AFG vs IND – भारत और अफगानिस्तान के बीच अगले महीने होने वाली तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज को खास बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।
इस सीरीज की मेजबानी अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड करेगा, लेकिन मुकाबले नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाएंगे। खास बात यह है कि इस सीरीज में दर्शकों को क्रिकेट का ऐसा ब्रॉडकास्ट अनुभव देखने को मिलेगा, जिसमें FIFA वर्ल्ड कप 2026 में इस्तेमाल की गई तकनीक और प्रोडक्शन मानकों की झलक दिखाई देगी।
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड और सीरीज के राइट्स होल्डर इस सीरीज के प्रसारण को सामान्य क्रिकेट कवरेज से अलग बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
FIFA वर्ल्ड कप जैसी होगी प्रोडक्शन क्वालिटी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली इस टी20 सीरीज में FIFA वर्ल्ड कप 2026 की प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी, तकनीकी विशेषज्ञों और अनुभव का इस्तेमाल किया जाएगा।
सीरीज के मीडिया राइट्स ITW Universe के पास हैं। कंपनी अपने प्रोडक्शन को FIFA वर्ल्ड कप में इस्तेमाल किए गए हाई-लेवल ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड के मुताबिक तैयार करने की योजना बना रही है।
राइट्स होल्डर के मुताबिक, यह पहली बार होगा जब किसी बाइलेटरल क्रिकेट सीरीज को पूरी तरह FIFA वर्ल्ड कप होस्ट-ब्रॉडकास्ट स्टैंडर्ड के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
इस प्रोडक्शन टीम में ऐसे विशेषज्ञ भी शामिल होंगे जिन्होंने FIFA वर्ल्ड कप फाइनल और UEFA चैंपियंस लीग के फाइनल जैसे बड़े मुकाबलों का निर्देशन किया है।
13, 15 और 17 सितंबर को होंगे मुकाबले
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज के मुकाबले 13, 15 और 17 सितंबर को खेले जाएंगे।
तीनों मुकाबलों के लिए दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम को वेन्यू बनाया गया है।
AFG vs IND T20I Series Schedule
| मैच | तारीख | वेन्यू |
|---|---|---|
| पहला T20I | 13 सितंबर | अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली |
| दूसरा T20I | 15 सितंबर | अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली |
| तीसरा T20I | 17 सितंबर | अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली |
सीरीज का लाइव टेलीकास्ट Sony Sports Network पर और लाइव स्ट्रीमिंग FanCode पर होने की बात कही गई है।
AI कैमरे से लेकर 3D टेक्नोलॉजी तक आएगी नजर
इस सीरीज में ब्रॉडकास्टिंग को ज्यादा आधुनिक और इंटरैक्टिव बनाने के लिए कई नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
इनमें शामिल हैं:
- AI-स्टेबलाइज्ड POV कैमरे
- वॉल्यूमेट्रिक फ्री-व्यू पॉइंट टेक्नोलॉजी
- एडवांस्ड स्पाइडरकैम
- अल्ट्रा-मोशन कैमरा
- सिनेमा-स्टाइल स्टोरीटेलिंग
- रियल-टाइम प्लेयर ट्रैकिंग
- ऑगमेंटेड रियलिटी ग्राफिक्स
- 3D टेक्नोलॉजी
इन तकनीकों की मदद से दर्शकों को टीवी और डिजिटल स्क्रीन पर मैदान के एक्शन को अलग-अलग एंगल से देखने का मौका मिलेगा।
जेमी ओकफोर्ड संभालेंगे प्रोडक्शन डायरेक्शन
इस खास प्रोडक्शन की जिम्मेदारी जेमी ओकफोर्ड को दी गई है।
ओकफोर्ड का खेल प्रसारण में लंबा अनुभव है और रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने 2002 से हर FIFA वर्ल्ड कप का निर्देशन किया है। इसमें 2014 FIFA वर्ल्ड कप का फाइनल भी शामिल है।
इसका मतलब है कि दिल्ली में होने वाली भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज के दौरान क्रिकेट फैंस को फुटबॉल वर्ल्ड कप स्तर की प्रोडक्शन फिलॉसफी देखने को मिल सकती है।
दर्शकों को मिलेगी ‘सबसे अच्छी सीट’
ITW Universe के फाउंडर भैरव शांत ने इस प्रोडक्शन के विजन को लेकर कहा कि उनकी कोशिश दर्शकों को घर बैठे मैदान की सबसे अच्छी सीट जैसा अनुभव देने की है।
यही कारण है कि कैमरा एंगल से लेकर ग्राफिक्स और रिप्ले सिस्टम तक कई स्तरों पर बदलाव किए जा रहे हैं।
स्पैटियो सिस्टम से दिखेगा मैदान का नया अंदाज
इस सीरीज में Quidich Innovation Labs का स्पैटियो सिस्टम भी इस्तेमाल किया जाएगा।
यह तकनीक स्टेबल ड्रोन फीड के जरिए ब्रॉडकास्ट-ग्रेड Augmented Reality उपलब्ध कराती है। इसे रियल-टाइम ऑप्टिकल प्लेयर ट्रैकिंग के साथ जोड़ा जाएगा।
इससे दर्शकों को मैच के दौरान:
- फील्ड प्लेसमेंट ग्राफिक्स
- रणनीति का विजुअलाइजेशन
- खिलाड़ियों की मूवमेंट
- मैच की रणनीतिक स्थिति
- अलग-अलग स्टोरीटेलिंग एंगल
जैसी चीजें ज्यादा बेहतर तरीके से दिखाई जा सकेंगी।
600 FPS कैमरे से दिखेगा हर बारीक एक्शन
सीरीज के दौरान इस्तेमाल होने वाला अल्ट्रा-स्लो-मोशन कैमरा भी आकर्षण का बड़ा केंद्र होगा।
जहां सामान्य लाइव वीडियो लगभग 30 FPS पर प्रसारित होता है, वहीं इस प्रोडक्शन में 600 FPS कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा।
इसका फायदा खासतौर पर इन मौकों पर मिलेगा:
- बल्ले और गेंद का सटीक संपर्क
- एज और बल्ले का किनारा
- स्टंपिंग
- कैच
- रन आउट
- फील्डिंग एक्शन
- गेंद की दिशा और मूवमेंट
यानी किसी करीबी फैसले या शानदार क्रिकेटिंग एक्शन का रिप्ले पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट दिखाई दे सकता है।
भारत-अफगानिस्तान सीरीज क्यों होगी खास?
भारत और अफगानिस्तान की टी20 सीरीज सिर्फ मैदान पर होने वाले मुकाबलों के कारण ही चर्चा में नहीं रहेगी। इस बार ब्रॉडकास्टिंग टेक्नोलॉजी भी सीरीज की बड़ी पहचान बनने जा रही है।
FIFA वर्ल्ड कप स्तर के प्रोडक्शन एक्सपर्ट्स, AI कैमरे, ड्रोन-आधारित AR, 600 FPS अल्ट्रा-स्लो-मोशन और 3D तकनीक के इस्तेमाल से दर्शकों को क्रिकेट देखने का एक अलग अनुभव देने की कोशिश की जा रही है।
अब देखना यह होगा कि 13 सितंबर से शुरू होने वाली इस सीरीज में टीम इंडिया और अफगानिस्तान मैदान पर कैसा प्रदर्शन करते हैं और नई तकनीक दर्शकों के अनुभव को कितना बेहतर बना पाती है।













