Gambhir – भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच बनने के बाद गौतम गंभीर के कार्यकाल में टीम इंडिया ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन इस दौरान कुछ फैसलों और टीम मैनेजमेंट को लेकर सवाल भी उठे हैं। अब पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर ने गंभीर के कार्यकाल को लेकर बड़ा बयान दिया है।
जाफर का मानना है कि गंभीर को कुछ खिलाड़ियों के साथ बेहतर तरीके से व्यवहार करना चाहिए था। उन्होंने खास तौर पर सूर्यकुमार यादव और मोहम्मद शमी का नाम लेते हुए कहा कि इन दोनों खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से हैंडल किया जा सकता था।
सूर्यकुमार यादव और शमी को लेकर उठाए सवाल
वसीम जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर गौतम गंभीर के कार्यकाल का विश्लेषण करते हुए कहा कि कुछ खिलाड़ियों के साथ बेहतर व्यवहार किया जा सकता था।
उन्होंने कहा कि टी20 विश्व कप जीतने के बाद सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर कर दिया गया, जबकि मोहम्मद शमी को भी कई मौकों पर नजरअंदाज किए जाने के कारण मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते देखा गया।
जाफर के मुताबिक, इन मामलों में टीम मैनेजमेंट का रवैया और बेहतर हो सकता था।
उन्होंने कहा, “कुछ लोगों के साथ बेहतर बर्ताव हो सकता था, जैसे सूर्यकुमार यादव, जिन्हें वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम से निकाल दिया गया था। शमी जैसे दूसरे खिलाड़ी भी हैं। कुछ चीजें बेहतर हो सकती थीं।”
हालांकि, जाफर ने यह भी कहा कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में गंभीर पर हर चीज के लिए आरोप लगाना उचित नहीं होगा।
गंभीर के कार्यकाल में भारत ने जीते दो ICC खिताब
गौतम गंभीर के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में भारत के दो ICC खिताब जीतना शामिल है।
गंभीर के नेतृत्व वाले कोचिंग सेटअप में भारतीय टीम ने बड़े टूर्नामेंटों में सफलता हासिल की है। हालांकि, वनडे और टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं रहा।
यही वजह है कि गंभीर के कार्यकाल को लेकर भारतीय क्रिकेट में लगातार बहस होती रही है।
स्टार कल्चर खत्म करने की कोशिश
गंभीर के कार्यकाल में टीम इंडिया के अंदर स्टार कल्चर को कम करने पर भी जोर दिया गया है।
गंभीर का फोकस खिलाड़ियों के बजाय टीम को प्राथमिकता देने और सभी क्रिकेटरों के लिए समान नियमों पर रहा है। लेकिन जाफर के मुताबिक, टीम में अनुशासन और समानता बनाए रखने के बावजूद कुछ खिलाड़ियों को व्यक्तिगत स्तर पर बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था।
सूर्यकुमार यादव और मोहम्मद शमी का उदाहरण देते हुए उन्होंने इसी पहलू पर सवाल उठाया।
न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से टेस्ट हार का असर
वसीम जाफर ने गंभीर के कार्यकाल में घरेलू मैदान पर मिली दो टेस्ट सीरीज हार को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया।
भारत ने अक्टूबर-नवंबर 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-0 से टेस्ट सीरीज गंवाई थी। यह भारतीय टेस्ट क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक झटका था।
भारत को अपने घरेलू मैदान पर तीन या उससे अधिक मैचों की टेस्ट सीरीज में इससे पहले कभी क्लीन स्वीप नहीं झेलना पड़ा था। इसके अलावा लंबे समय तक भारत का घरेलू टेस्ट सीरीज में दबदबा कायम रहा था।
साउथ अफ्रीका ने भी भारत को घर में हराया
न्यूजीलैंड के बाद भारत को नई वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकिल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी घरेलू टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा।
दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 2-0 से हराया। खास बात यह रही कि दक्षिण अफ्रीका उस समय WTC की मौजूदा चैंपियन थी।
इन दोनों घरेलू सीरीज में हार ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट के प्रदर्शन और टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े किए।
‘इन दो सीरीज का असर हमेशा रहेगा’
वसीम जाफर ने कहा कि न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार का असर गंभीर के रिकॉर्ड पर लंबे समय तक रहेगा।
उन्होंने कहा कि इन दो सीरीज के नतीजों का असर सिर्फ गंभीर के CV पर नहीं, बल्कि कप्तान और खिलाड़ियों पर भी पड़ा।
जाफर के मुताबिक, भारत को घर में हराना लंबे समय तक कई टीमों के लिए बेहद मुश्किल लक्ष्य रहा था। ऐसे में अचानक दो घरेलू सीरीज में हार बेहद निराशाजनक रही।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत ये दोनों सीरीज जीतने में सफल रहता, तो WTC टेबल में उसकी स्थिति काफी बेहतर हो सकती थी।
टेस्ट क्रिकेट में सुधार की काफी गुंजाइश
वसीम जाफर का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में गंभीर और भारतीय टीम के लिए अभी काफी सुधार की गुंजाइश है।
उन्होंने कहा कि समस्या सिर्फ कोच की नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को भी अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा।
टेस्ट क्रिकेट में भारत के प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए टीम कॉम्बिनेशन, बल्लेबाजी में निरंतरता, गेंदबाजी रणनीति और विदेशी परिस्थितियों के साथ-साथ घरेलू परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन पर ध्यान देना होगा।
Gautam Gambhir का कार्यकाल: उपलब्धियां और सवाल
| पहलू | स्थिति |
|---|---|
| ICC खिताब | 2 |
| टेस्ट क्रिकेट | मिश्रित/चुनौतीपूर्ण प्रदर्शन |
| वनडे क्रिकेट | सवालों के घेरे में |
| न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट | 3-0 से हार |
| साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट | 2-0 से हार |
| टीम कल्चर | स्टार कल्चर कम करने पर जोर |
| वसीम जाफर की मुख्य चिंता | कुछ खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से संभालना |













