Adam Zampa – ऑस्ट्रेलिया के स्टार स्पिनर एडम जैम्पा ने बिग बैश लीग (BBL) के नए कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को लेकर बड़ा बयान दिया है। जैम्पा का मानना है कि नए सिस्टम के लागू होने के बाद विदेशी खिलाड़ियों को ज्यादा बेहतर डील मिल रही है, जबकि घरेलू खिलाड़ियों के लिए स्थिति उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही है।
एडम जैम्पा ने खुद होबार्ट हरिकेंस के साथ दो साल का करार किया है। यह BBL में उनकी पांचवीं फ्रेंचाइजी होगी। इससे पहले वह सिडनी थंडर, एडिलेड स्ट्राइकर्स, मेलबर्न स्टार्स और मेलबर्न रेनेगेड्स का हिस्सा रह चुके हैं।
होबार्ट हरिकेंस के साथ दो साल जुड़े जैम्पा
एडम जैम्पा ने होबार्ट हरिकेंस के साथ दो साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। ऑस्ट्रेलिया के इस अनुभवी व्हाइट-बॉल क्रिकेटर ने साफ किया है कि वह पूरे BBL सीजन के लिए उपलब्ध रहेंगे।
जैम्पा की नजर अब टीम में अपनी जगह मजबूत करने और होबार्ट हरिकेंस के लिए अहम भूमिका निभाने पर है।
BBL में यह उनका पांचवां क्लब होगा। इससे पहले वह चार अलग-अलग टीमों के लिए खेल चुके हैं, जिससे इस लीग में उनका अनुभव काफी व्यापक है।
BBL में खत्म हुआ विदेशी खिलाड़ियों का ड्राफ्ट सिस्टम
BBL में विदेशी खिलाड़ियों को लेकर इस सीजन एक बड़ा बदलाव किया गया है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ओवरसीज प्लेयर ड्राफ्ट सिस्टम को खत्म कर दिया है।
नए सिस्टम के तहत फ्रेंचाइजी अपने पर्स का इस्तेमाल विदेशी खिलाड़ियों पर अपनी रणनीति के अनुसार कर सकती हैं। इसका मतलब है कि टीमों के पास बड़े और लोकप्रिय विदेशी खिलाड़ियों को आकर्षित करने के लिए ज्यादा वित्तीय स्वतंत्रता है।
इसी बदलाव के बाद बेन स्टोक्स जैसे बड़े विदेशी खिलाड़ियों को बड़ी डील मिलने की चर्चा तेज हुई है।
जैम्पा को भी नए सिस्टम के तहत अच्छी डील मिली है, लेकिन वह इस व्यवस्था के एक पहलू से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं।
विदेशी खिलाड़ियों को ज्यादा फायदा मिलने पर क्या बोले जैम्पा?
क्रिकइंफो के मुताबिक, एडम जैम्पा ने BBL के नए कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम पर बात करते हुए कहा कि विदेशी खिलाड़ियों को अब भी डील का अच्छा हिस्सा मिल रहा है।
उनके मुताबिक, ओवरसीज ड्राफ्ट और पैसों को लेकर पर्दे के पीछे काफी चर्चा होती रही थी। घरेलू खिलाड़ियों को उम्मीद थी कि नए बदलावों का फायदा उन्हें भी मिलेगा।
लेकिन जैम्पा को लगता है कि स्थिति उस दिशा में नहीं गई, जिसकी स्थानीय खिलाड़ियों ने उम्मीद की थी।
उन्होंने कहा कि वह अपने फैसले से खुश हैं और जैसे ही प्रतिबंध हटा, वह होबार्ट के साथ साइन करने को लेकर काफी उत्साहित थे।
जैम्पा ने घरेलू खिलाड़ियों की चिंता भी बताई
एडम जैम्पा के बयान का सबसे अहम हिस्सा यह है कि उन्होंने लोकल खिलाड़ियों की चिंता को भी सामने रखा।
उनका मानना है कि ड्राफ्ट सिस्टम खत्म होने के बाद फ्रेंचाइजी अब अपने उपलब्ध पैसे को कुछ चुनिंदा बड़े विदेशी खिलाड़ियों पर खर्च कर सकती हैं।
पहले विदेशी खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग स्लॉट और ड्राफ्ट व्यवस्था होने के कारण रकम का वितरण अपेक्षाकृत अलग तरीके से होता था। अब टीमों को अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार पैसा खर्च करने की ज्यादा आजादी है।
जैम्पा के मुताबिक, इसका परिणाम यह हो सकता है कि कुछ शीर्ष विदेशी खिलाड़ियों को ज्यादा पैसा मिले और टीम में विदेशी खिलाड़ियों की संख्या कम रखी जाए।
BBL के प्राइवेटाइजेशन को भी मिली मंजूरी
इस बीच 8 सितंबर 2026 को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने BBL के प्राइवेटाइजेशन को मंजूरी दे दी। इसके बाद लीग की टीमों के स्वामित्व को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
सबसे पहले मेलबर्न रेनेगेड्स के बिकने की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका इस फ्रेंचाइजी में दिलचस्पी दिखा सकते हैं।
अगर ऐसा होता है तो BBL में भारतीय निवेश और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के प्रभाव को लेकर एक नया अध्याय शुरू हो सकता है।
प्राइवेटाइजेशन पर भी जैम्पा ने रखी राय
BBL के प्राइवेटाइजेशन को लेकर जैम्पा ने कहा कि यह स्थिति दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग मायने रखती है।
उनका मानना है कि कॉन्ट्रैक्ट के तहत अच्छे स्तर के और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के मानकों वाले खिलाड़ियों की मौजूदगी से फ्रेंचाइजी और प्रतियोगिता दोनों मजबूत हो सकते हैं।
हालांकि, विदेशी खिलाड़ियों के लिए ज्यादा पैसा खर्च होने की संभावना को लेकर उनकी चिंता बरकरार है।
बेन स्टोक्स की बड़ी डील ने बढ़ाई चर्चा
BBL के नए सिस्टम में विदेशी खिलाड़ियों के लिए वित्तीय स्वतंत्रता बढ़ने का सबसे बड़ा उदाहरण बेन स्टोक्स की डील को माना जा रहा है।
नए नियमों के तहत फ्रेंचाइजी अब अपने पर्स का इस्तेमाल अपनी पसंद के खिलाड़ियों के लिए कर सकती हैं। इससे विश्व क्रिकेट के बड़े नामों को BBL में लाने के लिए टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।
लेकिन जैम्पा का सवाल यह है कि अगर पैसा बड़े विदेशी खिलाड़ियों पर ज्यादा खर्च होगा, तो क्या घरेलू खिलाड़ियों को उनकी अपेक्षा के मुताबिक हिस्सा मिलेगा?
यही BBL के नए सिस्टम को लेकर सबसे बड़ी बहस बनती जा रही है।
एडम जैम्पा की BBL में पांचवीं टीम कौन सी है?
एडम जैम्पा BBL में कई फ्रेंचाइजियों के लिए खेल चुके हैं। होबार्ट हरिकेंस के साथ करार के बाद वह इस लीग में पांचवीं टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे।
जैम्पा की BBL टीमें:
| टीम | स्थिति |
|---|---|
| सिडनी थंडर | पूर्व टीम |
| एडिलेड स्ट्राइकर्स | पूर्व टीम |
| मेलबर्न स्टार्स | पूर्व टीम |
| मेलबर्न रेनेगेड्स | पूर्व टीम |
| होबार्ट हरिकेंस | नई टीम |
जैम्पा के लिए यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने पूरे सीजन के लिए उपलब्ध रहने की इच्छा जताई है।
BBL का नया सिस्टम क्यों है चर्चा में?
BBL ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख घरेलू टी20 लीग है और लंबे समय से विदेशी खिलाड़ियों के लिए ड्राफ्ट सिस्टम का इस्तेमाल करती रही है।
अब ड्राफ्ट खत्म होने के बाद फ्रेंचाइजियों को विदेशी खिलाड़ियों को साइन करने में ज्यादा स्वतंत्रता मिल गई है। इससे बड़े अंतरराष्ट्रीय नामों को आकर्षित करना आसान हो सकता है, लेकिन साथ ही घरेलू खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट और भुगतान को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।













