ODI : कौन-सी गेंद पुरानी हो रही है…—हर्षित ने ODI गेंदबाजी के माइक्रो-डिटेल्स खोले

Atul Kumar
Published On:
ODI

ODI – रायपुर की हवा में हल्की ठंडक है, लेकिन भारतीय टीम के कैंप में कुछ और ही गर्मी तैर रही है—तेज़ गेंदबाज हर्षित राणा फिर सुर्खियों में हैं। वजह इस बार उनका प्रदर्शन नहीं, बल्कि वह लगातार उठने वाली फुसफुसाहटें कि मुख्य कोच गौतम गंभीर उन्हें “ज्यादा सपोर्ट” करते हैं।
लेकिन मंगलवार के प्रैक्टिस से पहले हर्षित की आवाज़ में साफ़ दृढ़ता थी—“मैं बाहर का शोर सुनूंगा तो क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगा।”

23 साल का यह तेज गेंदबाज अब भारतीय सेटअप का स्थायी हिस्सा बन चुका है—ऑस्ट्रेलिया में पर्थ टेस्ट से डेब्यू, फिर सभी प्रारूपों में मौके, और अब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जारी वनडे सीरीज में नई भूमिका। गंभीर के कार्यकाल में हर्षित को बैकिंग जरूर मिली है, लेकिन गेंद उनके हाथ में ही बोलती है—यह बात वह खुद भी मानते हैं।

“अगर शोर सुनने लगा तो खत्म”—हर्षित का साफ़ संदेश

पहले वनडे में भारत ने रांची में रोमांचक जीत दर्ज की और हर्षित का स्पेल वहां दो चेहरों वाला रहा।
अंतिम ओवरों में उनका नियंत्रण थोड़ा डगमगा गया, लेकिन शुरुआती ओवरों में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के टॉप-ऑर्डर में दरार डाल दी—3 विकेट, 65 रन—और मैच का रुख मोड़ा।

प्रैक्टिस सत्र से पहले जब उनसे सोशल मीडिया आलोचनाओं और “गंभीर का फेवरिट” टैग के बारे में पूछा गया, तो जवाब बिल्कुल सीधी रेखा में था:

“अगर मैं इन सब बातों को सुनना शुरू कर दूं और उन्हें दिमाग में रखकर मैदान पर उतरूं तो मैं क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगा… मैं बस इस बात पर ध्यान देता हूं कि मुझे मैदान पर क्या करना है।”

रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में वह यह बात कह रहे थे, और उनकी बॉडी लैंग्वेज से साफ था कि आलोचनाओं की चुभन है, लेकिन विचलन नहीं।

गंभीर–हर्षित कथा: क्या वाकई कुछ ‘ज्यादा सपोर्ट’ वाला मामला है?

गंभीर नाइट राइडर्स के दिनों से ही युवा तेज गेंदबाजों को लंबी रस्सी देते आए हैं—चाहे वह नागरकोटि हों, शिवम मावी, प्रसिद्ध कृष्णा या अब हर्षित राणा।
उनका सिद्धांत है: “अगर टैलेंट है, तो दो-तीन खराब मैचों से डरकर छोड़ा नहीं जाता।”

हर्षित को भी भरोसा मिला है—इसमें दो बातें एक साथ सच हो सकती हैं:

  1. हाँ, गंभीर का भरोसा अद्भुत है।
  2. और हाँ, हर्षित ने मौके को बचपन की तरह दबोचने की कोशिश की है।

टीम मैनेजमेंट इन्हें अगले 2–3 साल के प्रोजेक्ट पेसर के तौर पर देख रहा है—गति, बाउंस, और नई गेंद से मूवमेंट… यह पैकेज लंबे समय में सेटअप बदल सकता है।

नई गेंद पर काम—मोर्कल और अर्शदीप से सिखाई बारीकियाँ

हर्षित ने बताया कि उनकी नई गेंद की सबसे बड़ी ट्रेनिंग मोर्ने मोर्कल और अर्शदीप सिंह के साथ चल रही है।

“नई गेंद से मैं मोर्ने (मोर्कल) के साथ बहुत अभ्यास कर रहा हूं… अर्शदीप से बहुत बात करता हूं। उसके पास बहुत अनुभव है।”

मोर्कल का लंबा कद और हाई रिलीज़ पॉइंट—हर्षित का बॉडी स्ट्रक्चर भी कुछ वैसा ही है। भारत के तेज गेंदबाजों के विकास कार्यक्रम (BCCI pathways, में यह लाइन अक्सर दोहराई जाती है कि हर युवा पेसर को “स्प्रिंग बोर्ड बाउंस” और “हॉरिजॉन्टल सीम” की बारीकियाँ सीखनी चाहिए—हर्षित इसी बेस पर काम कर रहे हैं।

अर्शदीप से सलाह लेना दिलचस्प है—क्योंकि वह डेथ ओवर्स में टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज हैं।
हर्षित के लिए यह कौशल बेहद जरूरी है—पहले वनडे में 47वें ओवर के दौरान जो ढील दिखी, उसे सुधारने के लिए यह सीख सोने पर सुहागा हो सकती है।

“एक गेंद का नियम” और आधुनिक ODI में गेंदबाज की मानसिकता

भारत में सीमित ओवरों के क्रिकेट में अक्सर चर्चा होती है—वनडे में दो नई गेंदों का होना गेंदबाजों को कितना प्रभावित करता है।
लेकिन हर्षित ने एक दिलचस्प बात कही:

“हम हमेशा देखते हैं कि दोनों गेंदों में से कौन सी ज्यादा पुरानी हो रही है… उसी से गेंदबाज को थोड़ी मदद मिलती है।”

यह छोटी-सी बात है, लेकिन टीम की रणनीति पर इसका असर बड़ा है।
बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान हुआ है, लेकिन गेंदबाजों के लिए रेवरस या हल्का ग्रिप हासिल करना मैच की दिशा बदल सकता है।

कोहली–रोहित का प्रभाव: “ड्रेसिंग रूम में होना ही काफी है”

हर्षित के चेहरे पर सबसे ज्यादा चमक तब आई जब उनसे पूछा गया कि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे लेजेंड्स के साथ खेलना कैसा होता है।

“अगर ऐसे अनुभवी खिलाड़ी आपके साथ ड्रेसिंग रूम में हैं तो टीम का माहौल एकदम बदल जाता है… यह पूरी टीम के लिए खुशी का माहौल है।”

ये लाइन बताती है कि युवा तेज गेंदबाजों पर सीनियर खिलाड़ियों की मौजूदगी किस तरह असर डालती है—कई बार सिर्फ दो वाक्य का सुझाव करियर का पूरा ट्राजेक्टरी बदल देता है।

और बुधवार के मुकाबले में, पारी ब्रेक के दौरान टी20 विश्व कप जर्सी का अनावरण भी होने वाला है—इससे माहौल का उत्साह और बढ़ेगा।

प्रदर्शन की कहानी: अच्छे स्पेल, सीखने वाले ओवर और आगे की राह

पहले वनडे का उनका विश्लेषण अगर एक लाइन में किया जाए तो—
Match-shaping start, learning-heavy finish.

भारत के तेज गेंदबाजों के लिए यह सामान्य है।
उम्र 23—स्पीड 140+—और आत्मविश्वास ऐसा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो बार भी नहीं रुके।
भारत को अगले तीन वर्षों में जो तेज गेंदबाजी कोर चाहिए—हर्षित उसमें एक बड़ा टुकड़ा बन सकते हैं।

टॉस के बाद फाइनल टीम चाहिए तो, अभी जॉइन करे Cricketyatri का Telegram चैनल- Join Now




Atul Kumar

Atul Kumar

क्रिकेट को देखता हूं और समझता हूं और आप लोगों तक नए-नए सूचनाएं पहुंचाने की कोशिश करता हूं। लाइफ में हमेशा नई-नई चीजों को सीखने का शौक रखता हु, पुराने न्यूज़ को नए तरीके से प्रस्तुत करता हूं।

Follow Us On

Related Articles

Kohli
|

Kohli : Virat Kohli की सलाह नहीं भूले Jordan Cox, पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले RCB के पूर्व साथी ने खोला राज

Kohli – इंग्लैंड को 19 अगस्त से पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। इस सीरीज के लिए इंग्लैंड की टीम ...

Pant
|

Pant : Rishabh Pant ने रचा इतिहास, टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बने; Adam Gilchrist का रिकॉर्ड तोड़ा

Pant – भारत के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने मंगलवार को टेस्ट क्रिकेट में इतिहास रच दिया। श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा ...

R Ashwin
|

R Ashwin : R Ashwin ने Sanjay Manjrekar की आलोचना को बनाया अपनी ताकत, बोले- ‘आर्टिकल मेरे लिए गुरु की तरह आया और जिंदगी बदल दी’

R Ashwin – टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने करियर के शुरुआती दौर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा ...

India vs Sri Lanka
|

India vs Sri Lanka : गॉल टेस्ट में जीत के लिए टीम इंडिया को अपनानी होगी आक्रामक रणनीति, बारिश बन सकती है सबसे बड़ी चुनौती

India vs Sri Lanka – गॉल में श्रीलंका के खिलाफ जारी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में टीम इंडिया मजबूत स्थिति ...

Pujara
|

Pujara : Cheteshwar Pujara की Blind Ranking ने चौंकाया, Joe Root नंबर-1; Shubman Gill दूसरे तो Yashasvi Jaiswal पांचवें

Pujara – भारत के पूर्व दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने मौजूदा दौर के छह प्रमुख टेस्ट बल्लेबाजों की ब्लाइंड रैंकिंग की है। इस ...

Australia
|

Australia : 9 विकेट की हार के बाद बड़ा फैसला, Jake Weatherald टीम से बाहर; Matt Renshaw की वापसी

Australia – ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में 9 विकेट से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। डार्विन ...