सके। इसके बाद दूसरे टेस्ट से उन्हें बाहर किए जाने की चर्चा शुरू हो गई है।
हालांकि, भारत के पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन इससे बिल्कुल सहमत नहीं हैं। उनका मानना है कि कुलदीप की गेंदबाजी में कोई बड़ी कमी नहीं आई है, बल्कि भारतीय टीम ने उन्हें सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया।
अश्विन ने कुलदीप को भारतीय गेंदबाजी यूनिट का तीसरा स्पिनर बताते हुए कहा कि ऐसी भूमिका में गेंदबाज के लिए लय और आत्मविश्वास हासिल करना आसान नहीं होता।
कुलदीप को ड्रॉप करना सही नहीं: अश्विन
रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कुलदीप यादव के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए कहा कि सिर्फ विकेटों के आंकड़े देखकर उन पर सवाल उठाना सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि टीम में रवींद्र जडेजा और मानव सुथार के होने के कारण कुलदीप तीसरे स्पिनर की भूमिका में हैं।
अश्विन के मुताबिक, तीसरे या चौथे स्पिनर के रूप में खेलना आसान नहीं होता, खासकर तब जब कप्तान किसी चल रही साझेदारी को तोड़ने के लिए गेंदबाज को इस्तेमाल करता है।
ऐसे में गेंदबाज को अपनी लय बनाने के लिए पर्याप्त ओवर नहीं मिल पाते।
जडेजा और सुथार की वजह से बदली कुलदीप की भूमिका
अश्विन ने भारतीय टीम की मौजूदा स्पिन यूनिट की तुलना अपने खेलने के दिनों से भी की।
उनका कहना है कि जब वह और रवींद्र जडेजा साथ खेलते थे, तब भी कुलदीप अक्सर तीसरे स्पिनर की भूमिका में रहते थे।
गॉल टेस्ट में भी स्थिति कुछ ऐसी ही रही।
जडेजा विकेट निकाल रहे थे और मानव सुथार ने भी शानदार गेंदबाजी की। ऐसे में कुलदीप को गेंदबाजी यूनिट में तीसरे विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया गया।
अश्विन ने समझाया कि टेस्ट मैच में किसी तीसरे स्पिनर के लिए छोटी-छोटी स्पेल में गेंदबाजी करना उसकी लय के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
गॉल में पुरानी गेंद से कुलदीप के लिए मुश्किल परिस्थिति
अश्विन ने कुलदीप की गेंदबाजी की शैली को ध्यान में रखते हुए कहा कि वह तेज गति से गेंद डालने वाले स्पिनर नहीं हैं।
गॉल की पिच जैसे-जैसे पुरानी होती जाती है, वहां गेंद धीमी होने लगती है। ऐसे में रवींद्र जडेजा की तेज गेंदबाजी अधिक प्रभावी हो सकती है क्योंकि उनके हाथ से गेंद तेजी से निकलती है।
वहीं मानव सुथार को नई गेंद के साथ गेंदबाजी करने का फायदा मिला।
अश्विन के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में अगर कुलदीप से प्रभावी गेंदबाजी करानी है तो उन्हें पहले 30 ओवर के अंदर गेंदबाजी पर लाना चाहिए।
छोटे-छोटे स्पेल में कुलदीप की लय नहीं बन सकती
कुलदीप यादव की सबसे बड़ी ताकत उनकी विविधता और बल्लेबाज को लगातार दबाव में रखने की क्षमता है।
लेकिन अश्विन का मानना है कि इसके लिए उन्हें लगातार गेंदबाजी करने की जरूरत होती है।
उन्होंने कहा कि अगर कुलदीप को छोटे-छोटे स्पेल दिए जाएंगे तो उनके लिए रिदम हासिल करना मुश्किल होगा।
खासकर तब जब गेंदबाज का आत्मविश्वास पहले से बहुत ऊंचा नहीं है और उसे नियमित रूप से टेस्ट मैच खेलने का मौका नहीं मिल रहा।
क्या शुभमन गिल की प्राथमिकता में नहीं हैं कुलदीप?
अश्विन ने कप्तानी के एक फैसले की ओर भी ध्यान दिलाया।
गॉल टेस्ट के दौरान जब केएल राहुल लंच के बाद स्टैंड-इन कप्तान के तौर पर मैदान पर आए, तो उन्होंने कुलदीप यादव के साथ गेंदबाजी की शुरुआत कराई।
अश्विन ने इस फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे कुछ संकेत मिलते हैं।
उनके अनुसार, ऐसा हो सकता है कि कुलदीप यादव कप्तान शुभमन गिल की पहली पसंद के गेंदबाज नहीं हैं।
हालांकि, यह अश्विन का विश्लेषण है और इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि गिल ने आधिकारिक तौर पर कुलदीप को प्राथमिकता से बाहर कर दिया है।
कुलदीप की स्किल खत्म नहीं हुई: अश्विन
अश्विन ने कुलदीप के समर्थन में सबसे अहम बात यह कही कि उनके कौशल में कोई कमी नहीं आई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कुलदीप का स्किल पूरी तरह खत्म हो गया है?
अश्विन का जवाब साफ था—ऐसा नहीं है।
उनका मानना है कि कुलदीप के पास अभी भी टेस्ट क्रिकेट में सफल होने की पूरी क्षमता है। जरूरत सिर्फ उन्हें सही परिस्थितियों में और सही समय पर इस्तेमाल करने की है।
अश्विन ने कुलदीप को लेकर कहा कि समस्या खिलाड़ी की क्षमता में नहीं बल्कि उसके इस्तेमाल में है।
दूसरे टेस्ट में भी कुलदीप को मिलना चाहिए मौका
अश्विन ने दूसरे टेस्ट के लिए भी कुलदीप यादव को टीम में बनाए रखने का समर्थन किया है।
उनका कहना है कि भारत ने पहला टेस्ट जीत लिया है, इसलिए टीम को दूसरे मुकाबले में भी वही प्लेइंग XI उतारने पर विचार करना चाहिए।
अगर परिस्थितियां तीन तेज गेंदबाजों की मांग करती हैं तो बदलाव किया जा सकता है, लेकिन सिर्फ कुलदीप की जगह किसी दूसरे स्पिनर को लाने के लिए उन्हें बाहर करना सही नहीं होगा।
मुरली कार्तिक और रहाणे ने भी किया समर्थन
कुलदीप को दूसरे टेस्ट में बनाए रखने की राय सिर्फ अश्विन की ही नहीं है।
पूर्व भारतीय स्पिनर मुरली कार्तिक और पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने भी कुलदीप के साथ बने रहने की बात कही है।
उनका मानना है कि एक टेस्ट में कम विकेट मिलने के आधार पर कुलदीप को ड्रॉप करना सही फैसला नहीं होगा।
खासकर तब जब भारत ने पहला टेस्ट जीतकर सीरीज में बढ़त बना ली है।
गॉल टेस्ट में कुलदीप का प्रदर्शन
पहले टेस्ट में कुलदीप यादव को काफी गेंदबाजी करनी पड़ी, लेकिन उन्हें सिर्फ एक विकेट मिला।
इसके विपरीत:
- रवींद्र जडेजा ने महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।
- मानव सुथार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच में 10 विकेट लिए।
- कुलदीप को तीसरे स्पिनर के रूप में इस्तेमाल किया गया।
इसी वजह से उनके प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे हैं।
लेकिन अश्विन का तर्क है कि कुलदीप को जडेजा और सुथार की तरह भूमिका नहीं मिली, इसलिए केवल विकेटों की संख्या से उनकी गेंदबाजी का मूल्यांकन करना उचित नहीं है।
क्या भारत को दूसरे टेस्ट में कुलदीप को खिलाना चाहिए?
भारत ने गॉल टेस्ट 165 रन से जीतकर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।
ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने सबसे बड़ा सवाल प्लेइंग XI को लेकर है।
एक तरफ जडेजा और सुथार शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ कुलदीप का रिकॉर्ड और अनुभव उन्हें टीम में बनाए रखने के पक्ष में जाता है।
अगर भारत फिर तीन स्पिनरों के साथ उतरता है तो कुलदीप को ज्यादा जिम्मेदारी और लंबे स्पेल देने की रणनीति बनाई जा सकती है।













