ETPL 2026 – दक्षिण अफ्रीका के अनुभवी बाएं हाथ के स्पिनर केशव महाराज का मानना है कि पूर्व भारतीय दिग्गज रविचंद्रन अश्विन और अजिंक्य रहाणे की यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) में मौजूदगी टूर्नामेंट की लोकप्रियता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
महाराज के मुताबिक, दोनों भारतीय खिलाड़ियों की लोकप्रियता का असर केवल मैदान पर उनके प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बड़ी संख्या में प्रशंसकों को स्टेडियम और मैचों की ओर आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी।
पहली बार आयोजित होने वाली यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग में महाराज ग्लास्गो कॉस्मिक की ओर से खेलेंगे। वहीं रविचंद्रन अश्विन डबलिन गार्डियंस और अजिंक्य रहाणे एम्स्टर्डम फ्लेम्स का प्रतिनिधित्व करेंगे।
अश्विन और रहाणे की मौजूदगी से ETPL को मिलेगा फायदा
केशव महाराज ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि अश्विन और रहाणे जैसे भारतीय क्रिकेटरों की मौजूदगी से लीग को काफी फायदा होगा। उन्होंने माना कि भारतीय क्रिकेटरों की दुनियाभर में बड़ी फैन फॉलोइंग है और इसका सीधा असर ETPL की पहुंच पर पड़ सकता है।
महाराज के मुताबिक, भारतीय खिलाड़ियों की लोकप्रियता लीग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रशंसकों को मैच देखने के लिए आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि इस लीग में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को एक मंच पर लाया गया है, जिससे शुरुआत से ही प्रतियोगिता को मजबूत आधार मिला है।
अश्विन के साथ और खिलाफ खेलने को महाराज ने बताया सौभाग्य
केशव महाराज ने रविचंद्रन अश्विन की जमकर तारीफ की। दक्षिण अफ्रीकी स्पिनर ने बताया कि उन्हें अश्विन के खिलाफ खेलने के साथ-साथ उनके साथ राजस्थान रॉयल्स के लिए ड्रेसिंग रूम साझा करने का भी मौका मिला है।
महाराज ने अश्विन को क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में से एक बताते हुए कहा कि उनके साथ खेलने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और दुनिया के सबसे सफल स्पिन गेंदबाजों में अपनी जगह बनाई।
अजिंक्य रहाणे की कप्तानी और व्यक्तित्व के कायल हैं महाराज
महाराज ने अजिंक्य रहाणे को भी लेकर काफी सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रहाणे न सिर्फ शानदार और प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं, बल्कि एक बेहतरीन इंसान और नेतृत्वकर्ता भी हैं।
रहाणे की कप्तानी का सबसे यादगार अध्याय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत रहा। नियमित कप्तान विराट कोहली की अनुपस्थिति में रहाणे ने टीम की कमान संभाली थी और भारत ने 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हराया था।
महाराज ने इस जीत को भारतीय टेस्ट क्रिकेट की सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक बताया।
ETPL में पहली बार खेलेंगे केशव महाराज
केशव महाराज खुद भी पहली यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हैं। वह ग्लास्गो कॉस्मिक के लिए खेलते नजर आएंगे।
महाराज के लिए यह लीग खुद को अलग परिस्थितियों में परखने का अवसर भी होगी। यूरोपीय परिस्थितियों में नए खिलाड़ियों और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले अनुभवी क्रिकेटरों के साथ खेलने से उन्हें एक नया अनुभव मिलने की उम्मीद है।
उनका मानना है कि इस तरह के टूर्नामेंट से खिलाड़ियों को अलग परिस्थितियों में अपने खेल को बेहतर बनाने का अवसर मिलता है।
अभिषेक बच्चन भी ETPL से जुड़े
यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग ने क्रिकेट के साथ-साथ मनोरंजन जगत का भी ध्यान आकर्षित किया है। बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन लीग से मालिक और सह-संस्थापक के रूप में जुड़े हैं।
इसके अलावा ग्लास्गो कॉस्मिक के सह-मालिकों में विपुल अग्रवाल, तंशा बत्रा और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज मैथ्यू हेडन भी शामिल हैं।
इससे संकेत मिलता है कि लीग क्रिकेट के साथ-साथ व्यावसायिक और मनोरंजन के स्तर पर भी अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही है।
अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच लिया था संन्यास
रविचंद्रन अश्विन लंबे समय तक भारतीय टेस्ट टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे। उन्होंने 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान ऑस्ट्रेलिया में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी।
अश्विन का टेस्ट क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड रहा है और वह भारत के सबसे सफल स्पिन गेंदबाजों में शामिल हैं। ETPL में उनकी मौजूदगी से लीग को क्रिकेट प्रशंसकों के बीच अतिरिक्त आकर्षण मिलने की उम्मीद है।
रहाणे ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा
अजिंक्य रहाणे भी भारतीय टेस्ट क्रिकेट के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में रहे हैं। उन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की।
रहाणे की तकनीक, शांत स्वभाव और नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें भारतीय क्रिकेट में खास सम्मान मिला है। अब ETPL में उनके खेलने से उनके प्रशंसकों को उन्हें एक नए टी20 मंच पर देखने का मौका मिलेगा।
क्या अश्विन और रहाणे ETPL की लोकप्रियता बढ़ा पाएंगे?
ETPL के लिए सबसे बड़ी चुनौती नई लीग के रूप में अपनी पहचान बनाना होगी। ऐसे में अश्विन और रहाणे जैसे भारतीय क्रिकेटरों की मौजूदगी निश्चित रूप से इसके लिए फायदेमंद हो सकती है।
भारत में इन दोनों खिलाड़ियों की मजबूत पहचान है और विदेशों में भी उनके प्रशंसकों की संख्या कम नहीं है। इसके अलावा केशव महाराज, मैथ्यू हेडन जैसे चर्चित क्रिकेट नामों के जुड़ने से लीग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद मिल सकती है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ETPL मैदान पर कितनी प्रतिस्पर्धा पैदा करती है और दर्शकों के बीच कितनी लोकप्रिय होती है।













