India : कुंबले–प्रसाद का हमला – ऑलराउंडर्स से टेस्ट नहीं जीतते कह दी बड़ी बात

Atul Kumar
Published On:
India

India – दक्षिण अफ्रीका से 0–2 की करारी हार के बाद भारतीय टेस्ट क्रिकेट पर जिस तरह सवालों की बौछार हुई है, उसमें अब सिर्फ फैंस या पत्रकार ही नहीं—देश के दो सबसे बड़े पूर्व खिलाड़ी अनिल कुंबले और वेंकटेश प्रसाद भी खुलकर आलोचना की पहली लाइन में आ गए हैं।

गुवाहाटी में 408 रनों की शर्मनाक हार ने कई परतें खोल दी हैं—रणनीति पर संदेह, टीम संयोजन पर भ्रम, और ऑलराउंडर्स पर अति-निर्भरता का मसला अब भारतीय क्रिकेट की नई बहस बन चुका है।

“इतने ऑलराउंडर्स से टेस्ट नहीं जीतते” — कुंबले का तीखा बयान

अनिल कुंबले जैसे खिलाड़ी आम तौर पर कूटनीतिक भाषा में बोलते हैं, लेकिन इस बार उनके शब्दों में खासी तल्खी दिखी।
उन्होंने साफ कहा कि टीम में लगातार बदलाव और बल्लेबाजी क्रम में अस्थिरता ने भारत को मुश्किल में डाला है।

कुंबले के सबसे मजबूत बिंदु:

  • “टेस्ट मैच में अलग मानसिकता की जरूरत होती है।”
  • “इतने सारे ऑलराउंडर से काम नहीं चलता।”
  • “हर दूसरे मैच नया खिलाड़ी—तीन हटे, दो आए—ऐसे टेस्ट स्थिर नहीं होता।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि पिछले छह–आठ महीनों में विराट कोहली, रोहित शर्मा, आर. अश्विन और चेतेश्वर पुजारा जैसे दिग्गजों के रिटायर होने के बाद टीम को आत्ममंथन की जरूरत है, न कि “सीखने वाले खिलाड़ियों” से टीम भरने की।

कुंबले की चिंता दरअसल एक गहरी समस्या की तरफ इशारा करती है

जब आपके पास 8–9 पक्के टेस्ट-स्तर के खिलाड़ी हों, तभी 1–2 युवाओं को “सीखने का मौका” मिलता है।
लेकिन इंडिया की हालिया टीम में उलटा चल रहा है—2–3 अनुभवी और बाकी प्रयोग।
ऐसे में न संस्कृति बनती है, न पहचान।

“खराब कौशल, खराब रणनीति, खराब रवैया” — वेंकटेश प्रसाद का सीधा हमला

प्रसाद सोशल मीडिया पर पहले से ही अपने बेबाक विचारों के लिए जाने जाते हैं।
लेकिन दक्षिण अफ्रीका श्रृंखला के बाद उनका बयान और तीखा था:

  • “टेस्ट क्रिकेट में भारत के रवैये से निराश हूं।”
  • “ऑलराउंडर्स पर इतना जोर देना समझ से परे है—खासकर जब आप उनसे गेंदबाजी ही नहीं करा रहे।”
  • “खराब रणनीति, खराब कौशल और गलत बॉडी लैंग्वेज की वजह से हम लगातार दो सीरीज में सूपड़ा साफ करवा चुके हैं।”

भारत घरेलू टेस्ट में ऐसा लड़खड़ाएगा—यह किसी ने सोचा भी नहीं था।
न्यूज़ीलैंड की 0–3 हार, SA से 0–2 हार…यह ऐसे ट्रेंड हैं जो भारत की “होम बुलवर्क” पहचान को चुनौती दे रहे हैं।

केविन पीटरसन का तंज—“भारत घर में हारता नहीं, जब तक कुछ बहुत गलत न हो”

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन, जिनके खिलाफ भारत ने कई यादगार मुकाबले खेले, उन्होंने भी सवाल उठाए:

“भारत अपनी धरती पर कभी नहीं हारता—जब तक विपक्ष के खिलाड़ी कोई असाधारण पारी न खेल दें। तो फिर पिछले कुछ सालों में भारत को क्या हो गया है?”

पीटरसन का मतलब साफ है—समस्या सिर्फ विपक्ष की ताकत नहीं, भारतीय टीम के भीतर भी बिगड़ती संरचना है।

क्या यह सब गंभीर की रणनीति पर सीधी चोट है?

गौतम गंभीर बीते कुछ दिनों से लगातार आलोचना के घेरे में हैं—
न्यूज़ीलैंड से 0–3 की हार, ऑस्ट्रेलिया से बॉर्डर-गावस्कर खोना, और अब 25 साल बाद घरेलू सरज़मीं पर SA के हाथों क्लीन स्वीप।

कुंबले ने बदलावों पर सवाल उठाए,
प्रसाद ने रवैये पर,
पीटरसन ने पहचान पर—
जो यह बताता है कि समस्या एक आयामी नहीं, बहुआयामी है।

टीम संयोजन—भारत ऑलराउंडर मॉडल में ओवरकरेक्शन कर रहा है?

टेस्ट क्रिकेट की असली बुनियाद होती है:

  • 5–6 भरोसेमंद बल्लेबाज
  • 1 विकेटकीपर
  • 3–4 विशेषज्ञ गेंदबाज

लेकिन भारत ने यह मॉडल तोड़कर “ऑलराउंडर भारी” टीम चुनी है—कभी 3 स्पिन-ऑलराउंडर, कभी 2 सीम-ऑलराउंडर, कभी हाइब्रिड बल्लेबाज।

समस्या यह है:

  • न ये खिलाड़ी लंबे समय तक टिकते हैं
  • न बड़ी पारी खेलते हैं
  • न लंबे स्पेल फेंकते हैं

पर टीम का संतुलन बिगड़ जाता है, और टेस्ट मैच लंबे प्रारूप से हटकर “फटाफट” फैसला बन जाते हैं—जो SA ने सही तरीके से भुनाया।

कुंबले का असली संदेश—“जागो, पहचान बचाओ”

कुंबले ने अपने बयान में यह भी कहा कि:

“आप इन परिणामों को भूल नहीं सकते। बात करनी होगी कि आगे टेस्ट क्रिकेट को कैसे बचाया जाए।”

यह बात हल्की नहीं है।
टेस्ट क्रिकेट भारत में सांस्कृतिक संपत्ति की तरह माना जाता है।
और जब ऐसे खिलाड़ी बोलते हैं जो खुद 18 साल टेस्ट क्रिकेट की रीढ़ रहे हों, तो संदेश सिर्फ आलोचना नहीं—चेतावनी होता है।

भारत की लगातार दो क्लीन स्वीप हार: सिर्फ संयोग नहीं, पैटर्न बन चुका है

  • 2024: न्यूजीलैंड ने भारत को 3–0 से हराया
  • 2025: दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 2–0 से हराया

तीन में दो घरेलू टेस्ट सीरीज में “सूपड़ा साफ।”
यह भारत के इतिहास के बिल्कुल उलट है, जहां 2012 के बाद से भारत लगभग अजेय रहा है।

टॉस के बाद फाइनल टीम चाहिए तो, अभी जॉइन करे Cricketyatri का Telegram चैनल- Join Now




Atul Kumar

Atul Kumar

क्रिकेट को देखता हूं और समझता हूं और आप लोगों तक नए-नए सूचनाएं पहुंचाने की कोशिश करता हूं। लाइफ में हमेशा नई-नई चीजों को सीखने का शौक रखता हु, पुराने न्यूज़ को नए तरीके से प्रस्तुत करता हूं।

Follow Us On

Related Articles

Kohli
|

Kohli : Virat Kohli की सलाह नहीं भूले Jordan Cox, पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले RCB के पूर्व साथी ने खोला राज

Kohli – इंग्लैंड को 19 अगस्त से पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। इस सीरीज के लिए इंग्लैंड की टीम ...

Pant
|

Pant : Rishabh Pant ने रचा इतिहास, टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बने; Adam Gilchrist का रिकॉर्ड तोड़ा

Pant – भारत के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने मंगलवार को टेस्ट क्रिकेट में इतिहास रच दिया। श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा ...

R Ashwin
|

R Ashwin : R Ashwin ने Sanjay Manjrekar की आलोचना को बनाया अपनी ताकत, बोले- ‘आर्टिकल मेरे लिए गुरु की तरह आया और जिंदगी बदल दी’

R Ashwin – टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने करियर के शुरुआती दौर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा ...

India vs Sri Lanka
|

India vs Sri Lanka : गॉल टेस्ट में जीत के लिए टीम इंडिया को अपनानी होगी आक्रामक रणनीति, बारिश बन सकती है सबसे बड़ी चुनौती

India vs Sri Lanka – गॉल में श्रीलंका के खिलाफ जारी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में टीम इंडिया मजबूत स्थिति ...

Pujara
|

Pujara : Cheteshwar Pujara की Blind Ranking ने चौंकाया, Joe Root नंबर-1; Shubman Gill दूसरे तो Yashasvi Jaiswal पांचवें

Pujara – भारत के पूर्व दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने मौजूदा दौर के छह प्रमुख टेस्ट बल्लेबाजों की ब्लाइंड रैंकिंग की है। इस ...

Australia
|

Australia : 9 विकेट की हार के बाद बड़ा फैसला, Jake Weatherald टीम से बाहर; Matt Renshaw की वापसी

Australia – ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में 9 विकेट से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। डार्विन ...