Ben Stokes – इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज स्पिनर ग्रीम स्वान ने इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) द्वारा खिलाड़ियों पर आधी रात का कर्फ्यू लागू किए जाने के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। स्वान का मानना है कि कप्तान बेन स्टोक्स ऐसे माहौल के शिकार बने हैं, जहां खिलाड़ियों की उपलब्धियों का जश्न मनाने के बजाय उनकी निगरानी पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में बेन स्टोक्स अपने साथी खिलाड़ी गस एटकिंसन के साथ एक नाइटक्लब में जश्न मनाते नजर आए थे। इसके बाद इस पूरे मामले ने इंग्लैंड क्रिकेट में नई बहस छेड़ दी।
बेन स्टोक्स के बचाव में आए ग्रीम स्वान
ग्रीम स्वान ने कहा कि खिलाड़ियों पर कर्फ्यू जैसे नियम थोपना सही तरीका नहीं है। उनके मुताबिक, पेशेवर खिलाड़ियों के साथ वयस्कों जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।
स्वान ने कहा,
“इस मामले को लेकर मेरे विचार मिश्रित हैं। मैं एक पूर्व खिलाड़ी हूं और कभी नहीं मानूंगा कि कर्फ्यू लगाना अच्छी बात है। ऐसा नियम बनाना ही बेतुका है।”
ECB की नीति पर उठाए सवाल
पूर्व ऑफ स्पिनर का मानना है कि ईसीबी ने अपनी सार्वजनिक छवि सुधारने के लिए यह कदम उठाया, लेकिन इससे ड्रेसिंग रूम की वास्तविक परिस्थितियों को नजरअंदाज कर दिया गया।
उन्होंने कहा,
“ईसीबी को यह समझना चाहिए कि ऐसा नहीं करना चाहिए था। प्रतिबंध लगाने के बजाय टीम संस्कृति पर खुलकर चर्चा करना ज्यादा बेहतर विकल्प होता।”
‘टेस्ट जीतने के बाद जश्न मनाने से नहीं रोकना चाहिए’
ग्रीम स्वान ने कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार टेस्ट जीत के बाद खिलाड़ियों पर आधी रात का कर्फ्यू लगाना खेल भावना के खिलाफ है।
उन्होंने कहा,
“जिस दिन खिलाड़ियों को अपने देश के लिए टेस्ट मैच जीतने का जश्न मनाने से रोका जाए, वह खेल के लिए दुखद दिन होगा।”
‘बेन स्टोक्स ने कोई गलती नहीं की’
स्वान ने साफ तौर पर कहा कि उनकी नजर में बेन स्टोक्स ने कुछ गलत नहीं किया।
उन्होंने कहा,
“मेरे विचार से बेन स्टोक्स ने कोई गलती नहीं की। अगर उन्होंने कुछ किया भी है तो सिर्फ ऐसे नियम का उल्लंघन किया है, जिसे लागू ही नहीं किया जाना चाहिए था।”
हालांकि, कप्तान होने के नाते स्टोक्स की जिम्मेदारियों को लेकर चल रही बहस पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
खिलाड़ियों की बढ़ती निगरानी पर जताई चिंता
ग्रीम स्वान ने आधुनिक दौर में खिलाड़ियों की निजी जिंदगी की निगरानी को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि खिलाड़ियों के वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें सोशल मीडिया और मीडिया तक पहुंचाने की प्रवृत्ति खेल के लिए अच्छी नहीं है।
उन्होंने कहा,
“आजकल लोग किसी को कुछ करते हुए रिकॉर्ड करते हैं और फिर उन्हें नीचा दिखाने या अखबारों में उनकी आलोचना कराने की कोशिश करते हैं। यह बहुत दुखद समय है।”
बेन डकेट का भी दिया उदाहरण
स्वान ने याद दिलाया कि ऑस्ट्रेलिया में एशेज सीरीज के दौरान बेन डकेट के साथ भी ऐसा ही मामला सामने आया था।
उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को इंग्लैंड क्रिकेट का समर्थक बताते हैं, वही कई बार ऐसे वीडियो साझा कर खिलाड़ियों को विवादों में डाल देते हैं।
फुटबॉल टीम से की तुलना
पूर्व स्पिनर का मानना है कि अगर इंग्लैंड की फुटबॉल टीम विश्व कप जीतकर लंबे समय तक जश्न मनाती तो पूरा देश उसका स्वागत करता। ऐसे में क्रिकेटरों के जश्न को अलग नजरिए से देखना उचित नहीं है।
स्टोक्स के भविष्य को लेकर भी जताई चिंता
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से बेन स्टोक्स के बाहर होने के बाद उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ग्रीम स्वान ने उम्मीद जताई कि यह घटना स्टोक्स के करियर पर नकारात्मक असर नहीं डालेगी।
उन्होंने कहा,
“मेरे विचार से एंड्रयू स्ट्रॉस के बाद बेन स्टोक्स इंग्लैंड के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में से एक हैं। वह खिलाड़ियों का शानदार प्रबंधन करते हैं और अपने प्रदर्शन से नेतृत्व करते हैं।”















