Australia : ICU से घर तक डेमियन मार्टिन की जंग और जीत

Atul Kumar
Published On:
Australia

Australia – शनिवार की सुबह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए राहत की खबर लेकर आई। एक ऐसा नाम, जिसे फैंस ने सिर्फ स्कोरकार्ड में नहीं, बल्कि दबाव के सबसे मुश्किल पलों में भरोसे के तौर पर देखा है—डेमियन मार्टिन। मेनिन्जाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझने के बाद, मार्टिन को आखिरकार अस्पताल से छुट्टी मिल गई।

27 दिसंबर 2025 को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कर कृत्रिम कोमा में रखा गया था। हालात नाज़ुक थे। लेकिन जनवरी के पहले हफ्ते में सुधार के संकेत मिलने लगे और अब, करीब तीन हफ्ते बाद, मार्टिन घर लौट आए हैं।

“जीवन कितना क्षणभंगुर है” – मार्टिन का भावुक संदेश

अस्पताल से लौटने के बाद डेमियन मार्टिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक छोटा लेकिन गहरा संदेश लिखा।

उन्होंने लिखा,
“वर्ष 2026 का स्वागत है। मैं अस्पताल से घर आ गया हूं। मैं उन सभी लोगों का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस दौरान मेरा और मेरे परिवार का साथ दिया।”

इसके बाद जो पंक्ति आई, उसने हर क्रिकेट फैन को थोड़ा ठहरकर सोचने पर मजबूर कर दिया।
“इस अनुभव से मुझे पता चला कि जीवन कितना क्षणभंगुर है। सब कुछ कितनी जल्दी बदल सकता है और समय कितना अमूल्य है।”

यह सिर्फ एक पूर्व क्रिकेटर का बयान नहीं था। यह उस खिलाड़ी की आवाज़ थी, जिसने मैदान पर भी और मैदान के बाहर भी धैर्य की असली कीमत समझी है।

ICU और कृत्रिम कोमा: एक खामोश जंग

27 दिसंबर को जब मार्टिन की तबीयत अचानक बिगड़ी, तो मामला साधारण नहीं था। मेनिन्जाइटिस के चलते उन्हें गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती करना पड़ा और हालात ऐसे बने कि डॉक्टरों को उन्हें मेडिकल कोमा में रखना पड़ा।

जनवरी के पहले सप्ताह में जब सुधार के संकेत आए, तब जाकर उम्मीद जगी। और अब, उसी उम्मीद ने सुकून का रूप ले लिया है।

डेमियन मार्टिन: सिर्फ आंकड़ों से कहीं बड़ा नाम

डेमियन मार्टिन का करियर उन खिलाड़ियों में गिना जाता है, जिनका असर संख्याओं से ज्यादा मौकों में दिखता है।

  • 67 टेस्ट मैच
  • 208 वनडे
  • 4 टी20 अंतरराष्ट्रीय

लेकिन मार्टिन को सिर्फ इन आंकड़ों से याद करना उनके साथ नाइंसाफी होगी।

1992 से 2006: एक करियर, दो दौर

डार्विन में जन्मे मार्टिन ने 1992-93 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। शुरुआती करियर में वह स्थिर तो दिखे, लेकिन लगातार मौके नहीं मिले।

फिर आया वो दौर, जिसने उनके करियर की दिशा बदल दी।

करीब छह साल के गैप के बाद, साल 2000 में उन्हें दोबारा टेस्ट टीम में मौका मिला। यह वही वक्त था जब स्टीव वॉ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया की टीम दुनिया की सबसे ताकतवर इकाई बन चुकी थी।

और मार्टिन?
वह उस ऑल-पॉवरफुल टीम के मिडिल ऑर्डर का सबसे शांत लेकिन सबसे भरोसेमंद चेहरा बन गए।

2003 वर्ल्ड कप फाइनल: दर्द, जज़्बा और 88*

अगर डेमियन मार्टिन के करियर का एक पल चुनना हो, तो वह होगा 2003 वर्ल्ड कप फाइनल।

भारत के खिलाफ, उंगली में फ्रैक्चर के बावजूद, मार्टिन ने नाबाद 88 रन बनाए।
ना दिखावा, ना आक्रामक जश्न—बस रन और मैच कंट्रोल।

वह पारी सिर्फ स्कोर नहीं थी।
वह बताती है कि बड़े खिलाड़ी दर्द को पीछे रखकर टीम को आगे रखते हैं।

वनडे क्रिकेट में निरंतरता का दूसरा नाम

मार्टिन ने 208 वनडे मैचों में 40.8 की औसत से रन बनाए।
1999 और 2003—दोनों वर्ल्ड कप जीतने वाली टीमों का हिस्सा रहे।
2006 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम में भी उनका योगदान रहा।

वह उन बल्लेबाज़ों में थे जो:

  • स्थिति पढ़ते थे
  • जोखिम को तौलते थे
  • और मैच को धीरे-धीरे ऑस्ट्रेलिया की ओर मोड़ते थे

एशेज 2006-07 और फिर कमेंट्री बॉक्स

मार्टिन ने अपना आखिरी टेस्ट एशेज 2006-07 में खेला। उसके बाद उन्होंने खेल को छोड़ा, लेकिन क्रिकेट को नहीं।

कमेंट्री बॉक्स में बैठे मार्टिन वही शांत आवाज़ बने रहे—
जहां विश्लेषण में न शोर था, न पूर्वाग्रह।

बीमारी से वापसी: यह भी एक कमबैक है

क्रिकेट में कमबैक आम बात है।
लेकिन ज़िंदगी में कमबैक?
वह हर किसी को नसीब नहीं होता।

मेनिन्जाइटिस जैसी बीमारी, ICU, कृत्रिम कोमा—यह सब किसी भी इंसान को तोड़ सकता है।
लेकिन मार्टिन ने इस लड़ाई को भी उसी तरह खेला, जैसे वह क्रीज़ पर खेलते थे—
शांत, धैर्य के साथ, और भरोसे में।

क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया

मार्टिन की रिकवरी की खबर आते ही ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट जगत से शुभकामनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
पूर्व खिलाड़ी, कमेंटेटर और फैंस—सबने राहत की सांस ली।

क्योंकि कुछ खिलाड़ी सिर्फ टीम के नहीं होते,
वे एक दौर की पहचान होते हैं।

टॉस के बाद फाइनल टीम चाहिए तो, अभी जॉइन करे Cricketyatri का Telegram चैनल- Join Now




Atul Kumar

Atul Kumar

क्रिकेट को देखता हूं और समझता हूं और आप लोगों तक नए-नए सूचनाएं पहुंचाने की कोशिश करता हूं। लाइफ में हमेशा नई-नई चीजों को सीखने का शौक रखता हु, पुराने न्यूज़ को नए तरीके से प्रस्तुत करता हूं।

Follow Us On

Related Articles

U19 Debut
|

U19 Debut : वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर ने किया भारत U19 के लिए डेब्यू, अन्वय द्रविड़ ने मचाया धमाल

U19 Debut – भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बड़े बेटे आर्यवीर सहवाग ने शुक्रवार, 18 सितंबर को भारत ...

Hardik Pandya
|

Hardik Pandya : हार्दिक पांड्या की वापसी में क्यों हो रही देरी? गौतम गंभीर ने बताया पूरा प्लान

Hardik Pandya – भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या मार्च 2026 के बाद से कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेल पाए हैं। आईपीएल 2026 ...

BCCI
|

BCCI : अगरकर की जगह कौन? आकाश चोपड़ा ने बताए 5 पूर्व क्रिकेटरों के नाम

BCCI – भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने वाला है। ऐसे में बीसीसीआई के सामने नए चीफ ...

Team India
|

Team India : गौतम गंभीर ने बताया भारत का अगला लक्ष्य, बोले- ड्रेसिंग रूम में हो रही चर्चा

Team India – भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज में टीम इंडिया ने 3-0 से जीत दर्ज की। दिल्ली के ...

IND vs AFG
|

IND vs AFG : अभिषेक शर्मा ने युवराज सिंह की बराबरी की, प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड में बनाया बड़ा रिकॉर्ड

IND vs AFG – अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने बल्ले से जमकर धमाल मचाया। शानदार प्रदर्शन का ...

IND vs NZ
|

IND vs NZ : भारत के खिलाफ सीरीज से पहले न्यूजीलैंड को बड़ा झटका, शूट के दौरान चोटिल हुए रचिन रविंद्र

IND vs NZ – भारत के न्यूजीलैंड दौरे से पहले मेजबान टीम को बड़ा झटका लगा है। न्यूजीलैंड के स्टार ऑलराउंडर रचिन रविंद्र एक ...