Jadeja DRS – रविंद्र जडेजा टेस्ट क्रिकेट में अपनी सटीक गेंदबाजी और शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं। लेकिन DRS को लेकर उनका रिकॉर्ड इन दिनों चिंता का विषय बनता जा रहा है।
श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन जडेजा ने 20 ओवर गेंदबाजी की और एक विकेट हासिल किया। उन्होंने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए दूसरे छोर के गेंदबाजों पर भी दबाव कम किया।
हालांकि, इसी मैच में उनके एक DRS कॉल ने एक बार फिर उनके पुराने रिकॉर्ड की याद दिला दी। आंकड़ों के मुताबिक, जडेजा पिछले कई टेस्ट मैचों में अपनी गेंदबाजी पर लगातार 22 DRS रिव्यू ले चुके हैं, लेकिन इनमें से एक भी ऐसा नहीं रहा जिसमें थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला पलटा हो।
जडेजा के DRS कॉल पर फिर उठा सवाल
भारत और श्रीलंका के बीच दूसरे टेस्ट में श्रीलंका की पहली पारी के दौरान केशरा नुवांता के खिलाफ रविंद्र जडेजा ने LBW की जोरदार अपील की।
मैदानी अंपायर ने बल्लेबाज को आउट नहीं दिया। इसके बाद जडेजा और विकेटकीपर ने कप्तान शुभमन गिल को DRS लेने के लिए मनाया।
रिव्यू के बाद थर्ड अंपायर ने रिप्ले देखा तो पता चला कि गेंद पैड से टकराने से पहले बल्ले के अंदरूनी किनारे से लगी थी। इसके चलते मैदानी अंपायर का नॉट आउट फैसला बरकरार रहा।
इस रिव्यू के असफल होने के साथ भारत ने एक और DRS गंवा दिया।
22 रिव्यू, लेकिन एक भी फैसला नहीं बदला
जडेजा के पिछले 22 बॉलिंग रिव्यू का रिकॉर्ड बेहद हैरान करने वाला है। इन 22 रिव्यू में से एक भी रिव्यू ऐसा नहीं रहा जिसमें थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला बदल दिया हो।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि जडेजा के सभी 22 रिव्यू पूरी तरह असफल रहे। आंकड़ों के मुताबिक, इनमें से चार मौकों पर जडेजा की अपील अंपायर्स कॉल तक पहुंची थी।
DRS के नियमों के अनुसार, अगर मामला अंपायर्स कॉल पर रहता है तो मैदानी अंपायर का मूल फैसला बरकरार रहता है। ऐसे मामलों में थर्ड अंपायर फैसला पलट नहीं सकता।
वहीं, बाकी 18 रिव्यू पूरी तरह असफल रहे और भारत ने उन मौकों पर अपने रिव्यू गंवाए।
जुलाई 2023 के बाद नहीं मिला सफल DRS
जडेजा के लिए यह समस्या नई नहीं है। उनका आखिरी सफल DRS कॉल जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ डोमिनिका टेस्ट में आया था।
इसके बाद से वह अपनी गेंदबाजी पर लिए गए DRS में लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
यानी पिछले करीब तीन वर्षों में जडेजा के नाम गेंदबाजी पर लिए गए रिव्यू में ऐसा कोई फैसला नहीं है जिसे थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर के निर्णय को पलटते हुए भारत के पक्ष में दिया हो।
क्या कप्तान जडेजा पर DRS के लिए भरोसा करेंगे?
DRS लेने के लिए मैदान पर गेंदबाज और विकेटकीपर की राय बेहद महत्वपूर्ण होती है। अंतिम फैसला कप्तान को लेना होता है।
जडेजा के लगातार असफल रिव्यू को देखते हुए सवाल उठता है कि क्या भविष्य में कप्तान उनकी अपील पर उतना भरोसा करेंगे?
हालांकि, केवल इस आंकड़े के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि कप्तान जडेजा की राय को नजरअंदाज करेंगे। क्रिकेट में DRS कॉल कई बार बेहद करीबी होते हैं और गेंद की लाइन, इम्पैक्ट और विकेट से टकराने की संभावना जैसे कई पहलुओं पर निर्भर करते हैं।
रोहित शर्मा भी जडेजा के DRS पर कर चुके हैं मजाक
पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा भी कई मौकों पर जडेजा के DRS कॉल को लेकर मजाक कर चुके हैं।
रोहित ने यह तक कहा है कि जडेजा को लगभग हर बार लगता है कि बल्लेबाज आउट है। यह टिप्पणी उनके DRS कॉल को लेकर टीम के भीतर चलने वाली हल्की-फुल्की चर्चा को भी दर्शाती है।
गेंदबाजी में फिर भी टीम के लिए बेहद अहम
DRS में खराब रिकॉर्ड के बावजूद रविंद्र जडेजा की गेंदबाजी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।
श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन उन्होंने 20 ओवर गेंदबाजी की और एक विकेट लिया। उन्होंने रन रोककर बल्लेबाजों पर दबाव बनाया और दूसरे छोर से गेंदबाजी कर रहे साथियों के लिए भी परिस्थितियां आसान कीं।
जडेजा टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय से भारतीय टीम के महत्वपूर्ण ऑलराउंडर हैं। अलग-अलग पिच और परिस्थितियों में उनकी सटीक लाइन-लेंथ टीम के लिए काफी उपयोगी साबित होती रही है।
Ravindra Jadeja DRS Record
| आंकड़ा | रिकॉर्ड |
|---|---|
| लगातार बॉलिंग रिव्यू | 22 |
| थर्ड अंपायर द्वारा फैसला पलटा | 0 |
| अंपायर्स कॉल | 4 |
| पूरी तरह असफल रिव्यू | 18 |
| आखिरी सफल DRS कॉल | जुलाई 2023 |
| विपक्षी टीम | वेस्टइंडीज |
| स्थान | डोमिनिका |













